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खुलासा : सेंसर के काम नहीं करने से गिरी अस्पताल की लिफ्ट
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मेरठ-------हापुड़ रोड चुगी के पास कैपिटल अस्पातल मे जाच के बाद सील लगती टीम----नीटू
स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, एफएसएल और तकनीकी टीम ने किया कैपिटल अस्पताल में घटनास्थल निरीक्षण
तकनीकी टीम के मुताबिक लिफ्ट का नहीं टूटा तार, सेंसर लिमिट स्विच की खामी से गई करिश्मा की जान
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। कैपिटल अस्पताल में करिश्मा की मौत और तकनीकी मुआयने में पता चला है कि सेंसर लिमिट स्विच के काम न करने के कारण लिफ्ट गिरी थी। रविवार को अस्पताल की सील खोलकर स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और एफएसएल की टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों की टीम ने इस दौरान हादसाग्रस्त लिफ्ट का तकनीकी मुआयना भी कराया।
बृहस्पतिवार को करिश्मा ने कैपिटल अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। ऑपरेशन थियेटर से वार्ड में स्ट्रेचर पर लेटाकर नीचे शिफ्ट करने के दौरान लिफ्ट टूटकर गिर गई थी। हादसे में करिश्मा की मौत हो गई थी। इस मामले में पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल मालिक राजीव अग्रवाल, कपिल त्यागी और डा. कविता भाटिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। रविवार को एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, एसीएमओ महेश चंद्रा, सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार, थाना प्रभारी विष्णु गौतम, एफएसएल टीम और लिफ्ट के टेक्निकल इंजीनियर कैपिटल अस्पताल में जांच के लिए पहुंचे।
इस दौरान एसपी सिटी ने परिजनों को भी मौके पर बुला लिया। पूरी लिफ्ट देखी गई, जिसमें वायर कहीं से भी टूटी नहीं दिखी। सेंसर देखे गए तो उसमें खामियां पाई गईं। निरीक्षण की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। टीम का कहना है कि प्रथम दृष्टया प्रतीत हुआ है कि समय पर लिफ्ट का मेंटेनेंस नहीं कराया गया है। अस्पताल मालिक से मेंटेनेंस के संबंध में साक्ष्य और बिल आदि मांगे गए हैं।
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इन बिंदुओं पर भी की जा रही जांच
एसपी सिटी ने बताया कि लिफ्ट से महिला को निकालने में समय क्यों लगा और स्टाफ और मालिक क्यों भागे। इसकी जांच के लिए पुलिस अस्पताल के डीवीआर से फुटेज निकालकर जांच कर रही है। अस्पताल में लिफ्ट किस आधार पर किससे एनओसी लेकर लगाई। किस-किस विभाग की एनओसी है। यह सब कागजात भी अस्पताल मालिकों से मांगे गए हैं।
इसके साथ ही एफएसएल टीम ने क्राइम सीन भी बनाया और उसकी पूरी वीडियो भी बनाई। जिसके बाद अस्पताल को दोबारा सील कर दिया है। एक अस्पताल का पिछला गेट खुला पाया गया, इसको भी बंद किया गया।
एसपी सिटी से बोले परिजन, आखिर कब होगी गिरफ्तारी
मौका मुआयना करने पहुंचे एसपी सिटी के पास मौके पर करिश्मा के परिजन भी पहुंच गए। करिश्मा के परिजनों ने कहा कि यूं तो पुलिस छोटे-छोटे मामलों में भी बिना जांच किए आरोपियों को जेल भेज देती है। इस मामले में पुलिस ने अभी तक आरोपियों को जेल क्यों नहीं भेजा है। एसपी सिटी ने भरोसा दिया है कि जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जबरन कराया कैपिटल अस्पताल में प्रसव
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि परिजनों ने आरोप लगाया है कि डा. कविता भाटिया ने इस अस्पताल में प्रसव कराने के लिए कहा था, लेकिन परिजन ने मना कर दिया था। इसके बावजूद जबरन कैपिटल अस्पताल में प्रसव कराया गया। इसके बाद लिफ्ट से हादसे में महिला की मौत हो गई।
अस्पताल में जांच के लिए टीम गई थी। सेंसर में खामियां मिली हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिसके बाद डीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
अशोक कटारिया, सीएमओ, मेरठ।
