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Meerut News: मेले के नाम पर बखेड़ा, विधायक और भाजपाई उलझे
Mon, 18 May 2026 08:49 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 18 May 2026 08:49 PM IST
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नगर पालिका बोर्ड की बैठक में मेले का नाम बूढ़ा बाबा रखने के प्रस्ताव पर विपक्षी सभासदों ने जताया एतराज
-बैठक में पहुंचे भाजपा पदाधिकारियों ने समर्थम में दिए तर्क
-विधायक अतुल प्रधान से रुख स्पष्ट करने के लिए कहा
-हंगामे के बाद समाप्त हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका में सोमवार को आयोजित बोर्ड बैठक में ऐतिहासिक मेले के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बैठक के दौरान भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहुंच गए और मेले का नाम बूढ़ा बाबा मेला किए जाने की मांग उठाई। विधायक अतुल प्रधान और भाजपाइयों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हंगामे के चलते बोर्ड बैठक बीच में ही समाप्त करनी पड़ी। हालांकि मेले का आयोजन पांच जून से चार जुलाई तक कराने पर सहमति बन गई।
बैठक में सभासद तनिका जैन ने मेले का नाम बूढ़ा बाबा किए जाने का प्रस्ताव रखा। इस पर करीब 15 सभासदों ने आपत्ति जताते हुए पुराने नाम और परंपरा के अनुसार मेला आयोजित कराने की मांग का लिखित प्रस्ताव ईओ को सौंप दिया। इसी बीच भाजपा मंडल अध्यक्ष विनोद जैन कार्यकर्ताओं के साथ बोर्ड बैठक में पहुंच गए। उन्होंने दावा किया कि पुराने समय में मेले का नाम बूढ़ा बाबा मेला था। उन्होंने इसके समर्थन में वर्ष 2000 के शिलापट की फोटो भी दिखाई, जिस पर यही नाम अंकित था।
भाजपा नेताओं ने सभासदों से आस्था को ध्यान में रखते हुए मेले का नाम बूढ़ा बाबा रखने की अपील की। विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि प्रस्ताव को संज्ञान में लेकर शासन और उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक से इस मामले में स्पष्ट रुख बताने की मांग की, जिस पर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई।
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विधायक के बाहर जाने के लिए कहते ही भड़के भाजपाई
मामला तब और गरमा गया जब विधायक ने नियमों का हवाला देते हुए सभासदों के अलावा अन्य लोगों को बैठक से बाहर जाने को कहा। इस पर भाजपा कार्यकर्ता भड़क गए और आरोप लगाया कि पहले से कई बाहरी लोग बैठक में मौजूद थे। इसे लेकर जमकर हंगामा हुआ और बैठक समाप्त करनी पड़ी। विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कस्बे का आपसी सौहार्द बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। वहीं भाजपा नेताओं ने कहा कि मेले में बूढ़ा बाबू के बैनर नहीं लगने दिए जाएंगे।
रामलीला कमेटी ने पदाधिकारी ने रखी शर्त
बैठक में रामलीला कमेटी के मंत्री प्रदीप मित्तल और कानूनी सलाहकार वीरेंद्र सैनी भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि नगर पालिका रामलीला कमेटी के मैदान में मेला आयोजित करती है, जिसके बदले टैक्स समायोजित किया जाता रहा है। आरोप लगाया कि इस बार स्वकर प्रणाली के तहत टैक्स वसूली की बात कही जा रही है। वीरेंद्र सैनी ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ तो कमेटी मेले के ठेके की राशि का 50 प्रतिशत लेगी, अन्यथा मैदान उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता चेयरपर्सन सबीला बेगम व संचालन ईओ दीपिका शुक्ला ने किया। इस दौरान सभासद तारिक हसन, फरमान अंसारी, फिरदौस, मुकेश कुमार, शाहिद मलिक, शकील, दानिश्ता, शगुफ्ता, नेहा जैन, पिंकी सोम, खालिद अंसारी, हाजी मन्नान, समीना, इमरान ठाकुर, वीर सिंह भाटी शामिल रहे।
