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जमीन में दबे टैंकों पर टिकी एसआईटी जांच, फर्म से बरामद हुआ था 71 हजार लीटर से ज्यादा अवैध केरोसिन
Sun, 22 Sep 2019 02:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 22 Sep 2019 02:30 AM IST
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पेट्रोल पंप के गोदाम पर छापेमारी
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ मेंं एसआईटी में अतिरिक्त तीन इंस्पेक्टर लगाने के बावजूद तेल के खेल की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। पूरे मामले की जांच जमीन में दबे टैंकों पर आकर टिक गई है। शनिवार को आईजी रेंज आलोक सिंह ने कानून व शांति व्यवस्था को लेकर आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में भी टैंकों को खुदवाने की बात रखी।
आईजी ने बैठक में तेल के खेल की जांच का मामला उठाया। बताया कि टीपीनगर और परतापुर में 20 अगस्त को पारस, गणपति केमिकल फैक्टरी में नकली पेट्रोल डीजल बनने, सात सितंबर को परतापुर कुंडा में रतिराम खूबचंद फर्म से 71 हजार लीटर से ज्यादा अवैध केरोसिन और टीपीनगर में विशाल जैन की डीपी पेट्रो केम में छापा मारकर बड़ी मात्रा में काला तेल बरामद किया था।
इन चारों मामलों की जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी का कहना कि जमीन में दबे टैंकों की खुदाई होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितना अवैध तेल है। उसके बाद ही जांच आगे बढ़ेगी। लैब में भेजे सैंपल की रिपोर्ट भी अभी तक नहीं आई है। जमीन में दबे टैंकों को निकलवाने के लिये पुलिस कई बार आईओसीएल को रिमाइंडर भेज चुकी है। लेकिन वहां से भी कोई गंभीरता इस प्रकरण को लेकर नजर नहीं आ रही है।
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आईजी ने बैठक में तेल के खेल की जांच का मामला उठाया। बताया कि टीपीनगर और परतापुर में 20 अगस्त को पारस, गणपति केमिकल फैक्टरी में नकली पेट्रोल डीजल बनने, सात सितंबर को परतापुर कुंडा में रतिराम खूबचंद फर्म से 71 हजार लीटर से ज्यादा अवैध केरोसिन और टीपीनगर में विशाल जैन की डीपी पेट्रो केम में छापा मारकर बड़ी मात्रा में काला तेल बरामद किया था।
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इन चारों मामलों की जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी का कहना कि जमीन में दबे टैंकों की खुदाई होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितना अवैध तेल है। उसके बाद ही जांच आगे बढ़ेगी। लैब में भेजे सैंपल की रिपोर्ट भी अभी तक नहीं आई है। जमीन में दबे टैंकों को निकलवाने के लिये पुलिस कई बार आईओसीएल को रिमाइंडर भेज चुकी है। लेकिन वहां से भी कोई गंभीरता इस प्रकरण को लेकर नजर नहीं आ रही है।
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