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रालोद नेता बोले- तानाशाही नहीं छोड़ने को तैयार भाजपा
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रालोद नेता बोले- तानाशाही नहीं छोड़ने को तैयार भाजपा
परीक्षितगढ़। मवाना के भैसा गांव में 27 फरवरी को होने वाली रालोद की किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह ने बुधवार को कई गांवों में जनसंपर्क किया। उन्होंने महापंचायत सफल बनाने का आह्वान किया।
इस दौरान यशवीर सिंह और नरेंद्र खजूरी ने गांव आलमगीरपुर बढ़ला में नुक्कड़ सभा की। यहां उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की जमीन छीनना चाहती है। किसान अपनी जमीन बचाने के लिए कृषि कानून रद्द करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन भाजपा सरकार अपना तानाशाही रवैया छोड़ने को तैयार नहीं है। किसान घर परिवार छोड़कर धरना देने को मजबूर है। भाजपा सरकार में पेट्रोल, डीजल, गैस के दामों में वृद्धि से जनता की कमर टूट चुकी है।
रालोद नेताओं ने बहादरपुर, बढ़ला गैसूपुर, अमरसिंहपुर खजूरी आदि गांवों में किसानों से संपर्क किया। किसानों को कृषि बिल की जानकारी देकर महापंचायत सफल बनाने की अपील की। इस मौके पर बिजेंद्र भाटी, संजय जाटव, धर्मपाल सिंह, वासिक पठान, राजकुमार त्यागी, अक्षय, राजेंद्र सिंह, ब्रजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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वहीं मवाना स्थित मंडप में आयोजित बैठक में रालोद नेताओं ने 27 फरवरी को मवाना के भैंसा गांव में जयंत चौधरी की सभा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। इस मौके पर रालोद नेता सुनील रोहटा, जिलाध्यक्ष कपिल देव, अमित, अजय सागर, सुदामा, जैकी, दिलशाद आदि रहे।
महापंचायत में पहुंचने का किया आह्वान
किठौर। रालोद पदाधिकारियों ने बुधवार को किठौर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रेसवार्ता कर भैंसा गांव में प्रस्तावित रालोद की किसान महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया। यहां पूर्व मंत्री डॉ. मेराजुद्दीन ने कहा कि तीनों कृषि बिल किसान की तबाही और बर्बादी के हैं। इनका उद्देश्य सिर्फ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना है। पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा ने कहा कि देश और प्रदेश में परिवार विहीन लोगों की सरकारें चल रही हैं। उन्हें किसान के दर्द का अहसास नही। क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह ने कहा कि सरकार हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद के नाम पर जनता को बहकाकर राज कर रही है। जिलाध्यक्ष मतलूब गौड़ ने कहा कि रालोद हमेशा किसान हितों का पक्षधर रहा है। सुनील रोहटा, नरेंद्र खजूरी, राजकुमार त्यागी ने भी विचार व्यक्त किए। बिजेंद्र भाटी, सोहराब ग्यास, वासिक पठान, यागेश फौजी, महावीर गूजर, कालूराम, अक्षय प्रधान, दानिश, अब्दुल वाहिद, साजिद, नाजिम, आदि मौजूद रहे। संवाद
किसानों के साथ विश्वासघात कर रही सरकार
परीक्षितगढ़। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है। अंग्रेजों की हुकूमत में भी इस तरह किसानों पर अत्याचार नही किया गया था। सरकार कृषि कानून लागू कर किसानों से जमीन छीनने का प्रयास कर रही है। यह विचार भारतीय किसान यूनियन के विनोद त्यागी और कुलदीप शांडिल्य ने व्यक्त किए। द्वारिका फार्म हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि किसान तीन माह से कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री उनकी मांगों पर विचार नही कर रहे हैं। अगर देश में कृषि कानून लागू हुआ तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। प्रधानमंत्री ने 2014 में सहारनपुर में 14 दिन में गन्ने का भुगतान और गन्ने का मूल्य 425 रुपये करने की घोषणा की थी। उनके सभी दावे खोखले निकले। संवाद
