एशिया की सबसे ऊंची चोटी फतेह करने वाला रिहान बना सहारनपुर का पहला पर्वतारोही, अब है ये सपना
सहारनपुर जनपद में मरवा गांव के रिहान अली ने लद्दाख में एशिया की सबसे ऊंची ट्रैकिंग चोटी माउंट स्टॉक कांगड़ी फतेह कर सहारनपुर का पहला पर्वतारोही होने का गौरव हासिल किया। रिहान की इस उपलब्धि से उसके परिवार में खुशी की लहर है और पूरा गांव रिहान पर नाज कर रहा है। तहसील बेहट क्षेत्र के मरवा गांव निवासी रिहान अली एक बेहद गरीब परिवार से हैं। उनके पिता मजदूरी करते हैं। रिहान ने यह उपलब्धि अपने जुनून और जज्बे के साथ ही सर्व समाज के लोगों से मिली आर्थिक सहायता से हासिल की है।
बताया गया कि मंगलवार की सुबह लद्दाख से मुरादाबाद इंडियन एंड वेंचर फाउंडेशन के मुख्यालय पहुंचे रिहान ने दूरभाष पर बताया कि वह 26 अगस्त की सुबह 6 बजे लद्दाख में आठ लोगों के दल के साथ 6 हजार 153 मीटर (21 हजार फुट) ऊंची चोटी माउंट स्टॉक कांगड़ी फतेह करने निकले। 27 अगस्त को उनका पड़ाव कैंप वन पर हुआ। 28 अगस्त की शाम वह बैस कैंप टू पर पहुंचे। लगातार हो रही बर्फबारी और तापमान -10 से -15 डिग्री होने के चलते शरीर साथ नहीं दे रहा था। रास्ते की मुश्किलों से लड़ते हुए वह बैस कैंप से 30 अगस्त की शाम 7 बजे रवाना हुए और 31 अगस्त की सुबह 7 बजे उन्होंने एशिया की सबसे ऊंची ट्रैकिंग चोटी माउंट स्टॉक कांगड़ी पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और इसी के साथ सहारनपुर का पहला पर्वतारोही होने का गौरव हासिल किया। रिहान की इस उपलब्धि की खबर मिलते ही मरवा गांव में उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने रिहान के पिता कुर्बान व उसके परिवार के अन्य लोगों को बधाई दी। पूरा गांव रिहान पर नाज कर रहा है।
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पहले भी दो चोटियां फतेह कर चुका है रिहान
रिहान ने बताया माउंट स्टॉक कांगड़ी फतेह करने के दौरान लगातार बर्फबारी होती रही और तापमान-10 से -15 डिग्री के बीच रहा। उनके साथ पर्वतारोही दल में शामिल राजस्थान की 10 साल की कृष्णा और छत्तीसगढ़ की 22 वर्षीय नीशू तो लक्ष्य तक पहुंच ही नहीं पाई। वह केवल बेस कैंप तक पहुंची। ठंड के कारण उनका शरीर और दिमाग काम नहीं कर रहे थे। बर्फीली हवा के कारण उन्हें बेस कैंप में टेंट में रखना पड़ा। दल के सभी लोग दोनों की हालत देखकर डर गए, लेकिन उन्होंने हौसला नहीं तोड़ा और लगातार लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। माउंट स्टॉक कांगड़ी फतेह करने से पहले रिहान नवंबर 2018 में हिमाचल प्रदेश में शिमला के पास 8000 फुट ऊंची चोटी काली का टिब्बा और 26 मई 2019 में सोलन रेंज की 9000 फुट ऊंची करोल चोटी फतेह कर चुका है। रिहान ने बताया कि उसका अगला लक्ष्य एवरेस्ट और छह महाद्वीपों की बड़ी चोटी हैं। इसके लिए वह एडवांस कोर्स करने की तैयारी कर रहा है।
बेटे की उपलब्धि पर मां- पिता खुश
बेटे की उपलब्धि पर उसके पिता कुर्बान और मां राशिदा खुश हैं। उनका कहना है कि उसके बेटे ने गरीबी और तंगहाली से संघर्ष कर यह उपलब्धि हासिल की हैं। बेटे के सपनों को सच होते देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है और अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
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