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सेल्स एग्जीक्यूटिव निकला अपहरणकर्ता   

Tue, 02 Jan 2018 11:22 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Tue, 02 Jan 2018 11:22 AM IST
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sales executive nikla apharnkarta
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

व्यापारी के बेटे को अगवा कर 50 लाख की फिरौती मांगने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी जियो कंपनी का सेल्स एग्जीक्यूटिव है, जिसने पूरी प्लानिंग बनाई। व्यापारी के बेटे ने 25 दिन पूर्व जियो के शोरूम से एप्पल के दो मोबाइल खरीदे थे। इस दौरान सेल्स एग्जीक्यूटिव ने छात्र को अगवा कर फिरौती वसूलने के लिए फिल्म जैसी स्क्रिप्ट तैयार कर ली। एसपी सिटी ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि तीनों आरोपी विपुल पंवार निवासी सी-82 केंद्रीय विहार कंकरखेड़ा, विनय शर्मा निवासी 142 जस्सू मोहल्ला कंकरखेड़ा, राहुल निवासी 242 शिवलोकपुरी कंकरखेड़ा हैं। आरोपियों की निशानदेही पर कंकरखेड़ा पुलिस ने छात्र के अपहरण के दौरान प्रयुक्त की गई होंडा सिटी व चोरी की क्विड गाड़ी, एक पिस्टल, एक बाइक, दो मोबाइल बरामद किए हैं।

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ऐसे बनाया प्लान
एसपी सिटी मानसिंह चौहान ने बताया कि अपहरण कांड का मास्टर माइंड विपुल पंवार कंकरखेड़ा थाने के सामने जियो कंपनी का शोरूम में सेल्स एग्जीक्यूटिव था। 25 दिन पहले छात्र रूपम मित्तल ने जियो कंपनी से एप्पल के दो मोबाइल खरीदे थे। रूपम ने 1.80 लाख कैश दिया, तभी एग्जीक्यूटिव विपुल पंवार ने अपहरण कर 50 लाख की फिरौती वसूलने का प्लान बनाया। खरीददारी के दौरान रूपम का मोबाइल नंबर विपुल ने ले लिए थे। विपुल ने अपने दो साथी विनय शर्मा और राहुल को वारदात में शामिल किया। विपुल ने एक लड़की के नाम से छात्र को मेसेज भेजा। मेसेज से बातचीत का सिलसिला चला। मुलाकात करने के लिए शनिवार को कंकरखेड़ा फ्लाईओवर पर विपुल ने छात्र को अकेला बुलाया। छात्र आया, तभी विपुल ने अपने दोनों साथियों के संग उसको अगवा किया। अपहरण के लिए 18 दिसंबर को विपुल ने मेडिकल क्षेत्र के पांडवनगर से इनकम टैक्स में तैनात इंस्पेक्टर वंदना शर्मा की क्विड गाड़ी को चोरी किया था। वंदना शर्मा रिश्ते में विपुल की मामी हैं। आरोपी ने गाजियाबाद ले जाकर क्विड गाड़ी का पूरा कलर बदलवा लिया। उसके बाद ओलेक्स से क्विड गाड़ी का एक नंबर लिया, जोकि चोरी की गाड़ी पर लिखवाया। छात्र का अपहरण कर क्विड गाड़ी को आरोपियों ने केंद्रीय विहार के बेसमेंट में खड़ी कर दी। आरोपियों ने अपनी होंडा सिटी से छात्र का अपहरण करने के लिए सटीक रैकी की थी। आरोपियों ने आपस में बातचीत करने के लिए फर्जी आईडी पर तीन सिम भी लिए थे। 
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यह हुआ था मामला  
30 दिसंबर को कंकरखेड़ा के व्यापारी राजन मित्तल के  बेटे रूपम मित्तल का बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। रूपम आर्मी स्कूल में कक्षा 12 वीं का छात्र है। बदमाशों ने उसको क्विड गाड़ी के डिक्की में बंद किया था। रूपम डिक्की से निकलकर भाग गया था। वहीं पुलिस मामले को संदिग्ध बताती रही। लेकिन छात्र और उसके परिजन अपहरण, फिरौती मांगने की बात पुलिस से कहते रहे। 
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रूपम ने दिया बहादुरी का परिचय
इस मामले में छात्र रूपम ने वाकई बहादुरी का परिचय दिया है। अपहरण कर बदमाशों ने उसको कोल्डड्रिंक में नशे की तीन गोलियां दीं। छात्र ने कोल्डड्रिंक पी और गोलियां को जीभ के नीचे दबा लिया। पलक झपकते छात्र ने गोली मुंह से निकालकर फेंक दी। जिसके चलते उसको नशा थोड़ा कम हुआ। आरोपियों ने रूपम से दो बार उसके परिजनों के नंबर पर 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए कॉल कराई थी। रूपम ने दोनों बार नो नंबर मिलाए। कार की डिक्की का लॉक ठीक  से नहीं लगा था, जिसके चलते रूपम बार बार वहां से निकलकर भागने का प्रयास करता था। एक बार तो डिक्की खोलते ही आरोपियों ने उसे देख लिया था। आरोपियों ने उसको धमकाते हुए डिक्की बंद भी की, तब उसने डिक्की के नीचे गत्ते का एक टुकड़ा लगा दिया। जिसके चलते वह लॉक नहीं हुई। मौका देखते ही वह भागने में कामयाब हो गया। 

