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Meerut News: स्कूलों पर लटके ताले, 1200 बच्चों के भविष्य पर संकट

Wed, 08 Apr 2026 03:11 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 03:11 AM IST
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Schools are locked, threatening the future of 1,200 children.
सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई से पहले मौजूद व्यापार संघ गुट के पदा​धिकारी आगे की रणनीति बनाते।   - फोटो : Archive
सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद कई स्कूल भी सीलिंग की जद में आ गए हैं। वर्तमान में जिन स्कूलों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है उनमें लगभग 1200 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। आवासीय भूखंडों पर संचालित स्कूलों पर कार्रवाई की जानकारी मिलते ही अभिभावकों और बच्चों में हड़कंप मच गया है। मंगलवार सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो चार स्कूलों के गेट पर ताले लटके मिले जिससे सैकड़ों बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा 44 भवनों को सील करने के निर्देश के बाद इलाके के पांच प्रमुख पब्लिक स्कूलों में मंगलवार को अफरा-तफरी देखी गई। अमेरिकन स्कॉलर, डीआरएस पब्लिक स्कूल, मॉडर्न पब्लिक स्कूल और लिटिल फ्लावर स्कूल पूरी तरह बंद रहे। वहां काम करने वाले शिक्षक स्कूल के बाहर लाचार खड़े नजर आए। वहीं मेरठ पब्लिक स्कूल (गर्ल्स विंग) में सुबह कक्षाएं शुरू तो हुईं लेकिन अन्य स्कूलों की बंदी और अभिभावकों के फोन कॉल्स के दबाव में प्रबंधन ने लंच के बाद हाफ डे घोषित कर घर भेज दिया।
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अभिभावकों का दर्द-अब क्या होगा हमारे बच्चों का?

मैं अपने बेटे को कक्षा 5 में छोड़ने आया था लेकिन माहौल देखकर चिंता हुई। स्कूल ने छुट्टी कर दी। अब समझ नहीं आ रहा कि बच्चे आगे कहां पढ़ेंगे? - पुलकित

बीच सत्र में बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करना कितना मुश्किल होगा, यह सोचकर ही परेशानी हो रही है। - गौरव ठाकुर

मेरी बेटी अमेरिकन स्कॉलर में पढ़ती है, वहां स्कूल बंद का नोटिस लग गया है। बच्चे के भविष्य की चिंता सता रही है। - अनीता

स्कूल की इसमें कोई गलती नहीं है। प्रशासन को कम से कम बच्चों के भविष्य का तो ध्यान रखना चाहिए था। - राशि



प्रबंधन का पक्ष: किसने क्या कहा?

हमारा 350 मीटर का हिस्सा आवासीय है जहां कक्षाएं नहीं चलतीं। हमने भू-उपयोग परिवर्तन के लिए आवेदन किया हुआ है। यदि परिषद उस हिस्से को सील करती है तो हमें आपत्ति नहीं है क्योंकि पढ़ाई का क्षेत्र अलग है। — सपना आहूजा, प्रधानाचार्य, एमपीएस गर्ल्स विंग
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स्कूल 19 साल से चल रहा है यह 20वां सत्र था। 300 से अधिक बच्चे और 40 स्टाफ सदस्य हैं। फिलहाल एक सप्ताह के लिए स्कूल बंद किया है ताकि अभिभावकों को तत्काल परेशानी न हो। — मोहनी लांबा, प्रबंधक, अमेरिकन स्कॉलर स्कूल



दो साल से स्कूल संचालित है जिसमें प्री-नर्सरी से कक्षा 5 तक के करीब 250 बच्चे पढ़ रहे हैं। फिलहाल छुट्टी कर दी गई है। — ऋषि, संचालक, मॉडर्न स्कूल



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ऑल इंडिया स्कूल एसोसिएशन बोला- रिट दायर कर बचाएंगे स्कूल

मेरठ। आवासीय भूखंडों पर बने चार से पांच पब्लिक स्कूलों पर सीलिंग की तलवार लटकने से प्रबंधकों के चेहरे उतर गए हैं। कई स्कूलों ने सामान शिफ्ट करना शुरू कर दिया है और एक सप्ताह की छुट्टियां घोषित कर दी हैं।

ऑल इंडिया स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलजीत सिंह ने कहा कि जिन विद्यालयों पर सीलिंग के आदेश दिए गए हैं उनमें सबसे अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। इन स्कूलों को बचाने के लिए एसोसिएशन सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर करने जा रहा है। उन्होंने कहा इन स्कूलों ने सभी मानकों का पूरा पालन किया था। बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही थी। अचानक सीलिंग से हजारों छात्रों की शिक्षा प्रभावित होगी। हम कोर्ट से राहत मांगेंगे।




बड़ा सवाल: 1200 बच्चों का क्या होगा

कार्रवाई की जद में आ रहे स्कूलों ने फिलहाल एक सप्ताह की छुट्टी तो कर दी है लेकिन यदि कोर्ट से राहत नहीं मिली तो 1200 बच्चों का शैक्षणिक सत्र बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया है। अभिभावक इस कशमकश में हैं कि क्या उन्हें अपने बच्चों का दाखिला किसी अन्य स्कूल में कराना चाहिए या राहत का इंतजार करना चाहिए।
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