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Meerut News: सेवानिवृत्त कर्मचारियों का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन
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वित्त विधेयक में संशोधन सहित कई मांगों को लेकर दिया ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सेवा निवृत्त कर्मचारी और पेंशनर्स एसोसिएशन संगठन के पदाधिकारियों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री के नाम वित्त विधेयक में संशोधन के नाम ज्ञापन डीएम कार्यालय पर दिया।
प्रदर्शन करते हुए सतीश चंद्र त्यागी ने कहा कि वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों में तिथि के आधार पर लाभ न मिलने वाले अंश को हटाया जाए। इसके साथ ही आठवें वेतन आयोग के गठन में बारे में पेंशन पुनरीक्षण और अन्य पेंशनरी लाभों को जाेड़ा जाए और पेंशन को गैर- अंशदायी और गैर वित्त पोषित बताए गए क्लॉज संख्या एफ- तीन को हटाए जाए।
सोमवार को अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स के आवाहन पर शिक्षक, कर्मचारी और पेंशनर डीएम कार्यालय पर एकत्र हुए। उन्होंने अपनी प्रमुख तीनों मांगों को लेकर सेवा निवृत्त कर्मचारी और पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि आठवें वेतन आयोग के नोटिफिकेशन में विधेयक पेंशनरों को हानि पहुंच रहीं है। इसे वापस किया जाना चाहिए। लंबित वेतन का भी भुगतान नहीं हो हुआ था। वर्ष 2004 से पहले की पेंशन व्यवस्था गैर अंशदायी और वित्त पोषित नहीं कही जा सकती है। सोमवार को शिक्षक, कर्मचारी और पेंशनर ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन डीएम कार्यालय पर दिया। इस मौकेे पर सतीश चंद्र त्यागी, शिवशंकर सिंह, नूरुइस्लाम बनी सिंह चौहान, अशोक कुमार, धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सेवा निवृत्त कर्मचारी और पेंशनर्स एसोसिएशन संगठन के पदाधिकारियों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री के नाम वित्त विधेयक में संशोधन के नाम ज्ञापन डीएम कार्यालय पर दिया।
प्रदर्शन करते हुए सतीश चंद्र त्यागी ने कहा कि वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों में तिथि के आधार पर लाभ न मिलने वाले अंश को हटाया जाए। इसके साथ ही आठवें वेतन आयोग के गठन में बारे में पेंशन पुनरीक्षण और अन्य पेंशनरी लाभों को जाेड़ा जाए और पेंशन को गैर- अंशदायी और गैर वित्त पोषित बताए गए क्लॉज संख्या एफ- तीन को हटाए जाए।
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सोमवार को अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स के आवाहन पर शिक्षक, कर्मचारी और पेंशनर डीएम कार्यालय पर एकत्र हुए। उन्होंने अपनी प्रमुख तीनों मांगों को लेकर सेवा निवृत्त कर्मचारी और पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि आठवें वेतन आयोग के नोटिफिकेशन में विधेयक पेंशनरों को हानि पहुंच रहीं है। इसे वापस किया जाना चाहिए। लंबित वेतन का भी भुगतान नहीं हो हुआ था। वर्ष 2004 से पहले की पेंशन व्यवस्था गैर अंशदायी और वित्त पोषित नहीं कही जा सकती है। सोमवार को शिक्षक, कर्मचारी और पेंशनर ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन डीएम कार्यालय पर दिया। इस मौकेे पर सतीश चंद्र त्यागी, शिवशंकर सिंह, नूरुइस्लाम बनी सिंह चौहान, अशोक कुमार, धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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