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Meerut News: विज्ञान किट से सरलता से समझ में आते हैं वैज्ञानिक सिद्धांत
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डायट में प्रशिक्षण। (स्त्रोत डायट) मवाना।
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा शिक्षकों का विज्ञान किट के प्रयोग विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान किट के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा एवं प्रयोगात्मक कौशल का विकास करना था।
कार्यक्रम में जनपद के कुल 103 शिक्षकों ने भागीदारी की। कार्यक्रम प्रभारी प्रवक्ता डॉ. मंजीत कौर खनूजा ने नई शिक्षा नीति 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (विद्यालयी शिक्षा) 2023 के अनुरूप विज्ञान शिक्षण को अधिक अन्वेषणशील, प्रयोगात्मक एवं अनुभव-आधारित बनाया जा रहा है। विज्ञान किट की सहायता से विद्यार्थी प्रकाश, ध्वनि, ऊष्मा, चुंबकत्व, विद्युत, पदार्थ, जीव-जंतु, पौधे एवं सूक्ष्मजीवों जैसे जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल प्रयोगों के माध्यम से समझ सकते हैं। इस पद्धति से बच्चों में समस्या समाधान, खोज प्रवृत्ति, समूह कार्य, सृजनात्मकता तथा वैज्ञानिक सोच का विकास होता है। कोमल सिंह ढाका ने अपने सत्र में बताया कि उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए विकसित विज्ञान किट एक पोर्टेबल प्रयोगशाला के रूप में कार्य करती है। जिससे विद्यार्थी रटने की प्रक्रिया से हटकर करके सीखने की ओर अग्रसर होते हैं। सलमान मैराज, दिनेश कुमार ने संबोधित किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा शिक्षकों का विज्ञान किट के प्रयोग विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान किट के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा एवं प्रयोगात्मक कौशल का विकास करना था।
कार्यक्रम में जनपद के कुल 103 शिक्षकों ने भागीदारी की। कार्यक्रम प्रभारी प्रवक्ता डॉ. मंजीत कौर खनूजा ने नई शिक्षा नीति 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (विद्यालयी शिक्षा) 2023 के अनुरूप विज्ञान शिक्षण को अधिक अन्वेषणशील, प्रयोगात्मक एवं अनुभव-आधारित बनाया जा रहा है। विज्ञान किट की सहायता से विद्यार्थी प्रकाश, ध्वनि, ऊष्मा, चुंबकत्व, विद्युत, पदार्थ, जीव-जंतु, पौधे एवं सूक्ष्मजीवों जैसे जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल प्रयोगों के माध्यम से समझ सकते हैं। इस पद्धति से बच्चों में समस्या समाधान, खोज प्रवृत्ति, समूह कार्य, सृजनात्मकता तथा वैज्ञानिक सोच का विकास होता है। कोमल सिंह ढाका ने अपने सत्र में बताया कि उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए विकसित विज्ञान किट एक पोर्टेबल प्रयोगशाला के रूप में कार्य करती है। जिससे विद्यार्थी रटने की प्रक्रिया से हटकर करके सीखने की ओर अग्रसर होते हैं। सलमान मैराज, दिनेश कुमार ने संबोधित किया।
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