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Meerut News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर व्यापारियों का बयान....
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जोड़ न्यूज......
- कार्रवाई से पहले व्यापारियों के पुनर्वास की व्यवस्था हो
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान है लेकिन मामला अब 16,726 संपत्तियों का है। इसके बाद जोन बी, सी और डी के सर्वे में व्यापारी संगठनों को विश्वास में लेकर प्रभावित व्यापारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। - तरुण कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ।
.....
- शास्त्रीनगर के हजारों व्यापारियों की रोजी-रोटी का सवाल गंभीर
- कानून का सम्मान करते हुए सरकार व्यापारियों की स्थिति का निष्पक्ष आकलन करे। किसी भी कार्रवाई से पहले पुनर्वास या वैकल्पिक व्यापारिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। — मनोज गर्ग, अध्यक्ष, तिरंगा चौक व्यापार संघ, सेक्टर-2, शास्त्रीनगर।
......
- दुकान उजड़ी तो परिवार की रोजी रोटी पर संकट आएगा
- वर्षों की मेहनत और जीवनभर की कमाई से कारोबार खड़ा किया है। सरकार ऐसा रास्ता निकाले जिससे कानून का पालन भी हो और व्यापारी व उसके परिवार की रोजी रोटी भी सुरक्षित रहे। — अनिल जैन, सराफ व्यापारी।
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- अब केवल आश्वासन नहीं सरकार से ठोस समाधान चाहिए
- अब 16,726 संपत्तियों या शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट तक सीमित नहीं है। पूरा शहर प्रभावित हो गया है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनप्रतिनिधियों व व्यापारी संगठनों के साथ तत्काल समाधान निकालें। — नवीन गुप्ता, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ।
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- सभी लोगों को मिलनी चाहिए राहत
- कई मॉल को पहले अवैध बताकर सील किया गया फिर उन्हें यथावत रहने दिया गया। अब पूरा शहर प्रभावित है। ऐसे में सभी को राहत मिलनी चाहिए।— श्रीकृष्ण गुप्ता, महामंत्री, वैश्य महासंघ।
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- शहर की समस्या को सब एकजुट होकर देखें
- यह मामला व्यापारियों, दुकानदारों, मकान मालिकों और उनसे जुड़े लोगों की रोजी रोटी से जुड़ा है। सरकार, एमडीए, नगर निगम, जनप्रतिनिधि और व्यापारिक संगठन साथ बैठकर व्यावहारिक समाधान निकालें। — मनोज गुप्ता, अध्यक्ष, शहर रामलीला कमेटी।
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- बड़े पैमाने पर सीलिंग से व्यापार और रोजगार प्रभावित होगा
- जोन ए के निर्माणों को लेकर हजारों परिवारों और व्यापारियों के सामने अनिश्चितता पैदा हो गई है। बड़ी कार्रवाई होने पर इसका असर व्यापार, रोजगार और शहर की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है।— विपुल सिंघल, व्यापारी नेता, मेरठ
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- कार्रवाई का असर हजारों परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा
- मकानों, दुकानों और प्रतिष्ठानों पर बड़े स्तर की कार्रवाई केवल इमारतों तक सीमित नहीं रहेगी। लोगों की जीवनभर की कमाई और रोजी रोटी प्रभावित होगी। शहर को टकराव नहीं समाधान चाहिए।— नवीन अग्रवाल, अध्यक्ष, टेंट एसोसिएशन।
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- नीति नहीं हुई तो निवेश पर पड़ेगा असर
- मेरठ प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक शहर के रूप में आगे बढ़ रहा है। बड़े पैमाने पर प्रतिष्ठानों की सीलिंग से बाजार में अनिश्चितता बढ़ेगी। नए निवेश खत्म हो जाएंगे।— नवीन अरोड़ा, खंदक व्यापारी।
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- कार्रवाई से पहले व्यापारियों के पुनर्वास की व्यवस्था हो
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान है लेकिन मामला अब 16,726 संपत्तियों का है। इसके बाद जोन बी, सी और डी के सर्वे में व्यापारी संगठनों को विश्वास में लेकर प्रभावित व्यापारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। - तरुण कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ।
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- शास्त्रीनगर के हजारों व्यापारियों की रोजी-रोटी का सवाल गंभीर
- कानून का सम्मान करते हुए सरकार व्यापारियों की स्थिति का निष्पक्ष आकलन करे। किसी भी कार्रवाई से पहले पुनर्वास या वैकल्पिक व्यापारिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। — मनोज गर्ग, अध्यक्ष, तिरंगा चौक व्यापार संघ, सेक्टर-2, शास्त्रीनगर।
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- दुकान उजड़ी तो परिवार की रोजी रोटी पर संकट आएगा
- वर्षों की मेहनत और जीवनभर की कमाई से कारोबार खड़ा किया है। सरकार ऐसा रास्ता निकाले जिससे कानून का पालन भी हो और व्यापारी व उसके परिवार की रोजी रोटी भी सुरक्षित रहे। — अनिल जैन, सराफ व्यापारी।
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- अब केवल आश्वासन नहीं सरकार से ठोस समाधान चाहिए
- अब 16,726 संपत्तियों या शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट तक सीमित नहीं है। पूरा शहर प्रभावित हो गया है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनप्रतिनिधियों व व्यापारी संगठनों के साथ तत्काल समाधान निकालें। — नवीन गुप्ता, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ।
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- सभी लोगों को मिलनी चाहिए राहत
- कई मॉल को पहले अवैध बताकर सील किया गया फिर उन्हें यथावत रहने दिया गया। अब पूरा शहर प्रभावित है। ऐसे में सभी को राहत मिलनी चाहिए।— श्रीकृष्ण गुप्ता, महामंत्री, वैश्य महासंघ।
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- शहर की समस्या को सब एकजुट होकर देखें
- यह मामला व्यापारियों, दुकानदारों, मकान मालिकों और उनसे जुड़े लोगों की रोजी रोटी से जुड़ा है। सरकार, एमडीए, नगर निगम, जनप्रतिनिधि और व्यापारिक संगठन साथ बैठकर व्यावहारिक समाधान निकालें। — मनोज गुप्ता, अध्यक्ष, शहर रामलीला कमेटी।
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- बड़े पैमाने पर सीलिंग से व्यापार और रोजगार प्रभावित होगा
- जोन ए के निर्माणों को लेकर हजारों परिवारों और व्यापारियों के सामने अनिश्चितता पैदा हो गई है। बड़ी कार्रवाई होने पर इसका असर व्यापार, रोजगार और शहर की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है।— विपुल सिंघल, व्यापारी नेता, मेरठ
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- कार्रवाई का असर हजारों परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा
- मकानों, दुकानों और प्रतिष्ठानों पर बड़े स्तर की कार्रवाई केवल इमारतों तक सीमित नहीं रहेगी। लोगों की जीवनभर की कमाई और रोजी रोटी प्रभावित होगी। शहर को टकराव नहीं समाधान चाहिए।— नवीन अग्रवाल, अध्यक्ष, टेंट एसोसिएशन।
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- नीति नहीं हुई तो निवेश पर पड़ेगा असर
- मेरठ प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक शहर के रूप में आगे बढ़ रहा है। बड़े पैमाने पर प्रतिष्ठानों की सीलिंग से बाजार में अनिश्चितता बढ़ेगी। नए निवेश खत्म हो जाएंगे।— नवीन अरोड़ा, खंदक व्यापारी।