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Meerut News: हिंडन का जलस्तर बढ़ने से खेतों में घुसा पानी, फसलों पर मंडराया संकट
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सरधना। हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से जलमग्न हुई फसलें। ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदी का पानी खेतों की ओर फैलने से नदी किनारे बसे गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है, जबकि किसानों के लिए नदी पार स्थित खेतों से चारा लाना भी मुश्किल हो गया है।
क्षेत्र के गांव पिठलोकर और बपारसी के पास हिंडन का जलस्तर बढ़ने से खेत जलमग्न हो गए हैं। किसानों का कहना है कि शनिवार को जलस्तर कम होने की बजाय बढ़ गया है। जिससे सब्जी की फसल लगभग पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। धान की फसल भी प्रभावित हो रही है। सरूरपुर ब्लॉक के हिंडन किनारे स्थित कई गांव बढ़ते जलस्तर से प्रभावित हैं।
किसान इस्लाम ठेकेदार, शहादत, मुस्तफा, लियाकत, मुनव्वर प्रधान, अफसर, हारुन, सालिम और लईक ने बताया कि खेतों में पानी भरने से सब्जी की फसल पर आया फूल गल गया है। वहीं धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि लगातार बारिश से तीन माह की मेहनत पर पानी फिर गया है और आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है। किसानों ने बताया कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो ईख, ज्वार, बाजरा और चरी की फसल भी प्रभावित हो सकती है। वहीं नदी पार स्थित खेतों से पशुओं के लिए चारा लाना भी कठिन हो गया है।
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एसडीएम उदित नारायण ने बताया कि हिंडन नदी किनारे स्थित गांवों में फसलों के नुकसान का लेखपालों से सर्वे कराया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को शासन की नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
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सरधना। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदी का पानी खेतों की ओर फैलने से नदी किनारे बसे गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है, जबकि किसानों के लिए नदी पार स्थित खेतों से चारा लाना भी मुश्किल हो गया है।
क्षेत्र के गांव पिठलोकर और बपारसी के पास हिंडन का जलस्तर बढ़ने से खेत जलमग्न हो गए हैं। किसानों का कहना है कि शनिवार को जलस्तर कम होने की बजाय बढ़ गया है। जिससे सब्जी की फसल लगभग पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। धान की फसल भी प्रभावित हो रही है। सरूरपुर ब्लॉक के हिंडन किनारे स्थित कई गांव बढ़ते जलस्तर से प्रभावित हैं।
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किसान इस्लाम ठेकेदार, शहादत, मुस्तफा, लियाकत, मुनव्वर प्रधान, अफसर, हारुन, सालिम और लईक ने बताया कि खेतों में पानी भरने से सब्जी की फसल पर आया फूल गल गया है। वहीं धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि लगातार बारिश से तीन माह की मेहनत पर पानी फिर गया है और आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है। किसानों ने बताया कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो ईख, ज्वार, बाजरा और चरी की फसल भी प्रभावित हो सकती है। वहीं नदी पार स्थित खेतों से पशुओं के लिए चारा लाना भी कठिन हो गया है।
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एसडीएम उदित नारायण ने बताया कि हिंडन नदी किनारे स्थित गांवों में फसलों के नुकसान का लेखपालों से सर्वे कराया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को शासन की नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।

सरधना। हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से जलमग्न हुई फसलें। ग्रामीण