मेरठ मेडिकल में शव बदलने के मामले में छह स्टाफ नर्स और 4 वार्ड ब्वाय पर गिरी गाज
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मेरठ मेडिकल कॉलेज में शव बदलने के मामले में तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्राचार्य ने कार्रवाई की है। सिस्टर इंचार्ज को रात में ही हटा दिया गया था, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति कर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक को लिखा गया है।
ड्यूटी पर रही अवनी परिधि की छह स्टाफ नर्स को हटाकर दूसरी स्टाफ नर्स तैनात करने के लिए अवनी परिधि सेवा प्रदाता कंपनी को लिखा गया है।चार वार्ड ब्वाय जो विश्वा कंपनी के हैं। उनको हटाकर दूसरे वार्ड बॉय तैनात करने के लिए लिखा गया है।
इसके अलावा ड्यूटी पर रहे सात जूनियर और सीनियर रेजिडेंट चिकित्सकों को चेतावनी दी गई है कि वे सजगता, निष्ठा से कार्य करें। अगर इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति होती है तो उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
बता दें कि रविवार को मेरठ मेडिकल में एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई। यहां एक परिवार ने कोविड वार्ड में कोरोना पाॅजिटिव मृतक का शव बदल दिया गया। बताया गया कि मृतक के अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों को मालूम चला कि शव किसी और का है। इसे लेकर परिजनों ने मेडिकल में संपर्क किया।
जानकारी के अनुसार परिजनों का कहना है कि मोदीनगर निवासी मरीज को बीते दिनों पैरालिसिस के चलते उन्होंने मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया था। जहां बाद में वह कोरोना पाॅजिटिव हो गए थे।
मेरठ मेडिकल कॉलेज के कोरोना पॉजिटिव मरीज का शव बदलने की लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी मेरठ अनिल ढींगरा ने तुरंत संज्ञान लिया। इसके बाद अपर जिलाधिकारी नगर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तुरंत मेडिकल कॉलेज भेजा। दोनों अधिकारियो की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई। जिसके बाद इस मामले में ये कार्रवाई की गई है।
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