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-बैठक में पहुंचे भाजपा पदाधिकारियों ने समर्थम में दिए तर्क
-विधायक अतुल प्रधान से रुख स्पष्ट करने के लिए कहा
-हंगामे के बाद समाप्त हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका में सोमवार को आयोजित बोर्ड बैठक में ऐतिहासिक मेले के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बैठक के दौरान भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहुंच गए और मेले का नाम बूढ़ा बाबा मेला किए जाने की मांग उठाई। विधायक अतुल प्रधान और भाजपाइयों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हंगामे के चलते बोर्ड बैठक बीच में ही समाप्त करनी पड़ी। हालांकि मेले का आयोजन पांच जून से चार जुलाई तक कराने पर सहमति बन गई।
बैठक में सभासद तनिका जैन ने मेले का नाम बूढ़ा बाबा किए जाने का प्रस्ताव रखा। इस पर करीब 15 सभासदों ने आपत्ति जताते हुए पुराने नाम और परंपरा के अनुसार मेला आयोजित कराने की मांग का लिखित प्रस्ताव ईओ को सौंप दिया। इसी बीच भाजपा मंडल अध्यक्ष विनोद जैन कार्यकर्ताओं के साथ बोर्ड बैठक में पहुंच गए। उन्होंने दावा किया कि पुराने समय में मेले का नाम बूढ़ा बाबा मेला था। उन्होंने इसके समर्थन में वर्ष 2000 के शिलापट की फोटो भी दिखाई, जिस पर यही नाम अंकित था।
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भाजपा नेताओं ने सभासदों से आस्था को ध्यान में रखते हुए मेले का नाम बूढ़ा बाबा रखने की अपील की। विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि प्रस्ताव को संज्ञान में लेकर शासन और उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक से इस मामले में स्पष्ट रुख बताने की मांग की, जिस पर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई।
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विधायक के बाहर जाने के लिए कहते ही भड़के भाजपाई
मामला तब और गरमा गया जब विधायक ने नियमों का हवाला देते हुए सभासदों के अलावा अन्य लोगों को बैठक से बाहर जाने को कहा। इस पर भाजपा कार्यकर्ता भड़क गए और आरोप लगाया कि पहले से कई बाहरी लोग बैठक में मौजूद थे। इसे लेकर जमकर हंगामा हुआ और बैठक समाप्त करनी पड़ी। विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कस्बे का आपसी सौहार्द बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। वहीं भाजपा नेताओं ने कहा कि मेले में बूढ़ा बाबू के बैनर नहीं लगने दिए जाएंगे।
रामलीला कमेटी ने पदाधिकारी ने रखी शर्त
बैठक में रामलीला कमेटी के मंत्री प्रदीप मित्तल और कानूनी सलाहकार वीरेंद्र सैनी भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि नगर पालिका रामलीला कमेटी के मैदान में मेला आयोजित करती है, जिसके बदले टैक्स समायोजित किया जाता रहा है। आरोप लगाया कि इस बार स्वकर प्रणाली के तहत टैक्स वसूली की बात कही जा रही है। वीरेंद्र सैनी ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ तो कमेटी मेले के ठेके की राशि का 50 प्रतिशत लेगी, अन्यथा मैदान उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता चेयरपर्सन सबीला बेगम व संचालन ईओ दीपिका शुक्ला ने किया। इस दौरान सभासद तारिक हसन, फरमान अंसारी, फिरदौस, मुकेश कुमार, शाहिद मलिक, शकील, दानिश्ता, शगुफ्ता, नेहा जैन, पिंकी सोम, खालिद अंसारी, हाजी मन्नान, समीना, इमरान ठाकुर, वीर सिंह भाटी शामिल रहे।