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सहारनपुर : भीम आर्मी का समर्थन कर तीन गांवों के दलितों ने किया ये ऐलान, प्रशासन में मचा हड़कंप

Thu, 18 May 2017 07:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Thu, 18 May 2017 07:47 PM IST
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Saharanpur Bawal : support of the Bhima Army by Dalits of three villages, friction in administration
भीम आर्मी का समर्थन करते दलितों ने अपनाया बौद्ध धर्म

शब्बीरपुर के बाद सहारनपुर में हुए बवाल के आरोप में भीम आर्मी पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का विरोध करते हुए तीन गांवों के दलित समाज के 180 परिवारों ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाने का दावा किया है। मानकमऊ स्थित बड़ी नहर पर ग्राम रूपड़ी, कपूरपुर और ईघरी के दलित समाज के लोगों ने देवी-देवताओं की मूर्तियों एवं कलेंडर का विसर्जन किया। दलितों की इस कार्रवाई से पुलिस एवं प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।

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भीम आर्मी का समर्थन करते हुए दलित समाज के कुछ लोगों ने प्रशासन को धर्म परिवर्तन की चेतावनी बृहस्पतिवार सुबह ही दे दी थी। जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रशासनिक अधिकारी उच्चाधिकारियों से संपर्क कर मामले की जानकारी देते रहे। पूर्व निर्धारित घोषणा के अनुसार दोपहर लगभग ढाई बजे ग्राम रूपड़ी, कपूरपुर और ईघरी के लोग मानकमऊ स्थित बड़ी नहर पर पहुंचे और नहर में उन्होंने देवी-देवताओं की मूर्तियों एवं कलेंडरों का विसर्जन किया। इसके बाद दलितों ने मूर्ति पूजा त्यागने का एलान कर दिया। दलितों ने लगभग 180 परिवारों के हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाए जाने की घोषणा की। इस दौरान नरेंद्र गौतम, रोहित गौतम, दीपक कुमार, पंकित गौतम, अश्वनी गौतम, कुलदीप गौतम, सोनी गौतम, कल्पना गौतम, रचना गौतम, आरती गौतम, अनारकली, मनोज, लोकेश, डा. बलराम, नरेंद्र, सुदेश, मैना, रीना, सावित्री, शुभम समेत अनेक लोग शामिल रहे।

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भीम आर्मी को साजिश के तहत फंसाने का आरोप

Saharanpur Bawal : support of the Bhima Army by Dalits of three villages, friction in administration
सहारनपुर में हुआ था जमकर बवाल

मानकमऊ स्थित बड़ी नहर पर धर्म परिवर्तन कर बौद्ध धर्म अपनाने वाले दलित समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि भीम आर्मी को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। दलित एवं पिछड़े समाज के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने वाली भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद एवं कार्यकर्ताओं पर संगीन धाराएं लगाकर जेल भेजा जा रहा है। जो गलत है। जब भी दलित समाज पर शोषण और अत्याचार हुआ, गरीब लड़की की शादी, पढ़ाई का मामला हुआ तो भीम आर्मी आगे आती है। भीम आर्मी निशुल्क पाठशालाएं चला रही है, शहीद होने वाले सैनिकों के लिए कैंडल मार्च निकालती है। लेकिन सरकार दोहरा रवैया अपना रही है। इसलिए उन्होंने हिंदू धर्म त्यागने का संकल्प लिया है।

ऐसी कोई जानकारी नहीं है : एसएसपी
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे का कहना है कि दलित समाज द्वारा धर्म परिवर्तन किए जाने के बारे में पुलिस को कोई सूचना नहीं है। किसी भी समाज के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा। जो दोषी है सिर्फ उस पर कार्रवाई हो रही है। सभी लोग समाज का अंग हैं।

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