लेखपालों पर प्रशासन ने कसा शिकंजा, प्रदेश अध्यक्ष समेत सात निलंबित
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सहारनपुर में पिछले कई दिनों से हड़ताल कर धरना प्रदर्शन कर रहे लेखपालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उप जिलाधिकारी सदर संगीता ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सहित सात लेखपालों को निलंबित कर दिया, जबकि 26 नए नियुक्त लेखपालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
लंबित मांगों को पूरा कराने को लेकर आंदोलन कर रहे लेखपालों को लेकर प्रशासन ने अपना रवैया सख्त कर लिया है। बुधवार को नकुड़ तहसील के लेखपालों पर कार्रवाई गई थी, बृहस्पतिवार को तहसील सदर के सात हड़ताली लेखपालों पर भी कड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया गया है। लेखपालों की हड़ताल के चलते आय, जाति, मूल निवास आदि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए छात्रों से लेकर अन्य लोग मारे मारे फिर रहे हैं।
तहसील सदर में 96 लेखपाल कार्यरत हैं इनमें से चार लेखपाल हड़ताल में शामिल नहीं हुए हैं। प्रशासन ने नए नियुक्त हुए 26 लेखपालों को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए थे। उप जिलाधिकारी संगीता ने बताया कि सदर तहसील के सात लेखपालों को हड़ताल पर जाने के कारण निलंबित कर दिया गया है। इनमें प्रदेश अध्यक्ष राममूरत यादव, जिलाध्यक्ष रामकिशन, बिजेंद्र सिंह आसनवाली, अजय प्रताप सिंह, राजेश कुमार, रविकांत सैनी और शाईस्ता राव शामिल हैं।
कानूनगो से बनवाएंगे प्रमाण पत्र
तहसीलदार सदर प्रीति सिंह ने बताया कि लेखपालों की हड़ताल के चलते लोगों को अपने आय, जाति और मूल निवास जैसे प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए कानूनगो से प्रमाण पत्रों पर रिपोर्ट लगवाई जाएगी। जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना ना करना पडे़।
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