मेरठ में हसीन उर्फ चीनू हत्याकांड के मुख्य आरोपी और 25 हजार के इनामी शादाब ने बुधवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचकर एसएसपी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। एसएसपी ने हत्यारोपी को लिसाड़ीगेट पुलिस बुलाकर सौंप दिया। वहीं हत्यारोपी शादाब और उसके परिवार को वास्तव में पुलिस का खौफ था या फिर उसके हिस्ट्रीशीटर मामा ने सेटिंग से सरेंडर कराने का दांव खेला, इसको लेकर चर्चा का बाजार गर्म है :-
पुलिस का खौफ या सेटिंग से सरेंडर, आखिर क्या है इनामी शादाब के आत्मसमर्पण की असली वजह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र के ईदगाह कॉलोनी निवासी हसीन उर्फ चीनू की 29 सितंबर को हत्या हुई थी। हत्या में शादाब, सन्नी, राय साहब समेत पांच आरोपी नामजद हुए थे। घटना के दो दिन बाद मुठभेड़ में सन्नी को पैर में गोली लगी थी।
फरार शादाब समेत अन्य आरोपियों पर पुलिस ने 25-25 हजार का इनाम किया था। बुधवार दोपहर आरोपी शादाब अपने परिजनों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंचा। पहले इन्हें फरियादी समझा गया। लेकिन जब शादाब ने खुद एसएसपी को बताया कि वह हसीन की हत्या में नामजद आरोपी है, तो एसएसपी भी हैरान रह गए।
एसएसपी ने सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला को केस के विवेचक के साथ ऑफिस बुलाया। शादाब ने दावा किया, उसे फंसाया गया है। हत्या के दौरान वह मौके पर था। लेकिन हत्या से उसका लेनादेना नहीं है। एसएसपी ऑफिस में चर्चा थी कि मुठभेड़ के डर से आरोपी ने सरेंडर किया है। शादाब ने भी इस बात को स्वीकार किया। शादाब का भाई जुबैर मुठभेड़ में करीब छह माह पहले दौराला में मारा गया था।
यह भी पढ़ें: थाने से भागा शातिर बदमाश, फिर सवालों के घेरे में मेरठ पुलिस, तलाश में जुटे अफसर
हत्यारोपी शादाब परिजनों के साथ आया था, जिसको पुलिस ने गिरफ्तार किया। हत्यारोपी की घेराबंदी के लिए पिलोखड़ी चौकी इंचार्ज लगे थे। घेराबंदी के बाद आरोपी आया है। -अजय साहनी, एसएसपी
हत्यारोपी शादाब के हिस्ट्रीशीटर मामा ने खेला सटीक दांव
शादाब छुपते-छुपाते परिजनों के साथ एसएसपी के पास पहुंचा। शिकायत सुनने का नंबर आया तो शादाब व परिजन बोले कि दुनिया में कोई भी नहीं बचा। अब साहब आपकी शरण में आए हैं। एसएसपी ने माजरा पूछा तो शादाब बोला, साहब मेरा भाई जुबैर मुठभेड़ में मारा गया। लेकिन मुझे नहीं मरना। लिसाड़ीगेट में हसीन उर्फ चीनू हत्याकांड में मुझे पुलिस ने नामजद आरोपी बनाया है।
यह भी पढ़ें: देवबंद से बोले मौलाना- आतंकी आसिम का दारुल उलूम से कोई वास्ता नहीं, दिनभर खंगाला रिकॉर्ड
एसएसपी का माथा ठनका तो बोले कि तुम्हें यहां कौन लाया है। शादाब के साथ आए मुजफ्फरनगर के एक पत्रकार ने कहा कि पिलोखड़ी चौकी इंचार्ज अजय शर्मा से बात चल रही थी। लेकिन ये खुद आपके ऑफिस में आने की जिद पर अड़े थे। शादाब ने कहा कि भाई मुठभेड़ में मारा गया तो भतीजे की हत्या हो चुकी है। मैं ही परिवार में कमाने वाला हूं। लेकिन मैं मरना नहीं चाहता। जिसके बाद एसएसपी ने सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला को शादाब को जेल भेजने के निर्देश दिए।
सरेंडर का चलाया नया ट्रेंड
बदमाशों ने सरेंडर करने का नया ट्रेंड चलाया है। शादाब के हिस्ट्रीशीटर मामा सिकंदर ने सेटिंग कर यह सरेंडर कराया है। सिकंदर मुजफ्फरनगर में रहता है। शादाब कई लोगों के संपर्क में था। लेकिन अचानक से एसएसपी के सामने जाकर सरेंडर कर दिया।
बदमाशों में वर्चस्व की लड़ाई
शादाब ने बताया कि लिसाड़ीगेट में बदमाशों के बीच वर्चस्व को लेकर लड़ाई है। जिसमें हसीन की हत्या हुई। गुजरात के सूरत में सराफ की दुकान में हसीन, सन्नी, जुबैर समेत पांच-छह बदमाशों ने मिलकर लाखों की लूट की थी। बाद में हसीन और जुबैर अलग हो गए थे। जुबैर मुठभेड़ में तो हसीन वर्चस्व की लड़ाई में मारा गया। जुबैर पर सूरत से एक लाख का इनाम था।