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फीस नहीं अब कमिटमेंट शुल्क लेंगे स्कूल
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मेरठ। स्कूल अब फीस के बजाय कमिटमेंट शुल्क लेंगे। अभिभावकों को 15 जुलाई तक स्कूलोँ को सूचित करना होगा कि वे फीस देंगे या नहीं। शासन द्वारा शनिवार को जारी आदेश के बाद स्कूल प्रिंसिपल एवं सहोदय की ओर से आयोजित वेबिनार में फीस एवं स्कूल खुलने संबंधी विषय पर चर्चा हुई।
सहोदय सचिव राहुल केसरवानी ने कहा कि लॉकडाउन के चलते स्कूलों के पास विद्यार्थियों का अपडेट डाटा नहीं है। ऑनलाइन क्लास से भी यह स्पष्ट नहीं हो रहा है। इसलिए छात्रों की संख्या को अपडेट करना जरूरी है। डॉ. विशाल ने कहा कोरोना से बचाव के लिए स्कूल में सामाजिक दूरी के नियम का पालन करना है तो स्ट्रेंथ पता होना जरूरी है। इसलिए सभी स्कूल डाटा मेंटेन करेंगे। इसके लिए जरूरी है कि अभिभावक फीस जमा करें और क्लियर बताए कि बच्चे को स्कूल में पढ़ाना है या नहीं। यदि नहीं तो वे टीसी ले लें। अध्य्क्ष प्रेम मेहता ने कहा यदि अभिभावक फीस देने में असमर्थ हैं तो अपनी मुश्किल लिखित में स्कूल को बताएं। उसका हल किया जाएगा। यदि फीस बाद में देंगे तो यह भी बताएं। अनुपमा सक्सेना ने कहा सीबीएसई को विद्यार्थियों का डाटा भेजना है। जो बच्चे ऑनलाइन क्लास नहीं कर रहे या संपर्क नहीं करेंगे उनका डाटा बोर्ड को नहीं भेजा जा सकेगा। अल्पना शर्मा ने कहा स्कूल में ऑनलाइन टेस्ट हो रहे हैं। जिसमें छात्रों को शामिल होना पड़ेगा। देरी होने पर छात्र क्लास में शामिल नहीं हो सकेंगे। वहीं, गोपाल दीक्षित ने कहा कि स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया चालू है। नए प्रवेश पर शुल्क लेना है या नहीं स्कूल तय करेंगे। पुराने छात्रों से प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा। यहां सतीश शर्मा व मनोज शर्मा ने भी विचार रखे।
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सहोदय सचिव राहुल केसरवानी ने कहा कि लॉकडाउन के चलते स्कूलों के पास विद्यार्थियों का अपडेट डाटा नहीं है। ऑनलाइन क्लास से भी यह स्पष्ट नहीं हो रहा है। इसलिए छात्रों की संख्या को अपडेट करना जरूरी है। डॉ. विशाल ने कहा कोरोना से बचाव के लिए स्कूल में सामाजिक दूरी के नियम का पालन करना है तो स्ट्रेंथ पता होना जरूरी है। इसलिए सभी स्कूल डाटा मेंटेन करेंगे। इसके लिए जरूरी है कि अभिभावक फीस जमा करें और क्लियर बताए कि बच्चे को स्कूल में पढ़ाना है या नहीं। यदि नहीं तो वे टीसी ले लें। अध्य्क्ष प्रेम मेहता ने कहा यदि अभिभावक फीस देने में असमर्थ हैं तो अपनी मुश्किल लिखित में स्कूल को बताएं। उसका हल किया जाएगा। यदि फीस बाद में देंगे तो यह भी बताएं। अनुपमा सक्सेना ने कहा सीबीएसई को विद्यार्थियों का डाटा भेजना है। जो बच्चे ऑनलाइन क्लास नहीं कर रहे या संपर्क नहीं करेंगे उनका डाटा बोर्ड को नहीं भेजा जा सकेगा। अल्पना शर्मा ने कहा स्कूल में ऑनलाइन टेस्ट हो रहे हैं। जिसमें छात्रों को शामिल होना पड़ेगा। देरी होने पर छात्र क्लास में शामिल नहीं हो सकेंगे। वहीं, गोपाल दीक्षित ने कहा कि स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया चालू है। नए प्रवेश पर शुल्क लेना है या नहीं स्कूल तय करेंगे। पुराने छात्रों से प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा। यहां सतीश शर्मा व मनोज शर्मा ने भी विचार रखे।
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