Shamli: दुष्कर्म के दो मामलों में दो आरोपियों को 10-10 साल का कारावास, अर्थदंड भी लगाया
दुष्कर्म के दो मामलों में दोष सिद्ध पाए जाने पर दो दोषियों को 10-10 साल के कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई गई है
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उत्तर प्रदेश के शामली में जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान ने बताया कि मंगलवार को दुष्कर्म के दो मामलों में दोष सिद्ध पाए जाने पर दो दोषियों को 10-10 साल के कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
केस नंबर- 1
युवती के साथ दुष्कर्म के मुजरिम को 10 साल करावास
30 जून 2020 को थाना भवन कोतवाली पर एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया कि सहारनपुर जिले के थाना तीतरों के गांव धानवा निवासी नाजिम आया और कहने लगा कि वह मोतियों की माला बेचने को काम करता है। तुम मोतियों की माला बनवा दिया करो। इसके बाद नाजिम का उनके घर आना-जाना होने लगा। एक दिन उसकी बेटी घर पर अकेली थी। इस दौरान आरोपी नाजिम ने तमंचे से उसकी बेटी को डराकर उसके साथ दुष्कर्म किया और शादी करने का झांसा दिया।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद युवती को मेडिकल कराया और आरोपी नाजिम को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। बाद में आरोपी जमानत पर बाहर आ गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक पुंडीर ने की। अभियोजन पक्ष की ओर से 4 गवाह पेश किए गए।
मंगलवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (रेप एंड पॉक्सो) रेशमा चौधरी ने मुजरिम नाजिम को 10 साल के कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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केस नंबर-2
किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मुजरिम को 10 साल सजा
28 सितंबर 2019 को थानाभवन क्षेत्र डके एक गांव निवासी महिला ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि करीब तीन माह पहले उसकी 16 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी। इसी दौरान मुजरिम अमित उनके घर में घुस आया और जबरन उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। बाद में आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसकी बेटी के साथ दुराचार किया।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके किशोरी को मेडिकल कराया। आरोपी अमित को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। बाद में आरोपी जमानत पर बाहर आ गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान व विशेष लोक अभियोजन अधिकारी पुष्पेंद्र मलिक ने की।
अभियोजन पक्ष की ओर से 7 गवाह पेश किए गए। मंगलवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पॉक्सो) मुमताज अली ने मुजरिम अमित को 10 साल के कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 4 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।