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Meerut News: स्कूल के कमरे में बंद हुई छात्रा, ग्रामीणों ने स्कूल में दिया धरना
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सरधना। गांव बहादुरपुर में कमरे में छात्रा बंद होने पर धरना देते ग्रामीण। संवाद
- ग्रामीणों ने ताला तोड़कर छात्रा को बाहर निकाला, माफी मांगने पर धरना समाप्त किया
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। सरूरपुर ब्लॉक के गांव बहादरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर-1 में शनिवार को कक्षा पांचवीं की छात्रा रश्मि छुट्टी के बाद कक्षा में ही बंद रह गई। घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो वह विद्यालय के बंद कमरे में रोती मिली। ग्रामीणों ने ताला तोड़कर उसे बाहर निकाला। घटना से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को विद्यालय में धरना देकर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
गांव बहादरपुर निवासी संजय की बेटी रश्मि कक्षा पांचवीं में पढ़ती है। शनिवार को विद्यालय की छुट्टी के बाद उसकी बड़ी बहन लक्की घर पहुंच गई, लेकिन रश्मि करीब तीन घंटे तक घर नहीं पहुंची। इसे लेकर परिजन परेशान हो गए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश शुरू की। काफी देर तक छात्रा को तलाश करने के बाद परिजन विद्यालय पहुंचे। जहां एक कमरे से छात्रा के रोने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने ताला तोड़कर रश्मि को बाहर निकाला।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षकों ने छुट्टी के बाद कक्षाओं की जांच किए बिना ही विद्यालय में ताला लगा दिया। इसके विरोध में सोमवार को ग्रामीण विद्यालय में एकत्र हो गए और भारतीय किसान यूनियन टिकैत के तहसील अध्यक्ष देशपाल हुड्डा के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक व शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
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सूचना मिलने पर कार्यवाहक खंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन लाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रधानाध्यापक राजीव कुमार ने ग्रामीणों के सामने लिखित रूप से माफी मांगी। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।
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चार साल पहले छात्र स्कूल में बंद हो गया था
ग्रामीणों के अनुसार करीब चार वर्ष पहले भी एक छात्र के कक्षा में बंद रह जाने का मामला सामने आया था। उस समय स्टाफ की ओर से माफी मांगने के बाद मामला शांत हो गया था। दोबारा ऐसी घटना होने से ग्रामीणों में रोष है। इसे लेकर ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की घटना हुई तो वह आंदोलन करेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। सरूरपुर ब्लॉक के गांव बहादरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर-1 में शनिवार को कक्षा पांचवीं की छात्रा रश्मि छुट्टी के बाद कक्षा में ही बंद रह गई। घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो वह विद्यालय के बंद कमरे में रोती मिली। ग्रामीणों ने ताला तोड़कर उसे बाहर निकाला। घटना से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को विद्यालय में धरना देकर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
गांव बहादरपुर निवासी संजय की बेटी रश्मि कक्षा पांचवीं में पढ़ती है। शनिवार को विद्यालय की छुट्टी के बाद उसकी बड़ी बहन लक्की घर पहुंच गई, लेकिन रश्मि करीब तीन घंटे तक घर नहीं पहुंची। इसे लेकर परिजन परेशान हो गए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश शुरू की। काफी देर तक छात्रा को तलाश करने के बाद परिजन विद्यालय पहुंचे। जहां एक कमरे से छात्रा के रोने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने ताला तोड़कर रश्मि को बाहर निकाला।
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ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षकों ने छुट्टी के बाद कक्षाओं की जांच किए बिना ही विद्यालय में ताला लगा दिया। इसके विरोध में सोमवार को ग्रामीण विद्यालय में एकत्र हो गए और भारतीय किसान यूनियन टिकैत के तहसील अध्यक्ष देशपाल हुड्डा के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक व शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
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सूचना मिलने पर कार्यवाहक खंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन लाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रधानाध्यापक राजीव कुमार ने ग्रामीणों के सामने लिखित रूप से माफी मांगी। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।
चार साल पहले छात्र स्कूल में बंद हो गया था
ग्रामीणों के अनुसार करीब चार वर्ष पहले भी एक छात्र के कक्षा में बंद रह जाने का मामला सामने आया था। उस समय स्टाफ की ओर से माफी मांगने के बाद मामला शांत हो गया था। दोबारा ऐसी घटना होने से ग्रामीणों में रोष है। इसे लेकर ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की घटना हुई तो वह आंदोलन करेंगे।

सरधना। गांव बहादुरपुर में कमरे में छात्रा बंद होने पर धरना देते ग्रामीण। संवाद