{"_id":"68988c98dfc7427e94002378","slug":"sadhus-do-not-go-out-for-four-months-to-stop-violence-against-living-beings-meerut-news-c-14-1-mrt1002-942897-2025-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार माह जीवों की हिंसा रोकने के लिए नहीं निकलते साधु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार माह जीवों की हिंसा रोकने के लिए नहीं निकलते साधु
विज्ञापन
- शारदा रोड महावीर जयंती भवन में प्रशिक्षण शिविर का हुआ आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शारदा रोड महावीर जयंती भवन में प्रशिक्षण और संस्कार शिविर लगाया गया। शिविर का संयोजन सौरभ जैन सराफ ने किया। इसमें 80 बच्चों को चतुर्मास का महत्व बताया गया। देवेंद्र जैन, अतुल जैन, वैभव जैन ने बच्चों से प्रक्षाल की सभी आवश्यक क्रियाएं संपन्न कराईं। सौरभ जैन सराफ ने बच्चों को बताया कि चतुर्मास के चार माह आषाढ़, श्रावण, भादो और आश्विन में जीवों की अत्यधिक उत्पत्ति होने के कारण जैन साधु एक ही स्थान पर रहते हैं। वे भ्रमण के लिए नहीं निकलते हैं ताकि जीवों की हिंसा न हो।
उन्होंने बताया कि इन चार माह में भादो माह का बहुत अधिक महत्व होता है। इसी माह में 16 कारण पर्व और 10 लक्षण पर्व आते हैं। सभी श्रावकों को यथासंभव इस भादो माह में नियम से रहते हुए रात्रि भोज का त्याग करना चाहिए। प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य दमन जैन और मनु जैन को प्राप्त हुआ। ड्रा द्वारा निकाले गए भाग्यशाली पुरस्कार के विजेता महिमा जैन रहीं। स्वाति जैन ने उन्हें सम्मानित किया। बच्चों को पुरस्कार वितरण मोक्षी जैन, कृषा जैन ने किया। सौरभ जैन सराफ ने बताया कि अगला 122 वां शिविर 17 अगस्त दिन रविवार को महावीर जयंती भवन में होगा।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शारदा रोड महावीर जयंती भवन में प्रशिक्षण और संस्कार शिविर लगाया गया। शिविर का संयोजन सौरभ जैन सराफ ने किया। इसमें 80 बच्चों को चतुर्मास का महत्व बताया गया। देवेंद्र जैन, अतुल जैन, वैभव जैन ने बच्चों से प्रक्षाल की सभी आवश्यक क्रियाएं संपन्न कराईं। सौरभ जैन सराफ ने बच्चों को बताया कि चतुर्मास के चार माह आषाढ़, श्रावण, भादो और आश्विन में जीवों की अत्यधिक उत्पत्ति होने के कारण जैन साधु एक ही स्थान पर रहते हैं। वे भ्रमण के लिए नहीं निकलते हैं ताकि जीवों की हिंसा न हो।
उन्होंने बताया कि इन चार माह में भादो माह का बहुत अधिक महत्व होता है। इसी माह में 16 कारण पर्व और 10 लक्षण पर्व आते हैं। सभी श्रावकों को यथासंभव इस भादो माह में नियम से रहते हुए रात्रि भोज का त्याग करना चाहिए। प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य दमन जैन और मनु जैन को प्राप्त हुआ। ड्रा द्वारा निकाले गए भाग्यशाली पुरस्कार के विजेता महिमा जैन रहीं। स्वाति जैन ने उन्हें सम्मानित किया। बच्चों को पुरस्कार वितरण मोक्षी जैन, कृषा जैन ने किया। सौरभ जैन सराफ ने बताया कि अगला 122 वां शिविर 17 अगस्त दिन रविवार को महावीर जयंती भवन में होगा।
विज्ञापन