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रिटायर्ड कैप्टन की कोठी में चलता मिला वाहन कमेला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Jul 2018 01:19 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैंट क्षेत्र में नेवी से रिटायर्ड कैप्टन के घर में वाहनों का कमेला चलता मिला। क्र ाइम ब्रांच और लालकुर्ती पुलिस ने छापा मारकर चोरी की लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। साथ ही रिटायर्ड कैप्टन के बेटे समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस लाइन में एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि 22 जुलाई को दिल्ली से एक क्रेटा गाड़ी चोरी हुई थी। ई पुलिस स्टेशन थाना मुखर्जीनगर नार्थ वेस्ट दिल्ली में चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ। दिल्ली पुलिस ने मेरठ पुलिस को सूचना दी कि चोरी हुई क्रेटा गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगा है। गाड़ी मेरठ की तरफ आ रही है। जिसके बाद एएसपी कैंट ने लालकुर्ती इंस्पेक्टर रघुराज सिंह और क्राइम ब्रांच प्रभारी जयवीर सिंह को लगा दिया। गाड़ी लालकुर्ती क्षेत्र में मिली तो पुलिस टीम ने गाड़ी का पीछा किया। गाड़ी कैंट क्षेत्र में कोठी नंबर 30 बी-1 पहुंच गई। जिसके बाद एएसपी ने पुलिस टीम के साथ कोठी की तलाशी ली।
पुलिस ने रिटायर्ड कैप्टन के बेटे से पूछताछ की तो पता चला कि यहां चोरी की गाड़ियां काटी जाती हैं। एएसपी ने बताया कि मौके से दो क्रेटा गाड़ी, छह आरसी, एक दिल्ली की पासबुक, इंजन, चेसिस नंबर से संबंधित कागजातों के अलावा हरिद्वार से चोरी हुई बुलेट मोटर साइकिल, 25 गाड़ियों की नंबर प्लेट, स्टेयरिंग लॉक, टूटे हुए शीशे, सेंट्रल लॉक की डिब्बी, सीएनजी किट, एलईडी स्क्रीन, नंबर छापने वाली दो डाई समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
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रिटायर्ड कैप्टन का बेटा है सरगना
एएसपी सतपाल सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी विकास पुत्र गुलजार बाली निवासी 30 बीआई लाइन, थाना लालकुर्ती, फैजल निवासी नूरनगर, साहबजादा निवासी समर गार्डन, आसिम निवासी किठौर, इमरान निवासी 60 फुटा रोड लिसाड़ीगेट, परवेज निवासी रजबन बाजार थाना सदर हैं। विकास के पिता नेवी से रिटायर्ड कैप्टन हैं। विकास पिता का इकलौला बेटा है, जिसने 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद एक समाचार पत्र भी निकाला था। विकास का शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में जायका नाम से रेस्टोरेंट भी है। फैजल कक्षा छह की पढ़ाई करने के बाद कपड़ों का काम करता था। साहबजादा पिता के साथ चिनाई मिस्त्री का काम करता था। आसिम आठवीं, इमरान पांचवी और परवेज दसवीं पास है।
60 हजार से एक लाख में बेचते थे
विकास ने बताया कि गाजियाबाद, नोएडा के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड से लग्जरी गाड़ियों को चोरी करते थे। चोरी के बाद तड़के पांच बजे से सुबह आठ बजे तक गाड़ियों को कैंट क्षेत्र में कोठी में लाया जाता था। उसके बाद गाड़ियों के शीशे व नंबर प्लेट बदल देते थे। लॉक सिस्टम भी पूरा बदल देते थे। विकास के घर पर ही गाड़ियों की नंबर प्लेट तैयार की जाती थी। चोरी की गाड़ियों को नेपाल के अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़, हरियाणा में बेचते थे। एक गाड़ी को 60 हजार से एक लाख रुपये में बेचा जाता था। आसिम और इमरान चोरी करते थे और उसके बाद गाड़ियों को दूसरे राज्य तक पहुंचाते थे। गाड़ी चोरी करने पर विकास 10 हजार देता था। पिछले दो साल में रिटायर्ड कैप्टन की कोठी में करीब 100 से 150 लग्जरी गाड़ियां लाई जा चुकी हैं। पिछले एक माह में ही 15 गाड़ी लाई गईं.
