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सात महीने बाद भी ठीक नहीं हुई शताब्दी नगर की स्ट्रीट लाइट

Sun, 31 Jan 2021 02:20 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2021 02:20 AM IST
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Shatabdi Nagar's street lights did not fix even after seven months
सात महीने बाद भी ठीक नहीं हुई शताब्दी नगर की स्ट्रीट लाइट
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मेरठ। जनसुनवाई पोर्टल पर की जा रही शिकायतों के बारे में नगर निगम अधिकारियों की गंभीरता की एक और बानगी है। सात महीने पहले खराब हुई स्ट्रीट लाइट की शिकायत का निस्तारण अभी तक नहीं किया जा सका है। हालांकि संबंधित अधिकारी ने शिकायत का जवाब देते हुए जल्द ही लाइट ठीक कराने का आश्वासन दिया था।
शताब्दी नगर निवासी अक्षय भारद्वाज ने 29 जुलाई को अपने घर के सामने की लाइट खराब होने की शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर की थी। इस पर निगम के मार्ग प्रकाश प्रभारी ने ईईएसएल द्वारा जल्द ही लाइट ठीक कराने का आश्वासन दिया था। सात महीने बाद भी खराब लाइट नहीं बदली गई है।
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वहीं शास्त्री नगर निवासी संदीप अरोरा ने 22 जनवरी को के ब्लाक शास्त्री नगर में बंदरों के आतंक से निजात दिलाने का आग्रह किया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने जवाब दिया है कि बंदर पकड़ने के लिए वन विभाग से अनुमति मांगी गई है। अनुमति के बाद अभियान शुरू किया जाएगा।
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लॉकडाउन में दिया गया आधा-अधूरा वेतन
लॉकडाउन में शिक्षकों को वेतन देने के आदेश का तमाम कॉलेजों में पालन नहीं हो रहा है। विद्या कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में विभागाध्यक्ष रहे डॉ. संदीप कुमार कांबोज ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत में आरोप लगाया कि 22 मार्च तक कॉलेज में पढ़ाई हुई थी। इसके बाद लॉकडाउन लग गया। संस्थान की तरफ से मार्च महीने में सिर्फ 35 फीसदी वेतन दिया गया। अप्रैल से वेतन 25 फीसदी कर दिया गया। एक सितंबर से उनको कह दिया गया कि बिना वेतन के छुट्टी पर रहें।
डॉ. संदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने संस्थान के अधिकारियों से ऐसा नहीं करने को कहा लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं मानी। उन्होंने धरना भी दिया लेकिन वेतन नहीं दिया गया। सितंबर में इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर कर दी लेकिन आज तक भी समस्या हल नहीं हुई है। बाद में उन्होंने एकेटीयू के पोर्टल और प्रधानमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की।
इस मामले में कॉलेज के प्रेस प्रवक्ता पारस खंडूजा का कहना है कि उनको संस्थान ने वेतन देने के लिए कई बार बुलाया लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हैं। धीरे-धीरे सबका वेतन दिया जा रहा है। छात्र-छात्राओं से पूरी फीस आने पर सभी का वेतन दे दिया जाएगा।
प्रवेश पत्र नहीं निकला, परीक्षा से वंचित
बागपत रोड निवासी मनीष कुमार को 24 जनवरी (रविवार) को स्टाफ नर्स की परीक्षा देनी थी। प्रवेश पत्र नहीं निकलने के कारण वह परीक्षा से वंचित रह गए। मनीष ने बताया कि 18 जनवरी को उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल पर इसकी शिकायत की थी। इसका जवाब नहीं आया। यह संविदा भर्ती नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) की तरफ से निकाली गई थी। इसके लिए जो संपर्क नंबर दिए गए थे, उन पर भी कोई जानकारी नहीं मिली। इस संबंध में एनएचएम की जिला प्रभारी एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया प्रदेश स्तर पर हुई। परीक्षा भी लखनऊ में थी। इस बारे में प्रदेश स्तर से जानकारी की जा सकती है।

सड़क पर ब्रेकर बनाने की मांग खारिज
मेरठ। पीएल शर्मा रोड निवासी अंकुर बंसल ने नगर आयुक्त मनीष बंसल को ट्वीट कर पीएल शर्मा रोड पर चार पांच अवरोधक बनाने की मांग की थी। यह शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर भी दर्ज कराई थी। नगर निगम के निर्माण विभाग ने अवरोध बनने से हादसों की संख्या में इजाफा होने की बात कहकर शिकायत को खारिज कर दिया। अंकुर बंसल का कहना है अधिकारियों ने बिना स्थलीय परीक्षण के मांग खारिज कर दी। ब्यूरो
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