{"_id":"5d3380d78ebc3e6cbc339ab6","slug":"schools-kithor-news-mrt434242277","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार के लाख प्रयास के बाद भी परिषदीय स्कूलों नहीं सुध्रर रही दशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार के लाख प्रयास के बाद भी परिषदीय स्कूलों नहीं सुध्रर रही दशा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खरखौदा। सरकार परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए समय-समय पर आवश्यक कदम उठा रही है। वहीं, विभागीय लापरवाही के चलते इनका लाभ बच्चों तक नहीं पहुंच रहा है। जिस कारण इनमें छात्रों की संख्या लगातार घट रही है।
उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों की दशा पहले से ही खराब रही है। अधिकतर में बच्चे फर्श पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। अभिभावकों में पब्लिक स्कूलों के प्रति बढ़ते रुझान के चलते सरकारी स्कूलों में बच्चों की तादाद घटने लगी। वहीं, सरकार ने सिस्टम को बचाए रखने के लिए बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास तेज किए। इन स्कूलों में मध्याह्न भोजन, दूध, किताबें, निशुल्क यूनिफार्म, जूते, विद्युत कनेक्शन, पंखे व स्मार्ट क्लास आदि समेत कई सुविधाएं मिलने लगीं। वहीं, करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी इन विद्यालयों की दशा नहीं सुधर रही है। इस वर्ष प्रदेश सरकार ने नया सत्र शुरू होने के पहले कई विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, किताबें, सफाई आदि पर विशेष ध्यान दिया। हालांकि विभाग की लापरवाही के चलते ब्लॉक के कई विद्यालयों में न तो विद्युत कनेक्शन हैं और कई विद्यालयों के केबल चोरी हो गए। उनमें अरसे बाद भी केबल तक नहीं लगाया गया है। वहीं, कई विद्यालय ऐसे हैं जिनमें कई-कई वर्षों से कनेक्शन चोरी से चल रहे हैं। विकास खंड खरखौदा क्षेत्र में 30 विद्यालय जूनियर एवं 55 विद्यालय प्राइमरी स्कूल हैं। कई वर्ष पहले सभी विद्यालयों में विद्युतीकरण का आदेश हो चुका है। इसके बावजूद सात जूनियर एवं 13 प्राथमिक विद्यालयों में अभी तक भी विद्युतीकरण नहीं हुआ है। छात्र गर्मी और बिना रोशनी के पढ़ते हैं। कई विद्यालयों में कई-कई वर्ष पहले केबल एवं पंखे चोरी हो गए। इस ओर विभागीय अफसरों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया है।
नहीं चल सकेंगी स्मार्ट क्लास
प्रदेश सरकार की ओर से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए इसी वर्ष स्मार्ट क्लास चलाने की तैयारी है। जिसमें खरखौदा विकास खंड क्षेत्र के 14 जूनियर एवं प्राथमिक विद्यालयों में प्रोजेक्टर लगाए गए हैं। इन विद्यालयों में भी बिजली का कनेक्शन नहीं होने के कारण प्रोजेक्टर शोपीस बने धूल फांक रहे हैं।
विज्ञापन
बिना कनेक्शन विद्युत आपूर्ति
लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान शिक्षा विभाग एवं विद्युत निगम द्वारा आपूर्ति बहाल करा दी जाती है। हालांकि चुनाव के बाद भी इन विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन नहीं दिए गए हैं।
वर्जन
शिक्षा विभाग की ओर सभी विद्यालयों को विद्युत कनेक्शन की मद में धन स्वीकृत किया गया है। वहां कनेक्शन क्यों नहीं हैं इसकी जानकारी की जाएगी। -सतेंद्र ढ़ाका, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मेरठ
यहां नहीं विद्युत कनेक्शन
ब्रह्म जूनियर हाई स्कूल, दादरी, खानपुर, रजपुरा, नगला कबूलपुर, दस्तोई, बदनौली, अटौला
स्कूलों में बेहतर मिली व्यवस्था
फलावदा। कस्बे के सरकारी स्कूलों में बिजली पानी की स्थिति ठीक-ठाक है सभी कक्षाओं में बिजली के पंखे लगे हुए हैं।
