{"_id":"5a60f45b4f1c1b7e268b5263","slug":"sharab-ke-theke-se","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब के ठेके से छात्राएं परेशान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब के ठेके से छात्राएं परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:54 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में बढ़ रही छेड़छाड़ की घटनाओं पर आला अफसर तो सक्रिय हैं, लेकिन थानों में बने एंटी रोमियो स्कवाएड नजर नहीं आ रहे। माधवपुरम स्थित गर्ल्स कॉलेज के रास्ते में पड़ने वाले शराब के ठेके के पास मंडराने वाले शराबियों से छात्राएं परेशान हैं। अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार को शहर के दो कॉलेजों का दौरा कर हाल जाना।
शहीद मंगल पांडे पीजी कालेज
बृहस्पतिवार दोपहर डेढ़ बजे कॉलेज गेट के निकट कुछ युवक बाइक पर घूम रहे थे, लेकिन पुलिस यहां नजर नहीं आई। कॉलेज आने वाले रास्ते पर शराब के ठेके के आसपास युवकों की भीड़ नजर आई। कालेज मेें अवकाश के बाद कई छात्राएं यहां से होकर गुजरती हैं। छात्रा छात्रा अंशुल भड़ाना ने बताया कि ठेके पर अक्सर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। ठेके के सामने से गुजरते हुए भी छात्राओं को डर लगा रहता है। हालांकि कॉलेज गेट के आसपास यूपी 100 पुलिस आती है, लेकिन पुलिस कर्मी मोबाइल में ही ज्यादा व्यस्त रहते हैं। वहीं एक अन्य छात्रा फरहीन ने बताया कि कभी कभी रास्ते में युवक मंडराते मिलते हैं। छात्राओं पर कमेंट करते हैं। पुलिस एक जगह खडे़ होने की बजाय राउंड लेते रहना चाहिए।
वर्धमान एकेडमी रेलवे रोड
दोपहर दो बजे कालेजगेट के बाहर स्कूली छात्र-छात्राओं को लेकर आने वाले कई ऑटो खडे़ थे। कॉलेज के दूसरी ओर सड़क पर बाइक लिए कुछ युवक खडे़ थे। पूछने पर बताया कि अपनी सिस्टर को लेने आए हैं। ढाई बजे जैसे ही छुट्टी हुई तो कॉलेज के कई शिक्षक गेट के बाहर आ गए। शिक्षक यहां घूमने वाले आवारा लड़कों पर नजर रखे हुए थे। थाने का एंटी रोमियो स्कवॉयड या पुलिस कर्मी यहां नहीं दिखा। छात्रा श्रृष्टि बताया कि वह अपने भाई के साथ कॉलेज आती है।। कभी कभी रास्ते में कुछ बाइक सवार युवक मंडराते नजर आते हैं। हालांकि कॉलेज के आसपास पुलिस रहती है लेकिन स्कूल आने और अवकाश के वक्त पुलिस को आसपास की गलियों में भी गश्त करते रहना चाहिए। छात्रा रिचा ने बताया कि कभी कभी छुट्टी के बाद घर जाते वक्त गलियों में कुछ आवारा युवक बाइक पर राउंड लेते नजर आते हैं।
विज्ञापन
पुलिस से संतुष्ट, खुद भी की व्यवस्था
वर्धमान एकेडमी के प्रधानाचार्य डॉक्टर उत्तम सिंह ने बताया कि कॉलेज में अवकाश के समय स्थानीय पुलिस अक्सर आती है। वे पुलिस गश्त से संतुष्ट भी हैं ,लेकिन फिर भी उन्होंने कालेज स्तर पर भी व्यवस्था बना रखी है। अवकाश से पहले कालेज के शिक्षक गेट के बाहर और आसपास खडे़ होकर मनचलों पर नजर रखते हैं।
विज्ञापन
शहीद मंगल पांडे पीजी कालेज
बृहस्पतिवार दोपहर डेढ़ बजे कॉलेज गेट के निकट कुछ युवक बाइक पर घूम रहे थे, लेकिन पुलिस यहां नजर नहीं आई। कॉलेज आने वाले रास्ते पर शराब के ठेके के आसपास युवकों की भीड़ नजर आई। कालेज मेें अवकाश के बाद कई छात्राएं यहां से होकर गुजरती हैं। छात्रा छात्रा अंशुल भड़ाना ने बताया कि ठेके पर अक्सर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। ठेके के सामने से गुजरते हुए भी छात्राओं को डर लगा रहता है। हालांकि कॉलेज गेट के आसपास यूपी 100 पुलिस आती है, लेकिन पुलिस कर्मी मोबाइल में ही ज्यादा व्यस्त रहते हैं। वहीं एक अन्य छात्रा फरहीन ने बताया कि कभी कभी रास्ते में युवक मंडराते मिलते हैं। छात्राओं पर कमेंट करते हैं। पुलिस एक जगह खडे़ होने की बजाय राउंड लेते रहना चाहिए।
विज्ञापन
वर्धमान एकेडमी रेलवे रोड
दोपहर दो बजे कालेजगेट के बाहर स्कूली छात्र-छात्राओं को लेकर आने वाले कई ऑटो खडे़ थे। कॉलेज के दूसरी ओर सड़क पर बाइक लिए कुछ युवक खडे़ थे। पूछने पर बताया कि अपनी सिस्टर को लेने आए हैं। ढाई बजे जैसे ही छुट्टी हुई तो कॉलेज के कई शिक्षक गेट के बाहर आ गए। शिक्षक यहां घूमने वाले आवारा लड़कों पर नजर रखे हुए थे। थाने का एंटी रोमियो स्कवॉयड या पुलिस कर्मी यहां नहीं दिखा। छात्रा श्रृष्टि बताया कि वह अपने भाई के साथ कॉलेज आती है।। कभी कभी रास्ते में कुछ बाइक सवार युवक मंडराते नजर आते हैं। हालांकि कॉलेज के आसपास पुलिस रहती है लेकिन स्कूल आने और अवकाश के वक्त पुलिस को आसपास की गलियों में भी गश्त करते रहना चाहिए। छात्रा रिचा ने बताया कि कभी कभी छुट्टी के बाद घर जाते वक्त गलियों में कुछ आवारा युवक बाइक पर राउंड लेते नजर आते हैं।
विज्ञापन
पुलिस से संतुष्ट, खुद भी की व्यवस्था
वर्धमान एकेडमी के प्रधानाचार्य डॉक्टर उत्तम सिंह ने बताया कि कॉलेज में अवकाश के समय स्थानीय पुलिस अक्सर आती है। वे पुलिस गश्त से संतुष्ट भी हैं ,लेकिन फिर भी उन्होंने कालेज स्तर पर भी व्यवस्था बना रखी है। अवकाश से पहले कालेज के शिक्षक गेट के बाहर और आसपास खडे़ होकर मनचलों पर नजर रखते हैं।