एग्जीक्यूटिव को जानता था 
पुलिस को रूपम ने ही बताया कि आरोपी उसको केंद्रीय विहार के बेसमेंट में क्विड गाड़ी में ले गए थे। पुलिस वहां पर गई तो गार्ड ने क्विड गाड़ी आने की बात कही। जिसके बाद पुलिस को छात्र पर यकीन हो गया। छात्र ने जियो के सेल्स एग्जीक्यूटिव के बारे में भी बताया। पुलिस ने विपुल पंवार को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार किया। 

दो लाख किए खर्च
रूपम के परिजनों का कहना कि मोबाइल कंपनी के सेल्स एग्जीक्यूटिव ऐसी वारदात करेंगे तो बच्चे कहां पर सुरक्षित होंगे। रूपम ने मोबाइल कंपनी से फोन खरीदे थे, तभी वह उनका टारगेट हो गया था। आरोपी विपुल ने बताया कि रूपम ने 1.80 लाख रुपये बैग से कैश दिए तो उसने सोचा कि यह किसी बड़े कारोबारी का बेटा है। यहां से 50 लाख रुपये की फिरौती मिल सकती है। उसके बाद ही उसने अपहरण का प्लान तैयार कर लिया था। अपहरण कर फिरौती वसूलने में उसने दो लाख रुपये भी खर्च किए। 

आपराधिक रिकॉर्ड नहीं 
प्रेसवार्ता में एसपी सिटी ने बताया कि तीनों आरोपियों का रूपम के अपहरण से पहला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। विपुल के पिता मुकेश पंवार दिल्ली पुलिस में सिपाही थे, बहन चंडीगढ़ में एक कंपनी में मैनेजर है। मेरठ कॉलेज से विपुल ने बीए की थी। आरोपी विनय शर्मा कैब का ड्राइवर है और राहुल की बेगमपुल पर कपड़े की दुकान है। 



कंकरखेड़ा पुलिस सम्मानित
कंकरखेड़ा। छात्र रूपम के अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजने पर व्यापारियों ने सोमवार शाम कंकरखेड़ा थाना पुलिस को सम्मानित किया। इस दौरान कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, नीरज मित्तल, पार्षद राजेश खन्ना, गणेश अग्रवाल, सुभाष गुप्ता, अंकुर गर्ग, पंकज चौधरी, मनीष पंवार, जॉनी मित्तल, भानू मित्तल आदि मौजूद रहे।

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