फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Saharanpur riots: are the people of dalits started to grow again in UP?

सहारनपुर दंगा: क्या फिर से यूपी में पनपने लगे हैं दलितों के दुश्मन?

Wed, 24 May 2017 03:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 24 May 2017 03:53 PM IST
विज्ञापन
Saharanpur riots: are the people of dalits started to grow again in UP?
दलितों का रो-रोकर बुरा हाल

सहारनपुर में करीब डेढ़ माह से चल रहे जातीय संघर्ष को देखकर ऐसा लगने लगा है कि जैसे 'दलित' नाम से कुछ लोगों को नफरत हो गई हो। हालांकि ऐसा हम नहीं कर रहे हैं ये कहना है उन दलितों का जिनके घर जलाए गए। लगातार हो रही घटनाओं को देखकर ऐसा लग रहा है कि जैसे यूपी में दलितों के दुश्मन फिर पनपने लगे हैं। वहीं दलितों से लगातार हिंसा सहारनपुर में निर्दोष दलित युवाओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज होने के विरोध में दलित समाज की महिलाओं ने डीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि झूठे मुकदमों में जेल भेजकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।

विज्ञापन

नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे

Saharanpur riots: are the people of dalits started to grow again in UP?
डीएम ऑफिस जाते दलित समाज के लोग

मंगलवार को दलित समाज की महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने धरना प्रदर्शन किया और सिटी मजिस्ट्रेट हरिशंकर को ज्ञापन सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस ने निर्दोष दलित युवाओं पर गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि शब्बीरपुर के दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। झूठे मुकदमों में जेल भेजे जाने से हमारे बच्चों का भविष्य खराब हो गया है। उन्होंने भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद पर लगाए गए आरोपों को वापस लेने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल सिंह वालिया को राजनीतिक लोगों के दबाव में जॉब से हटा दिया है, जिसकी तुरंत बहाली होनी चाहिए। दलित समाज का शोषण बंद नहीं हुआ और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो दलित समाज धर्म परिवर्तन करने को बाध्य हो जाएगा।  दलित समाज की महिलाएं एकजुट होकर अत्याचार और शोषण के खिलाफ आंदोलन करेंगी। ममता शिवा, खुशी अंबेडकर, कांति देवी, रमेशो, रीना, राखी, कुसुम, मीनाक्षी, शिवानी, रोशनी, संयोगिता, सरिता, शेखर आदि रहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed