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Meerut News: शिक्षामित्रों ने 25 जुलाई को काला दिवस के रूप में मनाया
Fri, 26 Jul 2024 03:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 26 Jul 2024 03:34 AM IST
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धामपुर। शिक्षामित्रों ने बृहस्पतिवार को 25 जुलाई को काला दिवस के रूप में मनाया। शिक्षामित्रों ने प्राइमरी विद्यालयों में पहुंच बाजुओं पर काली पट्टी बांध प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध जता शिक्षण कार्य किया। शिक्षामित्रों ने सरकार पर शिक्षामित्र विरोधी होने का आरोप लगाया। स्थायीकरण किए जाने की मांग की। इस दौरान दिवंगत हो चुके शिक्षा मित्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
आदर्श समायोजित शिक्षक-शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सुधीर चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने पिछले सात वर्षों से शिक्षामित्रों को बंधवा मजदूर बना रखा है। 25 जुलाई 2017 को जब से सुप्रीम कोर्ट से उनका सहायक अध्यापक पद से समायोजन रद्द हुआ है। तब से सरकार ने अभी तक उनके मानदेय में एक रूपये की भी बढ़ोतरी नहीं की है। जबकि महंगाई चरम पर है। उनके सामने भरण पोषण की बड़ी दिक्कत पैदा हो गई है । समायोजन के रद्द हो जाने के बाद सात सालों में सैकड़ों शिक्षामित्र अवसाद के चलते शहीद हो गए हैं। लेकिन सरकार को उन पर तरस नहीं आ रहा है। अब शिक्षामित्रों ने प्रदेश आह्वान पर सरकार से आर पार आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। शिक्षामित्रों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से प्रदेश सभी डेढ़ लाख शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक का पद पर समायोजित करने, समान कार्य समान वेतन देने, शिक्षकों की तरह से अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिला अध्यक्ष अजय पाल सिंह, बबीता रानी आदेश सिसोदिया, रविता रानी सन्नो रानी, अर्चना चौहान, पवन चौहान, राजकुमार सैनी, जैनेंद्र कुमार, ओंकार सिंह, केशव त्यागी, उदयवीर सिंह आदि ने शिक्षामित्रों से संगठन को मजबूत कर आंदोलन करने का संकल्प लिया है।
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आदर्श समायोजित शिक्षक-शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सुधीर चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने पिछले सात वर्षों से शिक्षामित्रों को बंधवा मजदूर बना रखा है। 25 जुलाई 2017 को जब से सुप्रीम कोर्ट से उनका सहायक अध्यापक पद से समायोजन रद्द हुआ है। तब से सरकार ने अभी तक उनके मानदेय में एक रूपये की भी बढ़ोतरी नहीं की है। जबकि महंगाई चरम पर है। उनके सामने भरण पोषण की बड़ी दिक्कत पैदा हो गई है । समायोजन के रद्द हो जाने के बाद सात सालों में सैकड़ों शिक्षामित्र अवसाद के चलते शहीद हो गए हैं। लेकिन सरकार को उन पर तरस नहीं आ रहा है। अब शिक्षामित्रों ने प्रदेश आह्वान पर सरकार से आर पार आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। शिक्षामित्रों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से प्रदेश सभी डेढ़ लाख शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक का पद पर समायोजित करने, समान कार्य समान वेतन देने, शिक्षकों की तरह से अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिला अध्यक्ष अजय पाल सिंह, बबीता रानी आदेश सिसोदिया, रविता रानी सन्नो रानी, अर्चना चौहान, पवन चौहान, राजकुमार सैनी, जैनेंद्र कुमार, ओंकार सिंह, केशव त्यागी, उदयवीर सिंह आदि ने शिक्षामित्रों से संगठन को मजबूत कर आंदोलन करने का संकल्प लिया है।
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