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शामली : मिल प्रबंधन की मनमानी, बच्चों की जान पर पड़ी भारी

Wed, 11 Oct 2017 01:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ आनंद प्रकाश, शामली
अमर उजाला ब्यूरो/ आनंद प्रकाश, शामली Updated Wed, 11 Oct 2017 01:16 PM IST
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Shamli: The arbitrariness of mill management, the lives of children heavy
बच्चों को अस्पताल ले जाते परिजन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

शामली में शुगर मिल प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण ही बच्चों की जिंदगी सांसत में पड़ गई। बायोगैस प्लांट से केमिकल के निस्तारण के गलत तरीके और गैस रिसाव के कारण भविष्य में हादसे का अंदेशा स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने पहले ही जताया था। लोगों ने शुगर मिल प्रबंधन से शिकायत की। हालांकि लोगों की शिकायत को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा मंगलवार को गैस रिसाव के कारण करीब 300 बच्चों की हालत बिगड़ने के रूप में सामने आ गया।  

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मंगलवार सुबह हुए हादसे के लिए सर शादीलाल शुगर मिल प्रबंधन पूरी तरह जिम्मेदार है। क्योंकि बायो गैस प्लांट से केमिकल का निस्तारण रास्ते के किनारे तालाब में किया जा रहा था। गैस रिसाव का खतरा भी बना हुआ था। इसकी शिकायत सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य के साथ ही आसपास इलाके में रहने वालों ने शुगर मिल प्रबंधन के साथ ही  प्रशासनिक अधिकारियों से की थी, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और मंगलवार सुबह उसका खतरनाक परिणाम सामने आ गया। सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाचार्य उमेश कुमार और बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार ने बताया कि 15 दिन पूर्व ही शुगर मिल प्रबंधन से शिकायत की गई थी कि बायोगैस प्लांट से केमिकल का निस्तारण खेड़ीकरमू वाले रास्ते पर किया जा रहा है। इस कारण स्कूल आने जाने में बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा था कि भविष्य में इस कारण कोई बड़ा हादसा हो सकता है। मंगलवार शाम को दी गई तहरीर में भी प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार ने इस बात का उल्लेख किया है।
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पढ़ें : शामली: गैस रिसाव से बिगड़ी हालत, अस्पताल में बिलखते बच्चों की Live तस्वीरें...

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Shamli: The arbitrariness of mill management, the lives of children heavy
अस्पताल में कई सौ बच्चे भर्ती - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

वहीं, मंगलवार को हादसा होने के बाद जब प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो मोहल्ला दयानंदनगर निवासी संदीप मलिक, संजय, बारू, राकेश, कुलदीप शर्मा, राजबीर, धीरज, ओमदत्त, योगेश, राकेश और मनोज आदि ने बताया कि पूर्व में इस प्रकरण की शिकायत एसडीएम से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर की गई थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना था कि इस हादसे के लिए शुगर मिल प्रबंधन पूरी तरह जिम्मेदार है, जिसके चलते शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ ही केमिकल का निस्तारण बंद कराया जाए।

पढ़ें : ...सुनो तो कोई आखिर कहां है मेरा लाल, देखिए कैसे, बिलखते रहे बच्चे

प्रशासनिक स्तर पर भी हुई लापरवाही
शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ पूर्व में हुई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लापरवाही बरती। स्थानीय लोगों और स्कूल प्रबंधन की शिकायतों पर यदि गौर किया जाता और पूर्व में ही जांच करा ली जाती, तो इतना बड़ा हादसा होने से टल सकता था। 

कहां सो रहा था प्रदूषण नियंत्रण विभाग  
हादसा हो गया, तो प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। सवाल यह उठता है कि बायोगैस प्लांट और शुगर मिल में प्रदूषण के संबंध में होने वाली जांच आखिर किस स्तर पर कराई जा रही थी।

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