लिफ्ट में कई खामियां मिली हैं। लिफ्ट का तकनीकी मुआयना एसपी सिटी और फोरेंसिक टीम की निगरानी में कराया गया है। नियम अनुसार इस मामले में अस्पताल के खिलाफ की जाएगी।
डाॅ. विपिन ताडा, एसएसपी
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तकनीकी टीम के मुताबिक लिफ्ट का नहीं टूटा तार, सेंसर लिमिट स्विच की खामी से गई करिश्मा की जान
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। कैपिटल अस्पताल में करिश्मा की मौत और तकनीकी मुआयने में पता चला है कि सेंसर लिमिट स्विच के काम न करने के कारण लिफ्ट गिरी थी। रविवार को अस्पताल की सील खोलकर स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और एफएसएल की टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों की टीम ने इस दौरान हादसाग्रस्त लिफ्ट का तकनीकी मुआयना भी कराया।
बृहस्पतिवार को करिश्मा ने कैपिटल अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। ऑपरेशन थियेटर से वार्ड में स्ट्रेचर पर लेटाकर नीचे शिफ्ट करने के दौरान लिफ्ट टूटकर गिर गई थी। हादसे में करिश्मा की मौत हो गई थी। इस मामले में पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अस्पताल मालिक राजीव अग्रवाल, कपिल त्यागी और डा. कविता भाटिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। रविवार को एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, एसीएमओ महेश चंद्रा, सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार, थाना प्रभारी विष्णु गौतम, एफएसएल टीम और लिफ्ट के टेक्निकल इंजीनियर कैपिटल अस्पताल में जांच के लिए पहुंचे।
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इस दौरान एसपी सिटी ने परिजनों को भी मौके पर बुला लिया। पूरी लिफ्ट देखी गई, जिसमें वायर कहीं से भी टूटी नहीं दिखी। सेंसर देखे गए तो उसमें खामियां पाई गईं। निरीक्षण की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। टीम का कहना है कि प्रथम दृष्टया प्रतीत हुआ है कि समय पर लिफ्ट का मेंटेनेंस नहीं कराया गया है। अस्पताल मालिक से मेंटेनेंस के संबंध में साक्ष्य और बिल आदि मांगे गए हैं।
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इन बिंदुओं पर भी की जा रही जांच
एसपी सिटी ने बताया कि लिफ्ट से महिला को निकालने में समय क्यों लगा और स्टाफ और मालिक क्यों भागे। इसकी जांच के लिए पुलिस अस्पताल के डीवीआर से फुटेज निकालकर जांच कर रही है। अस्पताल में लिफ्ट किस आधार पर किससे एनओसी लेकर लगाई। किस-किस विभाग की एनओसी है। यह सब कागजात भी अस्पताल मालिकों से मांगे गए हैं।
इसके साथ ही एफएसएल टीम ने क्राइम सीन भी बनाया और उसकी पूरी वीडियो भी बनाई। जिसके बाद अस्पताल को दोबारा सील कर दिया है। एक अस्पताल का पिछला गेट खुला पाया गया, इसको भी बंद किया गया।
एसपी सिटी से बोले परिजन, आखिर कब होगी गिरफ्तारी
मौका मुआयना करने पहुंचे एसपी सिटी के पास मौके पर करिश्मा के परिजन भी पहुंच गए। करिश्मा के परिजनों ने कहा कि यूं तो पुलिस छोटे-छोटे मामलों में भी बिना जांच किए आरोपियों को जेल भेज देती है। इस मामले में पुलिस ने अभी तक आरोपियों को जेल क्यों नहीं भेजा है। एसपी सिटी ने भरोसा दिया है कि जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जबरन कराया कैपिटल अस्पताल में प्रसव
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि परिजनों ने आरोप लगाया है कि डा. कविता भाटिया ने इस अस्पताल में प्रसव कराने के लिए कहा था, लेकिन परिजन ने मना कर दिया था। इसके बावजूद जबरन कैपिटल अस्पताल में प्रसव कराया गया। इसके बाद लिफ्ट से हादसे में महिला की मौत हो गई।
अस्पताल में जांच के लिए टीम गई थी। सेंसर में खामियां मिली हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिसके बाद डीएम को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
अशोक कटारिया, सीएमओ, मेरठ।
लिफ्ट में कई खामियां मिली हैं। लिफ्ट का तकनीकी मुआयना एसपी सिटी और फोरेंसिक टीम की निगरानी में कराया गया है। नियम अनुसार इस मामले में अस्पताल के खिलाफ की जाएगी।
डाॅ. विपिन ताडा, एसएसपी