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रोहिंग्या देश के नागरिक नहीं तो क्यों सोचें : डॉ. दिनेश शर्मा  

Sat, 14 Oct 2017 11:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Sat, 14 Oct 2017 11:17 AM IST
सार

सूबे के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने रोहिंग्या मामले पर दिया दो टूक जवाब, माध्यमिक शिक्षा को माफिया मुक्त कराने का किया दावा, शीघ्र ही भरे जाएंगे माध्यमिक स्कूलों के रिक्त पद, कानून और प्रशासनिक व्यवस्था है प्रदेश सरकार की प्राथमिकता 

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Rohingyas are not citizens, so why think
प्रेसवार्ता करते उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विस्तार

उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमान देश के नागरिक नहीं है, इसलिए उन पर कोई सोच विचार की बात ही नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रदेश सरकार की कोई जिम्मेदारी भी नहीं है। प्रदेश की जिम्मेदारी 22 करोड़ जनता की है और इस तरफ सरकार पूरी तरह गंभीरता से लगातार चिंतन कर रही है। 

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शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में मीडिया से वार्ता करते हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार ने अपराधियों को प्रदेश से भगाने का निर्णय लिया है। कानून व्यवस्था पर सख्ती से अमल होगा। अपराधी या तो जेल में होेंगे या पृथ्वी पर नहीं रहेंगे। कानून और प्रशासनिक व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता है और इस पर कोई समझौता नहीं है। भूमाफिया, खनन माफियाओं के साथ शिक्षा माफिया भी चिह्नित किए जा रहे हैं।
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उपमुख्यमंत्री ने अपने विभाग माध्यमिक शिक्षा पर सवालों के जवाब में कहा कि शिक्षा माफियाओं से माध्यमिक शिक्षा को पूरी तरह मुक्त किया जाएगा। कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए कोशिश की जा रही है कि दीवाली के आसपास ही परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया जाए। इसके साथ ही इस बार राजकीय विद्यालयों को छोड़कर बाकी विद्यालय वही परीक्षा केंद्र बन सकेंगे, जिनके यहां सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे। वहीं एक जनपद में अधिकतम 100 परीक्षा केंद्र की नीति भी बनाई गई है। 
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माध्यमिक स्कूलों में रिक्त पदों पर उन्होंने कहा कि एक निश्चित गाइड लाइन के तहत  सेवानिवृत्त शिक्षकों को फिलहाल सेवा में रखते हुए उनसे शिक्षण कार्य कराने की योजना सरकार की है और माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड के जरिये शीघ्र ही रिक्त पदों पर भर्तियां करते हुए स्कूलों में मानक के अनुरूप शिक्षक तैनात किए जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगले सत्र से माध्यमिक शिक्षा का पैटर्न बदलने जा रहा है। इसमें 70 प्रतिशत कोर्स एनसीईआरटी पैटर्न पर होगा तौर 30 प्रतिशत जो माध्यमिक शिक्षा पैटर्न पर होगा। ताकि माध्यमिक स्कूलों के बच्चे भी अन्य बोर्ड के बच्चों के बराबर न केवल अंक पा सकें बल्कि प्रतियोगी आदि परीक्षाओं में मुकाबले के लिए तैयार हो सकें। डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में पूरी तरह पारदर्शिता लाने का भी काम चल रहा है। इसके लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण ही नहीं बल्कि शिक्षक कर्मचारियों की शिकायतों, समस्याओं, वेतन, अवकाश आदि सभी को ऑनलाइन किया जा रहा है। ताकि भ्रष्टाचार रुकने के साथ पारदर्शिता कायम हो। इस दौरान सरधना विधायक ठा. संगीत सोम, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग आदि मौजूद रहे।

सूबे के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने रोहिंग्या मामले पर दिया दो टूक जवाब, माध्यमिक शिक्षा को माफिया मुक्त कराने का किया दावा, शीघ्र ही भरे जाएंगे माध्यमिक स्कूलों के रिक्त पद, कानून और प्रशासनिक व्यवस्था है प्रदेश सरकार की प्राथमिकता 
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