{"_id":"698f3107909f258b2e098338","slug":"shiva-temples-were-decorated-and-devotees-started-moving-towards-their-destination-meerut-news-c-73-1-mct1008-106350-2026-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: सजे शिवालय, मंजिल की ओर बढ़ने लगे शिवभक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: सजे शिवालय, मंजिल की ओर बढ़ने लगे शिवभक्त
विज्ञापन
सरूरपुर। धनवाली खेडा स्थित शिविर में आराम करते कांवडियां। संवाद
भगवा रंग में रंगी रजबहे की पटरी, गूंजने लगा बम-बम भोले
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। महाशिवरात्रि नजदीक आते ही शिवभक्त कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगी है। रजबहे की पटरी भगवा रंग में रंगी नजर आ रही है। बम-बम भोले का जयघोष करते दिल्ली, बागपत और शामली के कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे है। फाल्गुन मास श्रद्धालु महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
धनवाली खेड़ा, सरधना-बिनौली रोड, सरूरपुर और करनावल में कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था की गई है। जगह-जगह भजन-कीर्तन और हर-हर महादेव के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना है। पिछले साल की तुलना में इस बार कांवड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग और महिलाएं भी भक्ति में लीन दिखाई दे रही है।
हालांकि प्रशासन की ओर से पर्याप्त व्यवस्थाएं न होने के कारण कांवड़ियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रास्तों पर सफाई, प्रकाश और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधाएं न के बराबर है। इसके बावजूद शिवभक्त पूरे उत्साह और आस्था के साथ अपनी यात्रा जारी रखे हुए है।
विज्ञापन
दिल्ली से आए विशु दत्त ने बताया कि वह अपनी पत्नी ममता के साथ पिछले 32 वर्ष गंगाजल लेकर जलाभिषेक करते हैं। इस बार भी परिवार की सुख-समृद्धि की कामना लेकर यात्रा पर निकले है।
बागपत के मुकेश का कहना है कि रास्ते में सुविधाएं कम है, लेकिन भोलेनाथ की कृपा से सारी थकान दूर हो जाती है।
शिवभक्त पिंटू ने बताया कि साथियों के साथ पैदल यात्रा का अलग ही आनंद है। महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर। महाशिवरात्रि नजदीक आते ही शिवभक्त कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगी है। रजबहे की पटरी भगवा रंग में रंगी नजर आ रही है। बम-बम भोले का जयघोष करते दिल्ली, बागपत और शामली के कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे है। फाल्गुन मास श्रद्धालु महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
धनवाली खेड़ा, सरधना-बिनौली रोड, सरूरपुर और करनावल में कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था की गई है। जगह-जगह भजन-कीर्तन और हर-हर महादेव के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना है। पिछले साल की तुलना में इस बार कांवड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग और महिलाएं भी भक्ति में लीन दिखाई दे रही है।
विज्ञापन
हालांकि प्रशासन की ओर से पर्याप्त व्यवस्थाएं न होने के कारण कांवड़ियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रास्तों पर सफाई, प्रकाश और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधाएं न के बराबर है। इसके बावजूद शिवभक्त पूरे उत्साह और आस्था के साथ अपनी यात्रा जारी रखे हुए है।
विज्ञापन
दिल्ली से आए विशु दत्त ने बताया कि वह अपनी पत्नी ममता के साथ पिछले 32 वर्ष गंगाजल लेकर जलाभिषेक करते हैं। इस बार भी परिवार की सुख-समृद्धि की कामना लेकर यात्रा पर निकले है।
बागपत के मुकेश का कहना है कि रास्ते में सुविधाएं कम है, लेकिन भोलेनाथ की कृपा से सारी थकान दूर हो जाती है।
शिवभक्त पिंटू ने बताया कि साथियों के साथ पैदल यात्रा का अलग ही आनंद है। महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

सरूरपुर। धनवाली खेडा स्थित शिविर में आराम करते कांवडियां। संवाद