मौत का जिम्मेदार कौन: किराया पूरा, वाहनों की फिटनेस पर नहीं ध्यान, लापरवाही ले रही बच्चों की जा रही जान
प्रबंधन स्कूल बसों की फिटनेस और नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। नतीजन लापरवाही बच्चों की जान ले रही है। मेरठ के लावड़ मसूरी मार्ग पर स्कूल बस ने एक मासूम की जान ले ली। बच्ची के परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल है, लेकिन स्कूल प्रबंधन बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
विस्तार
मेरठ के लावड़-मसूरी मार्ग स्थित हेडवे स्कूल में नर्सरी की छात्रा आसिफा की हादसे में मौत के बाद उसके घर व स्कूल में मातम पसरा है। स्कूल में तीन दिन की छुट्टी घोषित की गई है। जिस ट्रांसपोर्ट की बस लगी थी, प्रबंधन ने उसे हटा दिया है। वहीं प्रबंधन स्कूल बसों की फिटनेस और नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। शनिवार को हुए हादसे में भी स्कूल प्रबंधन की लापरवाही नजर आई। चार वर्षीय आसिफा की स्कूल बस से उतरने के बाद बस का पहिया चढ़ जाने से मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार देर रात परिजनों ने बच्ची के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। रविवार को दिनभर घर में मातम पसरा रहा। इस प्रकरण में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही साफ दिखाई दी।
स्कूल बस की फिटनेस व नियमों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्कूल बस में बच्चों को लाने व छोड़ने के दौरान परिचालक व स्कूल का स्टाफ होना चाहिए। शनिवार के दिन ना तो परिचालक था और ना ही स्टाफ।
किराया पूरा, सुरक्षा पर नहीं ध्यान
स्कूल बसों में प्रति छात्र प्रतिमाह 500 से 600 रुपये किराया लिया जा रहा है। अभिभावक भी किराया तो पूरा देते हैं, लेकिन कभी स्कूल प्रबंधन से बसों की फिटनेस, परिचालक व नियम पालन को लेकर वार्ता नहीं करते। इस कारण स्कूल प्रबंधन बसों की फिटनेस नहीं कराते।
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मौत का जिम्मेदार कौन
स्कूल प्रबंधन ने ट्रांसपोर्टर की गलती बताई तो ट्रांसपोर्टर ने परिचालक के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। ऐसे में सवाल उठता है कि आसिफा की मौत का जिम्मेदार कौन है। पुलिस और आरटीओ विभाग भी ठोस कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है।
परिचालक पर बैठाई जांच
स्कूल प्रबंधन ने परिचालक पर जांच बैठा दी है। हादसे के बाद स्कूल बस की फिटनेस पर सवाल उठे थे। स्कूल बस की फिटनेस खत्म हो चुकी थी और बस पर परिचालक भी नहीं था।
स्कूल प्रबंधन दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ है। स्कूल में तीन दिन का अवकाश घोषित किया गया है। जिस ट्रांसपोर्ट की बसें स्कूल में लगी थीं, उसे हटा दिया गया है। परिचालक के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। -रोहित राठी, प्रधानाचार्य, हेडवे स्कूल
स्कूल बसों में फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं होने और नियमों का पालन नहीं कराए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। 14 मार्च के बाद स्कूली वाहनों की जांच कार्रवाई की जाएगी। -कुलदीप सिंह, एआरटीओ