फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Retired Judge Brings Daughter Home with Drums and Trumpets After Her Divorce

Meerut: तलाक के बाद बेटी को ढोल-नगाड़ों के साथ घर लाए रिटायर्ड जज, बोले- उसका सम्मान सबसे पहले

Sat, 04 Apr 2026 11:17 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 04 Apr 2026 11:17 PM IST
सार

मेरठ में सेवानिवृत्त जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने अपनी बेटी के तलाक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे कोर्ट से ढोल-नगाड़ों के साथ घर लेकर आए। उन्होंने सामाजिक रिवाज तोड़ दिया। पिता ने कहा कि सिर्फ अपनी बेटी को सम्मान के साथ वापस लाया हूं। 

विज्ञापन
Retired Judge Brings Daughter Home with Drums and Trumpets After Her Divorce
बेटी को ढोल-नगाड़ों के साथ घर लाए सेवानिवृत्त जज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शास्त्रीनगर निवासी उत्तराखंड कैडर के सेवानिवृत्त जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी चर्चा पूरे शहर में है। अपनी बेटी प्रणिता वशिष्ठ के तलाक की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा उसे ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ कोर्ट से घर लेकर आए।

विज्ञापन


डॉ. शर्मा ने बेटी की घर वापसी को स्वाभिमान के उत्सव के रूप में बदला। कोर्ट से घर तक के रास्ते में ढोल बजाए गए नाच-गाना हुआ और बेटी को फूल-मालाएं पहनाकर उसका हौसला बढ़ाया गया। डॉ. शर्मा ने कहा कि बेटी का सम्मान ससुराल की प्रताड़ना सहने में नहीं बल्कि सिर उठाकर वापस अपने आंगन में आने में है। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट कहा मैंने कोई एलिमनी या धन-दौलत नहीं मांगी मैं सिर्फ अपनी बेटी को वापस लाया हूं। मेरी बेटी कोई सामान नहीं है कि उसे कहीं भी छोड़ दिया जाए उसका सम्मान सबसे पहले है।
विज्ञापन

सक्षम है बेटी प्रणिता

मनोविज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएट प्रणिता वशिष्ठ वर्तमान में तेजगढ़ी चौराहे स्थित प्रणव वशिष्ठ जुडिशल अकादमी में फाइनेंस डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। वर्ष 2022 में उनके भाई सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रणव वशिष्ठ का चंडीगढ़ में एक हादसे के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने से निधन हो गया। भाई की स्मृति में ही इस अकादमी की स्थापना की गई। शिक्षा और न्याय के क्षेत्र में शहर के जरूरतमंद लोगों के लिए सुगम केंद्र है।
विज्ञापन
विज्ञापन


समाज के लिए नई प्रेरणा
रिटायर्ड जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा के इस निर्णय की विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सराहना की है। शहर में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नारी सशक्तिकरण केवल भाषणों में नहीं, बल्कि ऐसे ही ठोस कदमों से आता है। डॉ. शर्मा की इस पहल ने उन अभिभावकों को नई राह दिखाई है जो सामाजिक लोक-लाज के डर से अपनी बेटियों को नरकीय जीवन जीने के लिए मजबूर छोड़ देते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed