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Meerut News: यजुर्वेद श्रावण और सामवेद श्रावण में सत्यानंद व शिवांश प्रथम अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन में गुरुकुल प्रभात आश्रम के ब्रह्मचारियों ने लहराई विजय पताका
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अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 में विजय रहे गुरुकुल प्रभात आश्रम के ब्रह्मचार
संवाद न्यूज एजेंसी
जानीखुर्द। आर्य समाज के 150 स्वर्णिम वर्ष पर अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन का आयोजन दिल्ली में 30 अक्तूबर से 2 नवंबर तक किया गया। कार्यक्रम में गुरुकुल प्रभात आश्रम टीकरी के ब्रह्मचारियों ने हिस्सा लेते हुए पदक जीते। अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कृण्वंतो विश्वमार्यम इस वेदवाक्य का उद्घोष करते हुए विश्व को श्रेष्ठ बनाने के लिए कहा और गायत्री मंत्र से अंकित मुद्रा सर्वसम्मुख की।
महासम्मेलन में शास्त्र कंठस्थीकरण, अंत्याक्षरी और भाषण आदि विविध प्रतियोगिताओं, शोध संगोष्ठी आदि अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महासम्मेलन में गुरुकुल प्रभात आश्रम के ब्रह्मचारियों ने विविध प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए अनेक पदक जीतकर गुरुकुल प्रभात आश्रम टीकरी का सम्मान बढ़ाया। गुरुकुल प्रभात आश्रम के सत्यानंद संपूर्ण यजुर्वेद श्रावण और सामवेद श्रावण में सत्यानंद व शिवांश प्रथम रहे। संपूर्ण अष्टाध्यायी श्रावण में सूरज, शिवांश, अंकित, दिगंबर, निखिल, आश्रय प्रथम रहे।
संपूर्ण धातु पाठ श्रावण में यशमोहन, भारत, अनिलेश और तीन ग्रंथ उणादिकोश, लिंगानुशासन और फिट्सूत्रपाठ के श्रावण में यशमोहन, अभिषेक, भरत प्रथम रहे। संपूर्ण ग्रंथों के कंठस्थीकरण की भाषण (वरिष्ठ) प्रतियोगिता में निर्झर द्वितीय और भाषण (कनिष्ठ) प्रतियोगिता में आश्रय द्वितीय रहे। सत्यानंद ने मंत्र-अंत्याक्षरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। गुरुकुल के महामंत्री प्रो. वाचस्पति मिश्र प्रतियोगिता में ब्रह्मचारियों के सहयोग के लिए साथ रहे।
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रविवार शाम आश्रम पहुंचने पर गुरुकुल के कुलाधिपति स्वामी विवेकानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि यह जीत प्रमाण है परिश्रम और उत्साह का। सभी ब्रह्मचारियों को इस विजय से सीखना चाहिए कि जिनमें लगन होती है वह कार्य सिद्ध कर जाते हैं।
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जानीखुर्द। आर्य समाज के 150 स्वर्णिम वर्ष पर अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन का आयोजन दिल्ली में 30 अक्तूबर से 2 नवंबर तक किया गया। कार्यक्रम में गुरुकुल प्रभात आश्रम टीकरी के ब्रह्मचारियों ने हिस्सा लेते हुए पदक जीते। अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कृण्वंतो विश्वमार्यम इस वेदवाक्य का उद्घोष करते हुए विश्व को श्रेष्ठ बनाने के लिए कहा और गायत्री मंत्र से अंकित मुद्रा सर्वसम्मुख की।
महासम्मेलन में शास्त्र कंठस्थीकरण, अंत्याक्षरी और भाषण आदि विविध प्रतियोगिताओं, शोध संगोष्ठी आदि अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महासम्मेलन में गुरुकुल प्रभात आश्रम के ब्रह्मचारियों ने विविध प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए अनेक पदक जीतकर गुरुकुल प्रभात आश्रम टीकरी का सम्मान बढ़ाया। गुरुकुल प्रभात आश्रम के सत्यानंद संपूर्ण यजुर्वेद श्रावण और सामवेद श्रावण में सत्यानंद व शिवांश प्रथम रहे। संपूर्ण अष्टाध्यायी श्रावण में सूरज, शिवांश, अंकित, दिगंबर, निखिल, आश्रय प्रथम रहे।
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संपूर्ण धातु पाठ श्रावण में यशमोहन, भारत, अनिलेश और तीन ग्रंथ उणादिकोश, लिंगानुशासन और फिट्सूत्रपाठ के श्रावण में यशमोहन, अभिषेक, भरत प्रथम रहे। संपूर्ण ग्रंथों के कंठस्थीकरण की भाषण (वरिष्ठ) प्रतियोगिता में निर्झर द्वितीय और भाषण (कनिष्ठ) प्रतियोगिता में आश्रय द्वितीय रहे। सत्यानंद ने मंत्र-अंत्याक्षरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। गुरुकुल के महामंत्री प्रो. वाचस्पति मिश्र प्रतियोगिता में ब्रह्मचारियों के सहयोग के लिए साथ रहे।
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रविवार शाम आश्रम पहुंचने पर गुरुकुल के कुलाधिपति स्वामी विवेकानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि यह जीत प्रमाण है परिश्रम और उत्साह का। सभी ब्रह्मचारियों को इस विजय से सीखना चाहिए कि जिनमें लगन होती है वह कार्य सिद्ध कर जाते हैं।