साहब! बहन से बात करता था इसलिए मार डाला, रची थी खतरनाक साजिश
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मेरठ में करीब दो माह पहले दिल्ली रोड से अपहृत निखिल की अवैध संबंधों के शक में उसके दोस्तों ने ही हत्या कर दी। बाद में शव को भोला की झाल के पास रजवाहे में फेंक दिया। वहीं पीड़ित परिजन बेटे की बरामदगी के लिए पुलिस अफसरों से गुहार लगा रहे थे और पुलिस ने शव का लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया। ब्रह्मपुरी पुलिस ने घटना का खुलसा कर उसके दो दोस्तों (चाचा- भतीजे) को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी सिटी मानसिंह चौहान और सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया ने रविवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि टीपीनगर थाना क्षेत्र के मेवला गांव निवासी निखिल (18) पुत्र मुकेश कुमार दिल्ली रोड पर अग्रवाल फर्नीचर शोरूम पर नौकरी करता था। 28 जुलाई की शाम को निखिल शोरूम से काम करने के बाद घर जाने के लिए निकला था। जहां से उसका एक्टिवा सवार उसके ही दोस्तों ने अपहरण कर लिया। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। निखिल के पिता ने ब्रह्मपुरी थाने में अज्ञात में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। निखिल के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लेकर पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पूरा मामला खुलता चला गया।
रविवार को ब्रह्मपुरी पुलिस ने निखिल की हत्या में मुख्य आरोपी राजन पुत्र धर्मपाल निवासी बेरीपुरा थाना टीपीनगर और उसके भतीजे आकाश पुत्र हरीश निवासी बेरीपुरा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू और अपहरण के दौरान इस्तेमाल की गई राजन की एक्टिवा, निखिल का मोबाइल बरामद किया है। मुख्य आरोपी राजन ने बताया कि निखिल उसके साथ अग्रवाल फर्नीचर पर काम करता था, जो अच्छा दोस्त भी था। पिछले साल नवंबर में उसकी बहन की शादी थी, जिसमें निखिल कई दिन तक साथ रहा और शादी के कामकाज में हाथ बंटाया। उसके बाद निखिल राजन की छोटी बहन से बात करने लगा। कई बार उसे समझाया, लेकिन वह नहीं माना। जिसके बाद पूरी प्लानिंग के साथ निखिल का अपहरण कर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर शव को रजवाहे में फेंक दिया था।
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पुलिस की लापरवाही
पांच अगस्त को जानी क्षेत्र में निखिल की लाश मिली थी, लेकिन पुलिस ने मेरठ में पहचान कराने की कोशिश नहीं की। अगर पुलिस कोशिश करती तो निखिल के परिजनों को उसकी लाश तो नसीब हो जाती। जानी पुलिस ने शव का लावारिस में अंतिम संस्कार कर कपड़े और हाथ का कड़ा सुरक्षित थाने में रख लिया था। हत्यारोपियों के पकड़े जाने के बाद पूरा केस खुला तो पता चला कि शव निखिल का था।
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फफक पड़े परिजन
सीओ ब्रह्मपुरी ने बताया मुकेश कुमार शिक्षक हैं। उनके दो बेटे में से निखिल की हत्या कर दी गई। परिजन अपहरण की बात कहकर उम्मीद जगा रहे थे कि निखिल मिल जाएगा। पुलिस ने निखिल के कपड़ों और कड़े की पहचान कराई तो परिजन फफक पड़े।
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