{"_id":"69b956fd31c25015dc0119bb","slug":"salvation-is-achieved-only-by-taking-refuge-in-the-guru-saint-baba-kashmira-singh-meerut-news-c-228-1-mwn1001-104599-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुरु की शरण में जाने से ही मिलती है मुक्ति : संत बाबा कश्मीरा सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरु की शरण में जाने से ही मिलती है मुक्ति : संत बाबा कश्मीरा सिंह
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव सराय खादर खारों वाला में स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में आयोजित धार्मिक समागम में चौथे और अंतिम दिन संत बाबा कश्मीरा सिंह ने संगत को अपने प्रवचनों से निहाल कर दिया। उन्होंने कहा कि बिना गुरु के मनुष्य को सच्ची मुक्ति प्राप्त नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि गुरु ही वह मार्गदर्शक हैं जो मनुष्य को सत्य के रास्ते पर चलना सिखाते हैं और जीवन के वास्तविक उद्देश्य से परिचित कराते हैं।
संत बाबा कश्मीरा सिंह ने कहा कि यदि मनुष्य अपना तन, मन और धन गुरु के नाम कर देता है तो गुरु भी अपने आशीर्वाद और ज्ञान से शिष्य का जीवन संवार देते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को परमानंद की अवस्था प्राप्त होने के बाद ही सच्ची मुक्ति मिलती है। यह मुक्ति शरीर छोड़ने के बाद नहीं बल्कि जीवन रहते हुए ही प्राप्त की जा सकती है। मुक्ति का मार्ग नाम शब्द के माध्यम से खुलता है। जब मनुष्य सच्चे मन से प्रभु के नाम का स्मरण करता है और गुरु के बताए मार्ग पर चलता है तभी उसके जीवन में आध्यात्मिक उन्नति होती है।
उन्होंने सिख गुरुओं के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने देश, समाज और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, लेकिन कभी अन्याय के आगे झुके नहीं। उनका जीवन त्याग, साहस और धर्मनिष्ठा का अद्भुत उदाहरण है। आज के समय में हमें गुरुओं के बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। यदि हम अपने जीवन में उनके आदर्शों को अपनाए तो समाज में शांति, भाईचारा और धर्म की रक्षा संभव है। अरदास के बाद चार दिवसीय सालाना सिख समागम का समापन हुआ। समागम में बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने सिख संत के प्रवचनों को श्रद्धा भाव से सुना। श्रद्धालुओं ने आयोजित गुरु के लंगर में प्रसाद ग्रहण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव सराय खादर खारों वाला में स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में आयोजित धार्मिक समागम में चौथे और अंतिम दिन संत बाबा कश्मीरा सिंह ने संगत को अपने प्रवचनों से निहाल कर दिया। उन्होंने कहा कि बिना गुरु के मनुष्य को सच्ची मुक्ति प्राप्त नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि गुरु ही वह मार्गदर्शक हैं जो मनुष्य को सत्य के रास्ते पर चलना सिखाते हैं और जीवन के वास्तविक उद्देश्य से परिचित कराते हैं।
संत बाबा कश्मीरा सिंह ने कहा कि यदि मनुष्य अपना तन, मन और धन गुरु के नाम कर देता है तो गुरु भी अपने आशीर्वाद और ज्ञान से शिष्य का जीवन संवार देते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को परमानंद की अवस्था प्राप्त होने के बाद ही सच्ची मुक्ति मिलती है। यह मुक्ति शरीर छोड़ने के बाद नहीं बल्कि जीवन रहते हुए ही प्राप्त की जा सकती है। मुक्ति का मार्ग नाम शब्द के माध्यम से खुलता है। जब मनुष्य सच्चे मन से प्रभु के नाम का स्मरण करता है और गुरु के बताए मार्ग पर चलता है तभी उसके जीवन में आध्यात्मिक उन्नति होती है।
विज्ञापन
उन्होंने सिख गुरुओं के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने देश, समाज और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, लेकिन कभी अन्याय के आगे झुके नहीं। उनका जीवन त्याग, साहस और धर्मनिष्ठा का अद्भुत उदाहरण है। आज के समय में हमें गुरुओं के बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। यदि हम अपने जीवन में उनके आदर्शों को अपनाए तो समाज में शांति, भाईचारा और धर्म की रक्षा संभव है। अरदास के बाद चार दिवसीय सालाना सिख समागम का समापन हुआ। समागम में बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही और सभी ने सिख संत के प्रवचनों को श्रद्धा भाव से सुना। श्रद्धालुओं ने आयोजित गुरु के लंगर में प्रसाद ग्रहण किया।
विज्ञापन