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UP: सास-ससुर के लिए कांवड़ लेकर आई शबनम... गंगाजल कलश से झुके कंधे, फिर भी नहीं डगमगाई शिवभक्तों की आस्था
Fri, 18 Jul 2025 09:47 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 18 Jul 2025 09:47 AM IST
सार
गाजियाबाद की रहने वाली शबनम अपने सास-ससुर के लिए कांवड़ लेकर आई। शबनम को उसके सास-ससुर ने बेटी की तरह प्यार दिया। अब वह मुस्लिम से हिंदू बन चुकी हैं और भोलेनाथ में उनकी आस्था है।
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कांवड़ लेकर आई गाजियाबाद की शबनम
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंची मुस्लिम महिला शबनम ने अपने सास-ससुर के लिए कांवड़ उठाई है। उसका कहना है कि पहले पति का इंतकाल हुआ तो उसे हिंदू परिवार ने सहारा दिया था, इसी वजह से उसने पवन से दूसरी शादी कर सनातन धर्म अपना लिया। पति के साथ 21 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर आई है।
गाजियाबाद निवासी शबनम पति पवन के साथ 12 जुलाई को पावन नगरी हरिद्वार से 21 लीटर पवित्र गंगा जल लेकर आई है। उनके दो बच्चे हैं। वह कहती है कि पहले पति का इंतकाल हो गया था। किसी ने उसे सहारा नहीं दिया। इसके बाद पवन ने अपनाया।
सास-ससुर ने बेटी की तरह प्यार दिया। अब वह मुस्लिम से हिंदू बन चुकी हैं और भोलेनाथ में उनकी आस्था है। कांवड़ सास मंजू व ससुर अशोक कुमार को समर्पित है। वह अपने जीवन में सास-ससुर की खूब सेवा करना चाहती है।
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गाजियाबाद निवासी शबनम पति पवन के साथ 12 जुलाई को पावन नगरी हरिद्वार से 21 लीटर पवित्र गंगा जल लेकर आई है। उनके दो बच्चे हैं। वह कहती है कि पहले पति का इंतकाल हो गया था। किसी ने उसे सहारा नहीं दिया। इसके बाद पवन ने अपनाया।
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सास-ससुर ने बेटी की तरह प्यार दिया। अब वह मुस्लिम से हिंदू बन चुकी हैं और भोलेनाथ में उनकी आस्था है। कांवड़ सास मंजू व ससुर अशोक कुमार को समर्पित है। वह अपने जीवन में सास-ससुर की खूब सेवा करना चाहती है।
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गंगाजल कलश से झुके कंधे, नहीं डगमगाई शिवभक्तों की आस्था
वहीं, बिजनौर के नजीबाबाद में हरिद्वार से ला रहे भारी भरकम गंगाजल कलश कांवड़ से शिवभक्तों कंधे झुके हुए हैं, लेकिन भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था ने उनके कदम डगमगाने नहीं दिए। बम भोले की गूंज के साथ शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। बृहस्पतिवार को नगर क्षेत्र से बड़ी संख्या में शिवभक्त 40 से 120 लीटर गंगाजल की कांवड ले जाते दिखे।
वहीं, बिजनौर के नजीबाबाद में हरिद्वार से ला रहे भारी भरकम गंगाजल कलश कांवड़ से शिवभक्तों कंधे झुके हुए हैं, लेकिन भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था ने उनके कदम डगमगाने नहीं दिए। बम भोले की गूंज के साथ शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। बृहस्पतिवार को नगर क्षेत्र से बड़ी संख्या में शिवभक्त 40 से 120 लीटर गंगाजल की कांवड ले जाते दिखे।
कांवड़ यात्रा में उमड़े शिवभक्त गूंजे बम भोले के जयकारे
बिजनौर के नजीबाबाद में ही सावन माह की शिवरात्रि नजदीक आते हुए कांवड़ मेले में कांवड़ियों की भीड़ उमड़ने लगी है। मार्गों पर बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। गंगाजल से भरे कलश और कांवड़ कांधों पर लेकर कांवड़िए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। 23 जुलाई को श्रावण मास की शिवरात्रि है।
बिजनौर के नजीबाबाद में ही सावन माह की शिवरात्रि नजदीक आते हुए कांवड़ मेले में कांवड़ियों की भीड़ उमड़ने लगी है। मार्गों पर बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। गंगाजल से भरे कलश और कांवड़ कांधों पर लेकर कांवड़िए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। 23 जुलाई को श्रावण मास की शिवरात्रि है।
हरिद्वार से शिवभक्तों का गंगाजल और कांवड़ लाने का सिलसिला जारी है। कांवड़ मेले में लगातार कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगी है। मोटा महादेव मंदिर के पुजारी शशिनाथ ने बताया कि बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में कांवड़िए मंदिर पर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
पुजारी ने बताया कि शनिवार और रविवार को कांवड़ मेले में अधिक संख्या में शिवभक्त शामिल होंगे। उधर, नजीबाबाद-बुंदकी मार्ग से मुरादाबाद, काशीपुर, जसपुर, रुद्रपुर, अमरोह, संभल क्षेत्र के कई जत्थे कांवड़ ले जाते दिखे। शिवभक्त अवनीश, सौरभ, अनिकेत, ऋषभ, सोनू ने बताया कि उन्होंने परिवार की समृद्धि और सुख शांति के लिए मन्नत मांगी है।