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Meerut News: तलाक के बाद बेटी को ढोल-नगाड़ों के साथ घर लाए सेवानिवृत्त जज

Sun, 05 Apr 2026 03:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2026 03:03 AM IST
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Retired judge brings daughter home with drums and trumpets after divorce
मेरठ की बेटी के लिए पिता ने उठाया सराहनीय कदम, शहर के लोगों ने किया स्वागत कचहरी पर।
शास्त्रीनगर निवासी उत्तराखंड कैडर के सेवानिवृत्त जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी चर्चा पूरे शहर में है। अपनी बेटी प्रणिता वशिष्ठ के तलाक की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा उसे ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ कोर्ट से घर लेकर आए। प्रणिता की शादी आठ साल पहले शाहजहांपुर के जलालाबाद के गांव कोना याकूबपुर के रहने वाले सेना में मेजर गौरव अग्निहोत्री से हुई थी।
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डॉ. शर्मा ने बेटी की घर वापसी को स्वाभिमान के उत्सव के रूप में बदला। कोर्ट से घर तक के रास्ते में ढोल बजाए गए नाच-गाना हुआ और बेटी को फूल-मालाएं पहनाकर उसका हौसला बढ़ाया गया। डॉ. शर्मा ने कहा कि बेटी का सम्मान ससुराल की प्रताड़ना सहने में नहीं बल्कि सिर उठाकर वापस अपने आंगन में आने में है। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट कहा मैंने कोई एलिमनी या धन-दौलत नहीं मांगी मैं सिर्फ अपनी बेटी को वापस लाया हूं। मेरी बेटी कोई सामान नहीं है कि उसे कहीं भी छोड़ दिया जाए उसका सम्मान सबसे पहले है।
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सक्षम है बेटी प्रणिता

मनोविज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएट प्रणिता वशिष्ठ वर्तमान में तेजगढ़ी चौराहे स्थित प्रणव वशिष्ठ जुडिशल अकादमी में फाइनेंस डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। वर्ष 2022 में उनके भाई सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रणव वशिष्ठ का चंडीगढ़ में एक हादसे के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने से निधन हो गया। भाई की स्मृति में ही इस अकादमी की स्थापना की गई। शिक्षा और न्याय के क्षेत्र में शहर के जरूरतमंद लोगों के लिए सुगम केंद्र है।
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समाज के लिए नई प्रेरणा
रिटायर्ड जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा के इस निर्णय की विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सराहना की है। शहर में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नारी सशक्तीकरण केवल भाषणों में नहीं, बल्कि ऐसे ही ठोस कदमों से आता है। डॉ. शर्मा की इस पहल ने उन अभिभावकों को नई राह दिखाई है जो सामाजिक लोक-लाज के डर से अपनी बेटियों को नरकीय जीवन जीने के लिए मजबूर छोड़ देते हैं।
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