कस्बे जूनियर तथा प्राइमरी पाठशाला में बिजली के कनेक्शन लगे हुए हैं। साथ ही कक्षाओं में बिजली के पंखों की व्यवस्था ठीक-ठाक है। कन्या जूनियर विद्यालय मोहल्ला विश्नोईयान तालाब के समीप तथा मोहल्ला जोगीयान में सरकारी स्कूलों में बिजली के कनेक्शन लगे हुए हैं। सभी कक्षाओं में पंखों की व्यवस्था ठीक है तथा पंखे चलते मिले। पेयजल व्यवस्था भी सुचारू मिली।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों की दशा पहले से ही खराब रही है। अधिकतर में बच्चे फर्श पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। अभिभावकों में पब्लिक स्कूलों के प्रति बढ़ते रुझान के चलते सरकारी स्कूलों में बच्चों की तादाद घटने लगी। वहीं, सरकार ने सिस्टम को बचाए रखने के लिए बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास तेज किए। इन स्कूलों में मध्याह्न भोजन, दूध, किताबें, निशुल्क यूनिफार्म, जूते, विद्युत कनेक्शन, पंखे व स्मार्ट क्लास आदि समेत कई सुविधाएं मिलने लगीं। वहीं, करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी इन विद्यालयों की दशा नहीं सुधर रही है। इस वर्ष प्रदेश सरकार ने नया सत्र शुरू होने के पहले कई विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, किताबें, सफाई आदि पर विशेष ध्यान दिया। हालांकि विभाग की लापरवाही के चलते ब्लॉक के कई विद्यालयों में न तो विद्युत कनेक्शन हैं और कई विद्यालयों के केबल चोरी हो गए। उनमें अरसे बाद भी केबल तक नहीं लगाया गया है। वहीं, कई विद्यालय ऐसे हैं जिनमें कई-कई वर्षों से कनेक्शन चोरी से चल रहे हैं। विकास खंड खरखौदा क्षेत्र में 30 विद्यालय जूनियर एवं 55 विद्यालय प्राइमरी स्कूल हैं। कई वर्ष पहले सभी विद्यालयों में विद्युतीकरण का आदेश हो चुका है। इसके बावजूद सात जूनियर एवं 13 प्राथमिक विद्यालयों में अभी तक भी विद्युतीकरण नहीं हुआ है। छात्र गर्मी और बिना रोशनी के पढ़ते हैं। कई विद्यालयों में कई-कई वर्ष पहले केबल एवं पंखे चोरी हो गए। इस ओर विभागीय अफसरों द्वारा ध्यान नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
नहीं चल सकेंगी स्मार्ट क्लास
प्रदेश सरकार की ओर से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए इसी वर्ष स्मार्ट क्लास चलाने की तैयारी है। जिसमें खरखौदा विकास खंड क्षेत्र के 14 जूनियर एवं प्राथमिक विद्यालयों में प्रोजेक्टर लगाए गए हैं। इन विद्यालयों में भी बिजली का कनेक्शन नहीं होने के कारण प्रोजेक्टर शोपीस बने धूल फांक रहे हैं।
विज्ञापन
बिना कनेक्शन विद्युत आपूर्ति
लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान शिक्षा विभाग एवं विद्युत निगम द्वारा आपूर्ति बहाल करा दी जाती है। हालांकि चुनाव के बाद भी इन विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन नहीं दिए गए हैं।
वर्जन
शिक्षा विभाग की ओर सभी विद्यालयों को विद्युत कनेक्शन की मद में धन स्वीकृत किया गया है। वहां कनेक्शन क्यों नहीं हैं इसकी जानकारी की जाएगी। -सतेंद्र ढ़ाका, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मेरठ
यहां नहीं विद्युत कनेक्शन
ब्रह्म जूनियर हाई स्कूल, दादरी, खानपुर, रजपुरा, नगला कबूलपुर, दस्तोई, बदनौली, अटौला
स्कूलों में बेहतर मिली व्यवस्था
फलावदा। कस्बे के सरकारी स्कूलों में बिजली पानी की स्थिति ठीक-ठाक है सभी कक्षाओं में बिजली के पंखे लगे हुए हैं।
कस्बे जूनियर तथा प्राइमरी पाठशाला में बिजली के कनेक्शन लगे हुए हैं। साथ ही कक्षाओं में बिजली के पंखों की व्यवस्था ठीक-ठाक है। कन्या जूनियर विद्यालय मोहल्ला विश्नोईयान तालाब के समीप तथा मोहल्ला जोगीयान में सरकारी स्कूलों में बिजली के कनेक्शन लगे हुए हैं। सभी कक्षाओं में पंखों की व्यवस्था ठीक है तथा पंखे चलते मिले। पेयजल व्यवस्था भी सुचारू मिली।