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Meerut News: महिला बंदियों को स्वरोजगार प्रशिक्षण दिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र ने जिला कारागार में सात दिवसीय कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता कार्यशाला का बृहस्पतिवार को समापन किया। इसका उद्देश्य महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाना और रिहाई के बाद सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करना था। डॉ. वैशाली पाटिल के मार्गदर्शन में बंदियों को हर्बल कॉस्मेटिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्वरोजगार का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला।
समापन समारोह में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मनीषा अहलावत मुख्य अतिथि और मेरठ कैंटोनमेंट बोर्ड की पूर्व अध्यक्ष बीना वाधवा विशिष्ट अतिथि रहीं। मनीषा अहलावत ने कौशल, आत्मविश्वास और रोजगार को महिला सशक्तीकरण का आधार बताया। बंदियों द्वारा तैयार हर्बल साबुन, शैंपू, खाद्य उत्पाद और हस्तनिर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने इन उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिससे उनके पुनर्वास को मजबूती मिलेगी।
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र ने जिला कारागार में सात दिवसीय कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता कार्यशाला का बृहस्पतिवार को समापन किया। इसका उद्देश्य महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाना और रिहाई के बाद सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करना था। डॉ. वैशाली पाटिल के मार्गदर्शन में बंदियों को हर्बल कॉस्मेटिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्वरोजगार का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला।
समापन समारोह में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मनीषा अहलावत मुख्य अतिथि और मेरठ कैंटोनमेंट बोर्ड की पूर्व अध्यक्ष बीना वाधवा विशिष्ट अतिथि रहीं। मनीषा अहलावत ने कौशल, आत्मविश्वास और रोजगार को महिला सशक्तीकरण का आधार बताया। बंदियों द्वारा तैयार हर्बल साबुन, शैंपू, खाद्य उत्पाद और हस्तनिर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने इन उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिससे उनके पुनर्वास को मजबूती मिलेगी।
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