फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   sister tied rakhi on brother wrist after four year on court order in Meerut

यूपी: चार साल से सूनी थी भाई की कलाई, रक्षाबंधन पर कोर्ट ने बंधवाई राखी

Sat, 17 Aug 2019 01:00 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 17 Aug 2019 01:00 PM IST
विज्ञापन
sister tied rakhi on brother wrist after four year on court order in Meerut
कोर्ट चेंबर में बहन आरुषि व भाई पार्थ - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में इस बार रक्षाबंधन पर अनोखा मामला देखने में आया। यहां एक मां की मौत के बाद से बेटी ननिहाल में तो बेटा पिता के पास रह रहा है। दोनों ही पक्ष बच्चों को अपनी कस्टडी में रखने का मामला कोर्ट में लड़ रहे हैं।
विज्ञापन


लेकिन इस रक्षाबंधन पर न्यायालय द्वारा आदेश रूपी सराहनीय पहल की गई। कोर्ट चेंबर में बहन आरुषि ने भाई पार्थ की चार साल से सूनी कलाई पर प्यार बांधा तो सभी भावुक हो गए। भाई ने भी बेहतर समय की उम्मीद करते हुए बदले में कलाई घड़ी गिफ्ट की।
विज्ञापन


मेरठ कचहरी में पारिवारिक विवादों से इतर रक्षाबंधन पर एक सुखद नजारा देखने को मिला। एडवोकेट डीडी शर्मा ने बताया कि प्रभात नगर निवासी पंकज शर्मा की वर्ष 2000 में सोमदत्त विहार निवासी डॉ. बबीता शर्मा से शादी हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंकज वर्तमान में मुजफ्फरनगर में शुगर मिल में डिप्टी मैनेजर हैं जबकि पंकज के पिता राधेश्याम शर्मा पूर्व चीफ वेटनरी ऑफिसर हैं। 2003 में बेटी आरुषि व 2010 में बेटा पार्थ पैदा हुआ। साल 2015 में डॉ. बबीता की संदिग्ध हालात में मौत होने पर मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मां की मौत के बाद से दोनों बच्चे पिता के ही पास ही थे।

पंकज शर्मा ने बताया पत्नी की मौत के कुछ दिनों बाद बेटी आरुषि को उसका मामा विपुल और मामी मनीषा छुट्टियों की बात कहकर साथ ले गए थे। लेकिन उसके बाद बेटी को भेजने से मना कर दिया। उस समय आरुषि की उम्र 12 वर्ष और बेटे पार्थ की उम्र मात्र 5 वर्ष थी।

दोनों बच्चों पर मायके और ससुराल पक्ष के लोग अपना-अपना दावा कर रहे हैं। पिछले चार साल से आरुषि और पार्थ रक्षाबंधन का त्योहार भी नहीं मना रहे थे। लेकिन पिता की गुहार पर बृहस्पतिवार को रक्षाबंधन के त्योहार पर कोर्ट के आदेश पर आरुषि ने न्यायिक अधिकारी के चेंबर में भाई पार्थ को राखी बांधकर रक्षाबंधन मनाया।

यूपी: बागपत में किसान की धारदार हथियार से चेहरे पर वारकर हत्या, पुलिस मौके पर

बेहद भावुक रहे क्षण
16 साल की आरुषि ने नौ साल के भाई पार्थ को दो राखियां बांधीं और आशीर्वाद के साथ मुंह मीठा कराया। पार्थ कलाई पर बहन का प्यार बंधवाकर बहुत खुश हुआ। इस दौरान वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। दो परिवारों के विवाद के बावजूद भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की मजबूती को इसी से समझा जा सकता है। पिता पंकज शर्मा ने बताया कि बेटी के 5 अक्तूबर को जन्मदिन पर भी कोर्ट ने बहन-भाई को मिलवाने को कहा था। लेकिन मायके पक्ष कोर्ट में नहीं आया था।

अधर में बच्चों का भविष्य 
आरुषि वर्तमान में सोफिया गर्ल्स स्कूल में 11वीं तो पार्थ दीवान पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा में हैं। मां की मौत के बाद दोनों पक्षों के विवाद ने जहां भाई-बहन को अलग कर दिया तो दोनों बच्चों का भविष्य अधर में है।

मायके पक्ष ने की अभद्रता 
कचहरी में मीडिया ने मायके पक्ष से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने अभद्रता करनी शुरू कर दी। जिसके बाद मायके पक्ष आरुषि को राखी बंधवाने के बाद वापिस ले गया। एडवोकेट डीडी शर्मा ने बताया पिता पंकज ने बेटी आरुषि की कस्टडी का मामला फैमिली कोर्ट में, जबकि नानी द्वारा संरक्षण में लेने का मामला एडीजे कोर्ट संख्या 15 के यहां विचाराधीन है।

सहारनपुर: विद्युत तार टूटकर गिरने से व्यक्ति की मौत, ग्रामीणों का हंगामा, सड़क पर शव रखकर लगाया जाम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed