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Meerut News: ईकेवाईसी से बाहर हो रहे सात लाख बच्चे और बुजुर्ग

Sun, 28 Jul 2024 05:47 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jul 2024 05:47 AM IST
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Seven lakh children and elderly people are being excluded from eKYC
मेरठ। राशन कार्डधारकों की ईकेवाईसी प्रक्रिया में कई पेंच फंस रहे हैं। करीब सात लाख बच्चे और बुजुर्ग ईकेवाईसी से बाहर हो रहे हैं। ऐसे सदस्यों को राशन कार्ड के माध्यम से मिलने वाली सुविधाएं भविष्य में कैसे मिलेंगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। दरअसल, छह साल से कम उम्र वाले बच्चों के आधार फिर से अपडेट कराने होंगे, वहीं बुुजुर्गों की अंगुलियों के निशान मिटने के कारण तकनीकी बाधाएं आ रही हैं। ऐसे मामलों में आगे के विकल्प के लिए शासन की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है।
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जिले में पात्र गृहस्थी और अंत्योदय श्रेणी के 551658 राशन कार्ड हैं। कुल सदस्यों की संख्या 2452769 है। इनमें से 80 प्रतिशत राशन कार्ड ऐसे हैं, जिनमें छह साल से कम उम्र के दो से तीन बच्चे शामिल हैं। साथ ही कम से कम एक बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनके अंगूठे के निशान मिट गए हैं। बच्चों और बुजुर्गों को मिलाकर ऐसे सदस्यों की संख्या करीब सात लाख है। इसका असर ईकेवाईसी पर भी पड़ रहा है। राशन कार्ड से नाम कटने के भय के कारण कार्ड धारक परिवार भी प्रक्रिया से कतरा रहे हैं। यही कारण है कि डेढ़ माह में भी तक जिले में 20 प्रतिशत राशन कार्डों की ही ईकेवाईसी हो पाई है। वह भी आधी अधूरी है।
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छह और 15 साल की उम्र में कराना होता है आधार अपडेट
- अधिकतर परिवार तीन, चार और पांच साल की उम्र में ही बच्चों के आधार कार्ड बनवा लेते हैं। इसका कारण है कि स्कूलों में नामांकन के समय बच्चों का आधार कार्ड मांगा जाता है। कम उम्र में बच्चों का आधार कार्ड जन्म प्रमाण पत्र और माता या पिता के आधार के सहयोग से बनकर तैयार हो जाता है। इसमें बच्चे की अंगुलियों के निशान नहीं होते हैं। यही कारण है कि राशन कार्ड में शामिल बच्चों की ईकेवाईसी नहीं हो रही है। इसलिए छह और 15 साल की उम्र होने पर बच्चों को अपने हाथों की अंगुलियों के निशान देकर आधार कार्ड अपडेट कराना होता है। तभी ईकेवाईसी हो सकती है।
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-- वर्जन --
- जिलापूर्ति अधिकारी विनय सिंह का कहना है कि राशन कार्ड में छह साल से कम उम्र के बच्चों के नाम जोड़े जाएं या नहीं, इसकी शासन से कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है। वैसे तो छह साल से कम उम्र के बच्चों को आंगनवाड़ी केन्द्रों पर रजिस्टर्ड करके राशन दिया जाता है। इसके बावजूद भी राशन कार्डों में इन बच्चों के नाम जुड़े हैं। फिर भी जो ईकेवाईसी चल रही है। इसमें बच्चे और अधिक बुजुर्गों की जो रिपोर्ट निकलकर आएगी। वह शासन को भेजी जाएगी। छह साल उम्र पूरी करने वाले बच्चों के तो आधार कार्ड अपडेट कराए जाएंगे। जिन बुजुर्गों के अंगुलियों के निशान मिट गए हैं, उनके लिए भी विकल्प के बारे में शासन से मार्गदर्शन लिया जाएगा।
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