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Meerut News: संघर्ष के दम पर शबाना मलिक बनीं अधिवक्ता
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सरधना। एडवोकेट शबाना मलिक।
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर के मोहल्ला कमरानवाबान की रहने वाली शबाना मलिक ने तमाम पारिवारिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए अधिवक्ता बनने का सपना साकार किया है।ऑल इंडिया बार परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने सरधना तहसील में वकालत शुरू कर दी है।
शबाना मलिक ने बताया कि परिवार की जिम्मेदारियों, बच्चों की परवरिश, आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बीच उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान सामाजिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से पीछे हटने के बजाय लगातार मेहनत जारी रखी। उन्होंने बताया कि सरधना बार एसोसिएशन में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था। लगातार प्रयास और लगन के बाद 18 जुलाई को एआईबी परीक्षा का परीणाम घोषित हुआ है। परीक्षा उत्तीर्ण कर अब वह अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस कर रही हैं।
शबाना मलिक सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहती हैं। उनका कहना है कि वह लोगों के आपसी विवादों को सुलझाने और जरूरतमंदों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करती हैं। शबाना मलिक ने कहा कि वह उन लड़कियों के लिए प्रेरणा बनना चाहती हैं, जिन्हें आगे बढ़ने के अवसर नहीं मिल पाते। उनका कहना है कि यदि दृढ़ संकल्प और मेहनत की जाए तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है।
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सरधना। नगर के मोहल्ला कमरानवाबान की रहने वाली शबाना मलिक ने तमाम पारिवारिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए अधिवक्ता बनने का सपना साकार किया है।ऑल इंडिया बार परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने सरधना तहसील में वकालत शुरू कर दी है।
शबाना मलिक ने बताया कि परिवार की जिम्मेदारियों, बच्चों की परवरिश, आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बीच उन्होंने कानून की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान सामाजिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से पीछे हटने के बजाय लगातार मेहनत जारी रखी। उन्होंने बताया कि सरधना बार एसोसिएशन में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था। लगातार प्रयास और लगन के बाद 18 जुलाई को एआईबी परीक्षा का परीणाम घोषित हुआ है। परीक्षा उत्तीर्ण कर अब वह अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस कर रही हैं।
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शबाना मलिक सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहती हैं। उनका कहना है कि वह लोगों के आपसी विवादों को सुलझाने और जरूरतमंदों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करती हैं। शबाना मलिक ने कहा कि वह उन लड़कियों के लिए प्रेरणा बनना चाहती हैं, जिन्हें आगे बढ़ने के अवसर नहीं मिल पाते। उनका कहना है कि यदि दृढ़ संकल्प और मेहनत की जाए तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है।
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