{"_id":"6ad0de2f8090f707ac0d97db","slug":"sir-syed-transformed-the-destiny-of-society-and-the-nation-through-education-meerut-news-c-72-1-mct1014-161117-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: सर सैयद ने शिक्षा से बदली समाज और देश की तकदीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: सर सैयद ने शिक्षा से बदली समाज और देश की तकदीर
विज्ञापन
सीसीएसयू के ऊर्दू विभाग में तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन आयोजित कार्यक्रम में मंच पर मौजूद
सीसीएसयू के उर्दू विभाग में जश्न-ए-सर सैयद शुरू, शिक्षा, संस्कार और मानवीय मूल्यों पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, उच्च मानवीय मूल्य और बेहतर व्यक्तित्व का निर्माण भी है। सर सैयद अहमद खान ने आधुनिक शिक्षा के प्रसार के माध्यम से समाज और देश को नई दिशा दी। उनके शैक्षिक मिशन को आगे बढ़ाने के लिए उनके जीवन और विचारों पर शोध जरूरी है। यह बात गुरुवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग में आयोजित तीन दिवसीय जश्न-ए-सर सैयद के उद्घाटन समारोह में वक्ताओं ने कही।
विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग और सर सैयद एजुकेशनल सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कला संकायाध्यक्ष प्रो. अतवीर सिंह ने कहा कि शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और मानवीय मूल्य भी आवश्यक हैं।
पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. जमाल अहमद सिद्दीकी ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का भी केंद्र है। सर सैयद पर अब तक 597 पीएचडी हो चुकी हैं। उन्होंने सर सैयद के शैक्षिक मिशन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। अध्यक्षता करते हुए सर सैयद एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. हाशिम रजा जैदी ने कहा कि सर सैयद ने पूरे समुदाय और देश की तकदीर बदल दी।
विज्ञापन
प्रो. असलम जमशेदपुरी ने उनके विचारों को घर-घर और स्कूलों तक पहुंचाने तथा उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं पर शोध करने की जरूरत बताई। कार्यक्रम का शुभारंभ कुरआन पाठ और नात से हुआ। स्वागत डॉ. इरशाद स्यानवी और संचालन डॉ. शादाब अलीम ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अलका वशिष्ठ ने किया। समारोह में डॉ. ज़की तारिक, खुर्शीद हयात, आफाक अहमद खान, मौलाना नायाबुद्दीन नायाब सहित अनेक शिक्षाविद और साहित्यकार मौजूद रहे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, उच्च मानवीय मूल्य और बेहतर व्यक्तित्व का निर्माण भी है। सर सैयद अहमद खान ने आधुनिक शिक्षा के प्रसार के माध्यम से समाज और देश को नई दिशा दी। उनके शैक्षिक मिशन को आगे बढ़ाने के लिए उनके जीवन और विचारों पर शोध जरूरी है। यह बात गुरुवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग में आयोजित तीन दिवसीय जश्न-ए-सर सैयद के उद्घाटन समारोह में वक्ताओं ने कही।
विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग और सर सैयद एजुकेशनल सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कला संकायाध्यक्ष प्रो. अतवीर सिंह ने कहा कि शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और मानवीय मूल्य भी आवश्यक हैं।
विज्ञापन
पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. जमाल अहमद सिद्दीकी ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का भी केंद्र है। सर सैयद पर अब तक 597 पीएचडी हो चुकी हैं। उन्होंने सर सैयद के शैक्षिक मिशन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। अध्यक्षता करते हुए सर सैयद एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. हाशिम रजा जैदी ने कहा कि सर सैयद ने पूरे समुदाय और देश की तकदीर बदल दी।
विज्ञापन
प्रो. असलम जमशेदपुरी ने उनके विचारों को घर-घर और स्कूलों तक पहुंचाने तथा उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं पर शोध करने की जरूरत बताई। कार्यक्रम का शुभारंभ कुरआन पाठ और नात से हुआ। स्वागत डॉ. इरशाद स्यानवी और संचालन डॉ. शादाब अलीम ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अलका वशिष्ठ ने किया। समारोह में डॉ. ज़की तारिक, खुर्शीद हयात, आफाक अहमद खान, मौलाना नायाबुद्दीन नायाब सहित अनेक शिक्षाविद और साहित्यकार मौजूद रहे।