लेखपाल साहब... काम नहीं हुआ तो सस्पेंड कर दूंगा, सरकारी भूमि पर हो रहा अवैध कब्जा
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लेखपाल साहब आपके गांव अम्बेहटा याकूबपुर से शिकायत आई है कि गांव में अभी भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, देखिए, इस अवैध काम पर तुरंत रोक लगाकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करें। याद रखिए यदि मैं दस मिनट बाद जांच करने के लिए गांव पहुंच गया और अवैध कब्जा होते हुए पकड़ा गया तो मौके पर ही तुम्हें सस्पेंड कर दूंगा। गुरुवार को खंड विकास कार्यालय में विकास कार्यों की बैठक के दौरान जिलाधिकारी अखिलेश सिंह के सामने जब अम्बेहटा याकूबपुर में अवैध कब्जे की शिकायत आई तो जिलाधिकारी ने संबंधित लेखपाल को इन शब्दों में चेताया।
गुरुवार को जिलाधिकारी अखिलेश सिंह दोपहर करीब पौने तीन बजे खंड विकास कार्यालय पहुंचे। इस दौरान सबसे पहले उन्होंने क्षेत्र में चल रही मनरेगा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान डीपीआरओ आलोक शर्मा ने बताया कि 11 सितंबर से दो अक्तूबर तक देश में खुले में शौचमुक्त एवं पॉलिथीन मुक्त अभियान चलाया जाना है। इसलिए सभी ग्राम प्रधानों को अपने यहां निबंध, वाद विवाद प्रतियोगिता आदि आयोजित कर लोगों को जागरूक करना है। कहा कि सभी प्रधान अपने गांव में गड्ढा खुदवाए और पॉलिथीन एकत्रित करें। इसके निस्तारण के लिए पन्नी बीनने वालों की मदद ली जाए, इससे ग्राम पंचायत की आय भी होगी। बताया कि नए सर्वे के बाद जिले में 793 एवं ब्लॉक में 286 शौचालयों का पैसा जारी कर दिया है। ग्राम प्रधानों की जिम्मेदारी है कि बीस सितंबर तक इस कार्य को पूरा करा लें।
पंचायतें विकसित करें अपने आय के स्रोत
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में जो भी पेयजल योजनाएं संचालित हो रही हैं, फिलहाल उन पर लोगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। अब सभी ग्राम पंचायतों को अधिकार दिए गए हैं कि वह पेयजल योजना का लाभ देने के एवज में शुल्क वसूल सकते हैं। जिससे कि ग्राम पंचायतों की आय बढ़े।
अब काम के हिसाब से मिलेगा पैसा
बताया कि पहले प्रत्येक ग्राम पंचायत को उसकी आबादी के हिसाब से विकास का बजट जारी किया जाता था। लेकिन, अब जो ग्राम पंचायत अधिक काम कराएगी, उसका बजट बढ़ाया जाएगा और जो ग्राम प्रधान निष्क्रिय जैसे काम करेंगे, उनके बजट को उसी हिसाब से कम कर दिया जाएगा। अब आबादी के कोई मायने नहीं हैं।
कुपोषित बच्चों के पिता को जॉब कार्ड
डीपीओ संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रत्येक ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी हैं कि जो भी उनके गांव कुपोषण के शिकार बच्चे हैं, उनका नियमित टीकाकरण कराया जाना चाहिए। साथ ही उनके माता-पिता को आय के स्रोत बढ़ाने के लिए मनेरगा का जॉब कार्ड, राशन कार्ड आदि सुविधाएं मुहैया कराए जाएं ताकि वह अपने बच्चे का सही से पालन पोषण कर सकें। इसके अलावा उनकी अन्य संपन्न लोगों से भी मदद कराएं।
गोवंश गोद लेने की अपील
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक ग्राम प्रधान अपने गांव में लोगों को जागरूक करें ताकि वह गांव में आवारा घूम रहे निराश्रित गोवंश का पालन पोषण कर सकें। इसके लिए सरकार की ओर से उन्हें 900 रूपये महीना के हिसाब से पैसा भी दिया जाएगा।
ग्राम प्रधानों ने सौंपा ज्ञापन
क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि प्रत्येक गोशाला का एक-एक लाख रूपये भूसे का बजट अब तक नहीं आया है। इसके अलावा जो भी मजदूर गौशाला में रखे गए हैं, उनकी मजदूरी का पैसा भी काफी बकाया है। प्रधानों ने जल्द सभी भुगतान कराने की मांग की है।
हरड़ फतेहपुर में पोषण रैली का आयोजन
कस्बे में आने से पहले जिलाधिकारी ने हरड़ फतेहपुर गांव में पहुंचकर पोषण रैली का शुभारंभ किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई व सात माह के बच्चों का अन्नप्राशन किया। गांव में कुपोषित चार बच्चों के परिवार के लिए उन्होंने राशन कार्ड एवं मनरेेगा जॉब कार्ड बनाने के निर्देश दिए।
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