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गिरफ्तारी वारंट चस्पा देखा तो उड़ गए होश
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सरधना। मढ़ियाई गांव निवासी एक व्यक्ति ने अपने मकान पर गिरफ्तारी वारंट चस्पा देखा तो उसके होश उड़ गए। पशु चोरी एवं लूट के मामले में दर्ज मुकदमे में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुरादाबाद की कोर्ट से जारी वारंट पुलिस द्वारा चस्पा किया गया। हालांकि उसका आपराधिक इतिहास नहीं है। आरोप है कि उसके ही गांव के युवक का नाम उसके पिता के नाम पर है। उसने अपने नाम के आगे उसके नाम का उर्फ लगा लिया है। वहीं, पीड़ित ने पुलिस से जांच कराने की मांग की है।
मढ़ियाई गांव निवासी बाबू अपने पुत्र दिलशाद को लेकर बुधवार सुबह थाने पहुंचा। उसने बताया कि उसके मकान पर पुलिस ने उसके पुत्र दिलशाद के नाम गिरफ्तारी वारंट चस्पा कर दिया है। इसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुरादाबाद की कोर्ट से जारी किया गया है। हालांकि उसके पुत्र का आपराधिक इतिहास नहीं है। बाबू ने बताया कि गांव में ही एक पशु चोर है। जिसका नाम शहनाजुद्दीन उर्फ दिलशाद पुत्र बाबू तेली है। जिसके खिलाफ सरधना एवं अन्य थानों में पशु चोरी तथा लूट के मामले दर्ज हैं। शहनाजुद्दीन ने अपना नाम पुलिस रिकार्ड में दिलशाद और पिता का नाम बाबू बता रखा है। शायद इसीलिए उसके मकान पर गलत वारंट चस्पा हुआ है। इसकी जांच कराकर उसके मकान से वारंट को हटवाया जाए। जिससे उसकी गांव में बदनामी न हो। वह और उसका बेटा मजदूरी करके परिवार की गुजर-बसर कर रहे हैं। उसके मकान पर वारंट चस्पा होने से परिजन परेशान हैं। इस संबंध में थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जा रही है। यदि वारंट गलत मकान पर चस्पा हुआ है तो असली उसे आरोपी के यहां चस्पा कराया जाएगा। पीड़ित को परेशान नहीं किया जाएगा। वहीं, पूर्व प्रधान अकरम खां का कहना है कि उन्होंने भी इस संबंध में पुलिस से बातचीत की है कि निर्दोष को परेशान न किया जाए।
वर्जन
जिस दिलशाद पुत्र बाबू के मकान पर वारंट चस्पा किया गया है। उसका आपराधिक इतिहास नहीं है। जिस शहनाजुद्दीन उर्फ दिलशाद पुत्र बाबू पर पशु चोरी एवं लूट के मुकदमे दर्ज हैं। वह करीब दस वर्षों से गांव में नहीं रहता है। उसका परिवार फिलहाल मेरठ में रह रहा है। वारंट भूलवश चस्पा किया गया है। जिसमें पुलिस को सुधार करना चाहिए।-जमील उर्फ मुन्ना, ग्राम प्रधान मढ़ियाई
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मढ़ियाई गांव निवासी बाबू अपने पुत्र दिलशाद को लेकर बुधवार सुबह थाने पहुंचा। उसने बताया कि उसके मकान पर पुलिस ने उसके पुत्र दिलशाद के नाम गिरफ्तारी वारंट चस्पा कर दिया है। इसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मुरादाबाद की कोर्ट से जारी किया गया है। हालांकि उसके पुत्र का आपराधिक इतिहास नहीं है। बाबू ने बताया कि गांव में ही एक पशु चोर है। जिसका नाम शहनाजुद्दीन उर्फ दिलशाद पुत्र बाबू तेली है। जिसके खिलाफ सरधना एवं अन्य थानों में पशु चोरी तथा लूट के मामले दर्ज हैं। शहनाजुद्दीन ने अपना नाम पुलिस रिकार्ड में दिलशाद और पिता का नाम बाबू बता रखा है। शायद इसीलिए उसके मकान पर गलत वारंट चस्पा हुआ है। इसकी जांच कराकर उसके मकान से वारंट को हटवाया जाए। जिससे उसकी गांव में बदनामी न हो। वह और उसका बेटा मजदूरी करके परिवार की गुजर-बसर कर रहे हैं। उसके मकान पर वारंट चस्पा होने से परिजन परेशान हैं। इस संबंध में थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जा रही है। यदि वारंट गलत मकान पर चस्पा हुआ है तो असली उसे आरोपी के यहां चस्पा कराया जाएगा। पीड़ित को परेशान नहीं किया जाएगा। वहीं, पूर्व प्रधान अकरम खां का कहना है कि उन्होंने भी इस संबंध में पुलिस से बातचीत की है कि निर्दोष को परेशान न किया जाए।
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जिस दिलशाद पुत्र बाबू के मकान पर वारंट चस्पा किया गया है। उसका आपराधिक इतिहास नहीं है। जिस शहनाजुद्दीन उर्फ दिलशाद पुत्र बाबू पर पशु चोरी एवं लूट के मुकदमे दर्ज हैं। वह करीब दस वर्षों से गांव में नहीं रहता है। उसका परिवार फिलहाल मेरठ में रह रहा है। वारंट भूलवश चस्पा किया गया है। जिसमें पुलिस को सुधार करना चाहिए।-जमील उर्फ मुन्ना, ग्राम प्रधान मढ़ियाई
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