देवबंद से बोले मौलाना- आतंकी आसिम का दारुल उलूम से कोई वास्ता नहीं, दिनभर खंगाला रिकॉर्ड
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अमेरिका और अफगानिस्तान के संयुक्त हमले में मारे गए अलकायदा (एक्यूआइएस) के प्रमुख आसिम उमर का नाम इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम से जोड़े जाने पर हड़कंप मचा हुआ है। संस्था के वीसी (मोहतमिम) मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि दहशतगर्दी के नाम से संस्था को बदनाम किया जाना घोर निंदनीय है। मौलाना बनारसी ने दिनभर शिक्षा विभाग में रिकॉर्ड खंगलवाने के बाद कहा कि ऐसे किसी व्यक्ति ने दारुल उलूम में कभी तालीम हासिल नहीं की।
बुधवार को दिनभर शिक्षा विभाग के कर्मचारी वर्ष 1991 से पहले और उसके बाद का रिकॉर्ड खंगालने में जुट गए। इसके अलावा भी कई अन्य विभागों का रिकॉर्ड चेक किया गया। कर्मचारियों ने आसिम उमर और सनाउलहक दोनों नाम से रिकॉर्ड को देखा, लेकिन उन वर्षों में इन नामों से किसी भी ऐसे व्यक्ति का प्रवेश नहीं पाया गया। बारीकी से जांच कराए जाने के बाद देर शाम संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बताया कि इस तरह के किसी भी छात्र ने वर्ष 1991 में या उससे पहले या उसके बाद शिक्षा ग्रहण नहीं की, दिनभर तमाम रिकॉर्ड खंगाले लिए गए हैं। उन्होंने खबरों में दारुल उलूम का नाम आतंकी से जोड़े जाने की निंदा की है।
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बता दें कि अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत के मूसाकला जिले में तालिबान के एक अड्डे पर अमेरिका-अफगानिस्तान की संयुक्त कार्रवाई में अलकायदा (एक्यूआईएस) का प्रमुख आसिम उमर मारा गया था। कहा गया कि आसिम मूलरूप से संभल का रहने वाला था और वर्ष 1991 में उसने दारुल उलूम से ग्रेजुएशन किया था।
साजिश के तहत दारुल उलूम को बदनाम किया जा रहा : गोरा
जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि दारुल उलूम एक दीनी मजहबी और तालीमी इदारा है। यहां पर अमन शांति और भाईचारगी की तालीम दी जाती है। इसके साथ ही शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों को यह नसीहत दी जाती है कि वह जहां रहे अमन से रहें और शांति का संदेश दें। कारी इस्हाक ने आतंकी आसिम उमर का नाम दारुल उलूम से जोड़े जाने को एक साजिश करार देते हुए कहा कि इससे पहले भी इस तरह की साजिशें रच जा चुकी हैं, लेकिन आज तक साजिशकर्ता इसमें कामयाब नहीं हुए। उन्होंने कहा कि जो लोग दारुल उलूम का नाम बदनाम कर रहे हैं उनको चाहिए कि वह दारुल उलूम में आएं और आकर देखें कि यहां किस तरह की तालीम दी जाती है।
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