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अफजल का महिमा मंडन करने वाले देशद्रोहीः होसबोले
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 15 Feb 2016 01:54 AM IST
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि हिंदुत्व सिर्फ भारत नहीं, बल्कि विश्व की जरूरत है। यही कारण है कि आज हिंदू संस्कृति विश्व में अपनायी जाने लगी है। उन्होंने राष्ट्रीयता और हिंदुत्व के मुद्दे पर करीब एक घंटे के बौद्धिक में स्वयंसेवकों को आने वाले समय के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। आतंकी अफजल गुरु को महिमा मंडित करने वालों पर देशद्रोह के तहत कार्रवाई की मांग उठाई।
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भैसाली मैदान में रविवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का ‘महानगर स्वयं सेवक संगम’ हुआ। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि यह परिवर्तन का दौर है। जो लोग कभी हिंदुत्व और हिंदुओं पर कटाक्ष और बुराई करते नहीं थकते थे, वह भी आज हिंदुत्व को स्वीकार रहे हैं। आज इतने वर्षों के बाद जो सकारात्मक बात नजर आ रही है, वह यह कि लोगों में स्वीकार करने की क्षमता बढ़ी है।
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हिंदू कोई धर्म या मजहब नहीं
होसबोले ने कहा कि हिंदू कोई धर्म या मजहब नहीं, बल्कि जीवन पद्धति है, देश की सुगंध हैं। विश्व इसे मान्यता दे रहा है। तभी तो 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया है। यही नहीं, हिंदुत्व में समाहित संस्कृति, आयुर्वेद, योग, संस्कृत भाषा आदि को विश्व अपना रहा है। इसका मतलब यह नहीं हो गया कि उनका धर्म परिवर्तन हो गया।
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एक घंटा निकालें चिंतन के लिए
सह सरकार्यवाह ने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि देश के लिए एक घंटा जरूर निकालें और सब भूलकर देश और हिंदुत्व के लिए चिंतन करें। क्योंकि हिंदू समाज को एकजुट करना आसान नहीं है। हर कोई कैसे एक-दूसरे से अलग है, यही बताना चाहता है। उन्हाेंने कहा कि भारत इस चिंतन को विश्व में ले जाने का जो प्रयास कर रहा है, उसके लिए बड़प्पन का व्यवहार चाहिए। हम जब विश्व को एक परिवार मानने की बात कर रहे हैं तो उससे पहले अपने देश को एक परिवार की तरह लें। इसके लिए हिंदू समाज को जाति, बिरादरी, छुआछूत आदि से दूर रहना होगा। ऐसे लोग जिनके पास दो वक्त की रोटी नहीं है, उनको भी गले लगाकर सबको साथ लेकर चलना होगा।
देश की तरक्की से कुछ लोग परेशान
दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि देश आज आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोग इससे परेशान है। जेएनयू के कुछ विद्यार्थियों ने आतंकी अफजल गुरू को महिमा मंडित किया और ऐसा कृत्य देशद्रोह की श्रेणी में आता है। इसके लिए देशद्रोह में कार्रवाई होनी चाहिए। हम देशभक्ति और स्वाभिमान के दम पर खड़ा होना चाहते हैं। लेकिन, विद्रोह शक्ति भी खड़ी हो रही है। अब ऐसी ताकतों का सच सामने लाना होगा। आने वाले 20-25 वर्षों में बहुत ही सतर्क होकर काम करना है, क्योंकि चुनौती बाहर और भीतर दोनों से है।
संघ ध्वज फहराया
कार्यक्रम के शुभारंभ पर सबसे पहले संघ ध्वज फहराया गया। इसके बाद स्वयं सेवकों ने व्यायाम किया। मंच पर क्षेत्र संघ चालक डॉ. दर्शन लाल अरोड़ा, प्रांत संघ चालक सूर्य प्रकाश टांक, महानगर संघ चालक विनोद भारती और महानगर प्रमुख अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।