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Meerut News: बीएड परीक्षा फॉर्म में तकनीकी खामी से छात्र परेशान, फीस भुगतान विकल्प अब तक बंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बीएड प्रथम वर्ष के परीक्षा फॉर्म की प्रक्रिया को तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक पोर्टल पर फीस भुगतान का विकल्प सक्रिय नहीं हो सका है। ऐसे में हजारों छात्र-छात्राएं परेशान हैं और उन्हें लेट फीस लगने की चिंता सताने लगी है।
छात्र संघ के पूर्व महामंत्री अंकित अधाना ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सुगम ऑनलाइन व्यवस्था देने में प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्र लगातार साइबर कैफे और कंप्यूटर सेंटरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन फीस जमा करने का विकल्प न खुलने से उनके परीक्षा फॉर्म अधूरे रह गए हैं।
उन्होंने बताया कि 24 मई से परीक्षा फॉर्म पर 500 रुपये की लेट फीस लागू हो जाएगी। ऐसे में यदि जल्द तकनीकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आर्थिक बोझ छात्रों पर पड़ेगा। छात्र नेताओं ने समर्थ पोर्टल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।
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उनका कहना है कि विवि परिसर में समर्थ पोर्टल की तकनीकी टीम के लिए अलग कार्यालय होने के बावजूद छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। छात्र जब शिकायत लेकर पहुंचते हैं तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही फीस भुगतान का विकल्प शुरू नहीं किया गया और तकनीकी खामियां दूर नहीं हुईं तो विश्वविद्यालय परिसर में आंदोलन किया जाएगा।
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बीएड प्रथम वर्ष के परीक्षा फॉर्म की प्रक्रिया को तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक पोर्टल पर फीस भुगतान का विकल्प सक्रिय नहीं हो सका है। ऐसे में हजारों छात्र-छात्राएं परेशान हैं और उन्हें लेट फीस लगने की चिंता सताने लगी है।
छात्र संघ के पूर्व महामंत्री अंकित अधाना ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सुगम ऑनलाइन व्यवस्था देने में प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्र लगातार साइबर कैफे और कंप्यूटर सेंटरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन फीस जमा करने का विकल्प न खुलने से उनके परीक्षा फॉर्म अधूरे रह गए हैं।
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उन्होंने बताया कि 24 मई से परीक्षा फॉर्म पर 500 रुपये की लेट फीस लागू हो जाएगी। ऐसे में यदि जल्द तकनीकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आर्थिक बोझ छात्रों पर पड़ेगा। छात्र नेताओं ने समर्थ पोर्टल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।
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उनका कहना है कि विवि परिसर में समर्थ पोर्टल की तकनीकी टीम के लिए अलग कार्यालय होने के बावजूद छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। छात्र जब शिकायत लेकर पहुंचते हैं तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही फीस भुगतान का विकल्प शुरू नहीं किया गया और तकनीकी खामियां दूर नहीं हुईं तो विश्वविद्यालय परिसर में आंदोलन किया जाएगा।