मिठाई-नमकीन में लग गई फंगस, लाखों का कपड़ा कुतर गए चूहें, दुकान खुली तो दशा देख व्यापारियों के निकले आंसू
रेडीमेड गारमेंट, फर्नीचर, किताबें, कॉपी सब बर्बाद हो गया। दुकानों में रखी मिठाई, नमकीन, बिस्कुट आदि में सड़ने के कारण फंगस लग गई थी। बंद दुकानों में गर्मी के कारण बनी गैस से पेंट, सीमेंट जम गया तो कॉस्मेटिक, इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रानिक्स सामान पिघल गया।
तमाम व्यापारी संगठन अप्रैल के अंत से ही प्रशासन से सफाई के लिए दुकानें खुलवाने की मांग कर रहे थे। लेकिन प्रशासन ने बार-बार कोरोना महामारी का हवाला देकर व्यापारियों को इसकी अनुमति नहीं दी। माह भर की जद्दोजहद के बाद मई माह के अंत में रविवार को सात थाना क्षेत्रों में तीन घंटे के लिए दुकान खोलने की अनुमति दी गई। दुकान तक पहुंचने में भी व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शहर में कई स्थानों पर व्यापारियों के चालान काटे गये। जैसे-तैसे व्यापारी दुकान पर पहुंचे तो करोड़ों का सामान चूहों ने कुतर दिया था। फर्नीचर पर दीमक लगी थी तो कुछ सामान सीलन के कारण खराब हो गया था। कम समय में व्यापारी दुकान में दीमक के लिए ट्रीटमेंट और अन्य परेशानियों से बचाव की व्यवस्था भी नहीं कर पाए। कुछ व्यापारियों का तो लाखों रुपये का सामान खराब हो गया।
पेंट की दुकानों में रखा व्हाइट सीमेंट और पाउडर जम गया। व्यापारियों के अनुसार अब इसका पुन: उपयोग नहीं किया जा सकता है। रोहटा रोड मित्तल पेंट के संचालक मयंक कुमार ने बताया कि सीमेंट जम गया है। गोदाम और दुकान में रखे कट्टे हवा न लगने के कारण जम गये हैं। पेंट भी खराब हो गया हैं। नुकसान का आकलन करना नामुमकिन है।
फर्नीचर में लग गई दीमक
दुकानें 70 दिनों से बंद थी। सात थाना क्षेत्रों में प्लाइवुड और फर्नीचर की करीब 160 दुकानें हैं। प्लाइवुड और लकड़ी का ट्रीटमेंट किया जाता है लेकिन इसकी भी समय सीमा होती है। दुकान में ट्रीटमेंट के साथ लगातार फर्नीचर की सफाई और पॉलिश भी की जाती है। व्यापारी लिसाड़ी थाना क्षेत्र अमन और टीपी नगर थाना क्षेत्र वैभव ने बताया कि 80 प्रतिशत माल में दीमक लग गई हैं। समय कम होने के कारण थोड़ा ट्रीटमेंट किया गया हैं लेकिन बचे हुए माल को बचाने के लिए समय चाहिए।
मोटर पार्ट्स में हुए खराब
स्पेयर पार्ट्स व्यापारियों की दुकानें में प्लास्टिक, चमड़े और रबड़ के सामान को चूहों ने कुतर दिया। टीपी नगर चड्डा मोटर संचालक के अनुसार दुकान में रखी 40 प्रतिशत प्लास्टिक, चमड़ा और रबड़ का सामान जिसमें प्रमुख रुप से बेल्ट आदि थीं, चूहों ने खराब कर दी हैं।
कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र व्यापारी अनिल कुमार ने बताया कि उसकी दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण बहुत से सामान जल गया। इसी क्रम में कुछ दुकानों पर बैटरी फट गई। अत्यधिक गर्मी बढ़ने के कारण तार पिघल गये।
लिसाड़ी क्षेत्र मनोज इलेक्ट्रानिक्स के संचालक मनोज और श्रद्धापुरी इलेक्ट्रानिक शॉप संचालक टीटू ने बताया कि दुकान में रखी वायरिंग पिघलकर खराब हो गई हैं। दुकान कुछ देर के लिए खुली है। अब नुकसान की भरपाई कौन करेगा।
कास्मेटिक हुए एक्सपायर
डियो की बोतलें पिचक गई तो कास्मेटिक आइटम भी खराब हो गए। मई मध्य में तेज गर्मी के कारण दुकानों में गैस बन गई। शगुन कास्मेटिक्स संचालक हरिओम ने बताया कि सारा कास्मेटिक आइटम खराब हो गया है। बिंदी, काजल, क्रीम के पत्ते खराब हो गये हैं। डियो की बोतल पिघल गई हैं। ज्यादातर दुकानों में ये ही हालात थे।
लाखों का कपड़ा कुतर गए चूहें
खंदक बाजार में कपड़े की करीब 400 दुकानें हैं। महामंत्री अंकुर गोयल के अनुसार लगभग 150 दुकानों पर व्यापारी पहुंचे थे। कुछ दुकानों पर रखी बैटरी फट गई। सबसे बड़ा नुकसान चूहों के कारण हुआ। बालाजी खादी भंडार संचालक संजीव गुप्ता, सूट व्यापार, यश ट्रेडिंग आदि के यहां कपड़ों के थान को चूहों ने कुतर दिया। रही सही कसर दीमक ने पूरी कर दी। दुकान का फर्नीचर दीमक के कारण खराब हो गया है।
पेपर रोल सीलकर खराब हुए, लग गई दीमक
नवीन बाजार जत्तीवाड़ा में 400 के आसपास व्यापारियों का लाखों रुपये का सामान खराब हो गया। कुमार पेपर्स संचालक मनोज अग्रवाल ने बताया कि सीलन के कारण पेपर के रोल खराब हो गये। ज्यादातर पेपर में दीमक लग गई हैं। यही हाल दुुकान और गोदाम में था। मित्तल इंडस्ट्री संचालक सतीश चंद ने बताया कि सभी व्यापारियों का नुकसान हुआ है।
मिठाई, नमकीन में लग गई फंगस
बुढ़ाना गेट क्षेत्र में दुकान खुलते ही चौराहों पर मिठाईयों के ढेर लग गये। कोतवाली, ब्रह्मपुरी, टीपीनगर क्षेत्र में ज्यादातर मिठाई और नमकीन बिस्कुुट की दुकानों में रखे सामान में फंगस लग गई। भारत नमकीन संचालक राजेश गोयल ने बताया कि दुकान में रखा सभी सामान खराब हो गया है। मुरारी हलवाई ने बताया कि हजारों रुपये की मिठाई दुकान में सड़कर खराब हो गई है।