देवबंदी उलमा बोले- आतंकी मानसिकता के लिए खुफिया एजेंसियों का व्यवहार जिम्मेदार
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जमीयत उलमा-ए-हिंद की बैठक में पारित हुए महत्वपूर्ण प्रस्ताव में मजलिस-ए-आमला ने आतंकवाद के नाम से हाल ही में हुई गिरफ्तारियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि खुफिया एजेंसियों का व्यवहार और काम करने का तरीका इस आतंकी मानसिकता को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार है। जबकि अदालतों द्वारा गिरफ्तार नौजवानों को दोषमुक्त करके छोड़े जाने से एजेंसियों की विश्वसनीयता पर एक प्रश्न चिह्न लग गया है।
उलमा ने कहा कि आतंकी गतिविधियों का इस्लाम से हरगिज कोई संबंध नहीं है। जमीयत उलमा-ए-हिंद इस तरह के अंधाधुंध गिरफ्तारियों को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना जारी रखेगी। जमीयत ने युवाओं से आह्वान किया है वह किसी के बहकावे या धोखे में न आएं और हमेशा सतर्क रहें। बैठक में देशभर से आए उलमा ने हर प्रकार की आतंकवादी गतिविधियों व सोच की निंदा करते हुए कहा कि यह इस्लामी शरीयत में अत्यंत घृणित और जघन्य अपराध है। उसका जेहाद और इस्लाम से हरगिज कोई ताल्लुक नहीं है। इसलिए इससे पूरी तरह सावधान रहें और किसी के बहकावे या धोखे में न आएं। साथ ही बैठक में फैसला लिया गया कि इन गिरफ्तारियों पर जमीयत की ओर से होने वाली कानूनी कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
जमीयत के शताब्दी समारोह के लिए कमेटी का गठन
जमीयत की वर्किंग कमेटी की बैठक में संगठन की स्थापना के सौ साल पूरे होने पर जारी शताब्दी समारोह को अधिक सार्थक बनाने के लिए कार्यकारिणी ने एक समिति का गठन किया। जिसमें मौलाना महमूद मदनी, मौलाना नियाज अहमद फारूकी, मौलाना मुफ्ती मोहम्मद सलमान मंसूरपुरी, मौलाना सिद्दीकउल्लाह चौधरी, मौलाना मतीनुलहक ओसामा कानपुरी शामिल रहेंगे। जबकि मौलाना मुइज्जुद्दीन अहमद को संयोजक बनाया गया है। इसके अलावा जमीयत यूथ क्लब के संबंध में भी एक समिति का गठन किया गया।
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