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हस्तिनापुर तीर्थ का जैन धर्म में महत्व बताया : सौरभ जैन
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महावीर जयंती भवन में 184 वें रविवार पूजन प्रशाल शिविर का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। महावीर जयंती भवन में रविवार को सौरभ जैन सराफ के संयोजन में 184 वें रविवार पूजन प्रशाल प्रशिक्षण एवं संस्कार शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 65 से अधिक बालक बालिकाओं ने भाग लिया। बच्चों को हस्तिनापुर तीर्थ क्षेत्र के जैन धर्म में महत्व की जानकारी दी गई।
सौरभ और गौरव जैन ने बताया कि जैन धर्म के 16 वें, 17 वें और 18 वें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ, कुंथुनाथ और अरहनाथ के चार-चार कल्याणक हस्तिनापुर में हुए। भगवान आदिनाथ का प्रथम आहार राजा सोम और श्रेयांस के माध्यम से हुआ। भगवान मल्लिनाथ का समवशरण भी हस्तिनापुर आया था।
अतुल जैन, देवेंद्र जैन, विनोद जैन और अमन जैन ने प्रक्षाल की क्रियाएं कराईं। राहुल जैन, गौरव जैन, वैभव जैन, सम्यक जैन और प्रमोद पारस ने पूजन विधि संपन्न कराई। प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य प्रदीप जैन, शशांक जैन और राहुल जैन परिवार को मिला। बच्चों को पुरस्कार भी वितरित किए गए।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। महावीर जयंती भवन में रविवार को सौरभ जैन सराफ के संयोजन में 184 वें रविवार पूजन प्रशाल प्रशिक्षण एवं संस्कार शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 65 से अधिक बालक बालिकाओं ने भाग लिया। बच्चों को हस्तिनापुर तीर्थ क्षेत्र के जैन धर्म में महत्व की जानकारी दी गई।
सौरभ और गौरव जैन ने बताया कि जैन धर्म के 16 वें, 17 वें और 18 वें तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ, कुंथुनाथ और अरहनाथ के चार-चार कल्याणक हस्तिनापुर में हुए। भगवान आदिनाथ का प्रथम आहार राजा सोम और श्रेयांस के माध्यम से हुआ। भगवान मल्लिनाथ का समवशरण भी हस्तिनापुर आया था।
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अतुल जैन, देवेंद्र जैन, विनोद जैन और अमन जैन ने प्रक्षाल की क्रियाएं कराईं। राहुल जैन, गौरव जैन, वैभव जैन, सम्यक जैन और प्रमोद पारस ने पूजन विधि संपन्न कराई। प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य प्रदीप जैन, शशांक जैन और राहुल जैन परिवार को मिला। बच्चों को पुरस्कार भी वितरित किए गए।
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