थाना प्रभारी ने फसल जोतने से रोका
सरूरपुर। किसानों का कृषि कानूनों के प्रति विरोध बढ़ता जा रहा है। किसान कानूनों के विरोध में अपनी फसल खुद बर्बाद कर रहे हैं। क्षेत्र के कस्बा करनावल में किसान ने अपनी 10 बीघा गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर चलाकर उसे नष्ट करने का फैसला किया था। करनावल के किसान बलजोर पुत्र जयसिंह बुधवार सुबह ट्रैक्टर व रोटावेटर लेकर अपनी 10 बीघा गेहूं की फसल की जुताई करने गए थे। तभी इंस्पेक्टर सरूरपुर मौके पर पहुंचे और किसान को समझाया। किसान ने उनकी बात मानते हुए अपना फैसला बदल दिया। थाना प्रभारी ऋषिपाल शर्मा ने किसानों से अपील की कि वह इस तरह का कोई कदम न उठाएं। संवाद
बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं
बहसूमा। रालोद किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राममेहर सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार का बजट हर वर्ग के लिए छलावा है। सरकार के सभी वायदे खोखले साबित हो रहे हैं। केंद्र सरकार ने भी एमएसपी पर फसल खरीद कानून नहीं बनाने की कसम खा ली है। ऐसे में किसानों को अपनी लड़ाई खुद ही लड़नी होगी।
रालोद के वरिष्ठ नेता रतन सिंह का कहना है कि प्रदेश के बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं है। कर्ज में डूबे किसानों का कर्ज तक नहीं माफ किया गया। सपा के सुदेशपाल ने कहा कि बजट में केवल उद्योगपतियों को फायदा देने वाला है। किसान अरविंद खगवाल का कहना है कि आसमान छू रहे पेट्रोल, डीजल के दामों में कोई राहत नही दी गई। किसान रविंद्र नागर का कहना है कि बजट में नौजवान व किसानों के लिए कुछ नही है।
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परीक्षितगढ़। मवाना के भैसा गांव में 27 फरवरी को होने वाली रालोद की किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह ने बुधवार को कई गांवों में जनसंपर्क किया। उन्होंने महापंचायत सफल बनाने का आह्वान किया।
इस दौरान यशवीर सिंह और नरेंद्र खजूरी ने गांव आलमगीरपुर बढ़ला में नुक्कड़ सभा की। यहां उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की जमीन छीनना चाहती है। किसान अपनी जमीन बचाने के लिए कृषि कानून रद्द करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन भाजपा सरकार अपना तानाशाही रवैया छोड़ने को तैयार नहीं है। किसान घर परिवार छोड़कर धरना देने को मजबूर है। भाजपा सरकार में पेट्रोल, डीजल, गैस के दामों में वृद्धि से जनता की कमर टूट चुकी है।
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रालोद नेताओं ने बहादरपुर, बढ़ला गैसूपुर, अमरसिंहपुर खजूरी आदि गांवों में किसानों से संपर्क किया। किसानों को कृषि बिल की जानकारी देकर महापंचायत सफल बनाने की अपील की। इस मौके पर बिजेंद्र भाटी, संजय जाटव, धर्मपाल सिंह, वासिक पठान, राजकुमार त्यागी, अक्षय, राजेंद्र सिंह, ब्रजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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वहीं मवाना स्थित मंडप में आयोजित बैठक में रालोद नेताओं ने 27 फरवरी को मवाना के भैंसा गांव में जयंत चौधरी की सभा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। इस मौके पर रालोद नेता सुनील रोहटा, जिलाध्यक्ष कपिल देव, अमित, अजय सागर, सुदामा, जैकी, दिलशाद आदि रहे।
महापंचायत में पहुंचने का किया आह्वान
