RSS के कार्यकर्ताओं ने की थी दलित आंदोलन में हिंसा: बालक राम बौद्ध
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सहारनपुर में भीम आर्मी के दिल्ली प्रांत के संरक्षक बालक राम बौद्ध ने कहा है कि दलित संगठन के भारत बंद के आंदोलन में आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने हिंसा की है उल्टा पीड़ित दलितों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की गई। इस आंदोलन में हुई हिंसा की न्यायिक जांच कराई जाए तो पूरा सच सामने आ जाएगा। दलितों के खिलाफ हुई एफआईआर के विरोध में भीम आर्मी 18 अप्रैल से जेल भरो आंदोलन शुरू करेगी।
बालक राम बौद्ध शुक्रवार को जिला कारागार में बंद चंद्रशेखर उर्फ रावण से मुलाकात करने के बाद बामियान बुद्ध विहार में भीम आर्मी संयोजक संजीव बौद्ध, दिल्ली प्रांत प्रभारी सुजीत कुमार सम्राट एवं भीम आर्मी के स्थानीय पदाधिकारियों के साथ पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भीम आर्मी के नेतृत्व में दो अप्रैल को शांतिपूर्ण तरीके से बंद का आह्वान किया गया था, लेकिन इस आंदोलन को आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने हिंसक बनाया। कई जगह आए वीडियो फुटेज में इसका खुलासा भी हो चुका है। इसकी एसआईटी के अलावा न्यायिक जांच कराई जाए तो हिंसा का सच सामने आ जाएगा। भीम आर्मी तो संविधान को मानने वाली है, बाबा साहब के नाम को लेकर चलने वाले हिंसा का समर्थन नहीं करते।
संजीव बौद्ध ने कहा कि लोकतंत्र को संकुचित करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। आंदोलन के बाद एफआईआर की गई। उनकी पहचान कराई जा रही है। लेकिन चेहरों को देखकर गिरफ्तार किया जाना गलत है। उन्होंने कहा कि गांवों में पुलिस पहुंचकर धरपकड़ कर रही है, थाने में युवकों की पिटाई की जा रही है। दलितों का हर तरह से उत्पीड़न किया जा रहा है। यहां तक कि आरएसएस का एक दलित कार्यकर्ता भी पुलिस ने नहीं बख्शा। जब उसकी यह स्थिति है तो आम दलित की क्या हालत होगी। दलितों पर एफआईआर कर मनोवैज्ञानिक दबाव डाला जा रहा है।
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एडवोकेट सुजीत कुमार सम्राट ने कहा कि सरकार ने जिम्मेदारी नहीं दिखाई। कई दिनों से आंदोलन की जानकारी थी, तो अपील उसी दिन क्यों की गई। दलित आंदोलन को षड्यंत्र के तहत हिंसा का रूप दिया गया। ऐसा कभी नहीं हुआ कि न्याय के लिए आंदोलन करने वाले, आंदोलनकारियों को ही मारें फिर उन पर ही मुकदमे दर्ज हो जाएं। मरने लोग भी दलित, मारने वाले भी दलित, दलितों के ऊपर ही एफआईआर हो ऐसा कहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि दलितों पर किए गए मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो 18 अप्रैल से दलित समाज के सभी लोग मुंह पर काली पट्टी बांधकर जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे। पुलिस को अज्ञात में मामला दर्ज करने की जरूरत नहीं है। सभी लोग शांतिपूर्वक जेल जाने के लिए तैयार हैं और बेल भी नहीं लेंगे। यह आंदोलन दिल्ली से शुरू होगा। दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात समेत पूरे देश में यह आंदोलन शुरू होगा। इस मौके पर जिला प्रचारक टिंकू कपिल, मेहरदास, अजय गौतम, राजन गौतम मौजूद रहे।
भीम आर्मी के नाम से भड़काऊ पोस्ट डालने वाले असामाजिक तत्व
सोशल मीडिया पर भीम आर्मी के नाम से डाली जा रही आपत्तिजनक एवं भड़काऊ पोस्ट को लेकर एडवोकेट सुजीत कुमार सम्राट ने कहा कि भीम आर्मी को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। समाज को भड़काने वाले असामाजिक तत्वों द्वारा ही ऐसी पोस्ट डाली जा रही हैं। ऐसी पोस्ट से भीम आर्मी का कोई लेना-देना नहीं है।
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