किठौर। रालोद पदाधिकारियों ने बुधवार को किठौर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रेसवार्ता कर भैंसा गांव में प्रस्तावित रालोद की किसान महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया। यहां पूर्व मंत्री डॉ. मेराजुद्दीन ने कहा कि तीनों कृषि बिल किसान की तबाही और बर्बादी के हैं। इनका उद्देश्य सिर्फ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना है। पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा ने कहा कि देश और प्रदेश में परिवार विहीन लोगों की सरकारें चल रही हैं। उन्हें किसान के दर्द का अहसास नही। क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह ने कहा कि सरकार हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद के नाम पर जनता को बहकाकर राज कर रही है। जिलाध्यक्ष मतलूब गौड़ ने कहा कि रालोद हमेशा किसान हितों का पक्षधर रहा है। सुनील रोहटा, नरेंद्र खजूरी, राजकुमार त्यागी ने भी विचार व्यक्त किए। बिजेंद्र भाटी, सोहराब ग्यास, वासिक पठान, यागेश फौजी, महावीर गूजर, कालूराम, अक्षय प्रधान, दानिश, अब्दुल वाहिद, साजिद, नाजिम, आदि मौजूद रहे। संवाद
किसानों के साथ विश्वासघात कर रही सरकार
परीक्षितगढ़। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है। अंग्रेजों की हुकूमत में भी इस तरह किसानों पर अत्याचार नही किया गया था। सरकार कृषि कानून लागू कर किसानों से जमीन छीनने का प्रयास कर रही है। यह विचार भारतीय किसान यूनियन के विनोद त्यागी और कुलदीप शांडिल्य ने व्यक्त किए। द्वारिका फार्म हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि किसान तीन माह से कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री उनकी मांगों पर विचार नही कर रहे हैं। अगर देश में कृषि कानून लागू हुआ तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। प्रधानमंत्री ने 2014 में सहारनपुर में 14 दिन में गन्ने का भुगतान और गन्ने का मूल्य 425 रुपये करने की घोषणा की थी। उनके सभी दावे खोखले निकले। संवाद
थाना प्रभारी ने फसल जोतने से रोका
सरूरपुर। किसानों का कृषि कानूनों के प्रति विरोध बढ़ता जा रहा है। किसान कानूनों के विरोध में अपनी फसल खुद बर्बाद कर रहे हैं। क्षेत्र के कस्बा करनावल में किसान ने अपनी 10 बीघा गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर चलाकर उसे नष्ट करने का फैसला किया था। करनावल के किसान बलजोर पुत्र जयसिंह बुधवार सुबह ट्रैक्टर व रोटावेटर लेकर अपनी 10 बीघा गेहूं की फसल की जुताई करने गए थे। तभी इंस्पेक्टर सरूरपुर मौके पर पहुंचे और किसान को समझाया। किसान ने उनकी बात मानते हुए अपना फैसला बदल दिया। थाना प्रभारी ऋषिपाल शर्मा ने किसानों से अपील की कि वह इस तरह का कोई कदम न उठाएं। संवाद
बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं
बहसूमा। रालोद किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राममेहर सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार का बजट हर वर्ग के लिए छलावा है। सरकार के सभी वायदे खोखले साबित हो रहे हैं। केंद्र सरकार ने भी एमएसपी पर फसल खरीद कानून नहीं बनाने की कसम खा ली है। ऐसे में किसानों को अपनी लड़ाई खुद ही लड़नी होगी।
रालोद के वरिष्ठ नेता रतन सिंह का कहना है कि प्रदेश के बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं है। कर्ज में डूबे किसानों का कर्ज तक नहीं माफ किया गया। सपा के सुदेशपाल ने कहा कि बजट में केवल उद्योगपतियों को फायदा देने वाला है। किसान अरविंद खगवाल का कहना है कि आसमान छू रहे पेट्रोल, डीजल के दामों में कोई राहत नही दी गई। किसान रविंद्र नागर का कहना है कि बजट में नौजवान व किसानों के लिए कुछ नही है।