कैंट बोर्ड को लिखा जाएगा पत्र
एएसपी ने बताया कि कैंट इलाके में चोरी की गाड़ियां लाकर रिटायर्ड अफसर की कोठी में लाकर उनके पार्ट्स बदलकर बेची जा रही थीं। इस मामले में कैंट बोर्ड को भी पत्र लिखा जाएगा। यह कोठी एक एकड़ में बनी हुई है और चारों तरफ ऊंची-ऊंचीं दीवारें हैं।
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पुलिस लाइन में एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि 22 जुलाई को दिल्ली से एक क्रेटा गाड़ी चोरी हुई थी। ई पुलिस स्टेशन थाना मुखर्जीनगर नार्थ वेस्ट दिल्ली में चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ। दिल्ली पुलिस ने मेरठ पुलिस को सूचना दी कि चोरी हुई क्रेटा गाड़ी में जीपीएस सिस्टम लगा है। गाड़ी मेरठ की तरफ आ रही है। जिसके बाद एएसपी कैंट ने लालकुर्ती इंस्पेक्टर रघुराज सिंह और क्राइम ब्रांच प्रभारी जयवीर सिंह को लगा दिया। गाड़ी लालकुर्ती क्षेत्र में मिली तो पुलिस टीम ने गाड़ी का पीछा किया। गाड़ी कैंट क्षेत्र में कोठी नंबर 30 बी-1 पहुंच गई। जिसके बाद एएसपी ने पुलिस टीम के साथ कोठी की तलाशी ली।
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पुलिस ने रिटायर्ड कैप्टन के बेटे से पूछताछ की तो पता चला कि यहां चोरी की गाड़ियां काटी जाती हैं। एएसपी ने बताया कि मौके से दो क्रेटा गाड़ी, छह आरसी, एक दिल्ली की पासबुक, इंजन, चेसिस नंबर से संबंधित कागजातों के अलावा हरिद्वार से चोरी हुई बुलेट मोटर साइकिल, 25 गाड़ियों की नंबर प्लेट, स्टेयरिंग लॉक, टूटे हुए शीशे, सेंट्रल लॉक की डिब्बी, सीएनजी किट, एलईडी स्क्रीन, नंबर छापने वाली दो डाई समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
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रिटायर्ड कैप्टन का बेटा है सरगना
एएसपी सतपाल सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी विकास पुत्र गुलजार बाली निवासी 30 बीआई लाइन, थाना लालकुर्ती, फैजल निवासी नूरनगर, साहबजादा निवासी समर गार्डन, आसिम निवासी किठौर, इमरान निवासी 60 फुटा रोड लिसाड़ीगेट, परवेज निवासी रजबन बाजार थाना सदर हैं। विकास के पिता नेवी से रिटायर्ड कैप्टन हैं। विकास पिता का इकलौला बेटा है, जिसने 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद एक समाचार पत्र भी निकाला था। विकास का शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में जायका नाम से रेस्टोरेंट भी है। फैजल कक्षा छह की पढ़ाई करने के बाद कपड़ों का काम करता था। साहबजादा पिता के साथ चिनाई मिस्त्री का काम करता था। आसिम आठवीं, इमरान पांचवी और परवेज दसवीं पास है।
60 हजार से एक लाख में बेचते थे
विकास ने बताया कि गाजियाबाद, नोएडा के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड से लग्जरी गाड़ियों को चोरी करते थे। चोरी के बाद तड़के पांच बजे से सुबह आठ बजे तक गाड़ियों को कैंट क्षेत्र में कोठी में लाया जाता था। उसके बाद गाड़ियों के शीशे व नंबर प्लेट बदल देते थे। लॉक सिस्टम भी पूरा बदल देते थे। विकास के घर पर ही गाड़ियों की नंबर प्लेट तैयार की जाती थी। चोरी की गाड़ियों को नेपाल के अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़, हरियाणा में बेचते थे। एक गाड़ी को 60 हजार से एक लाख रुपये में बेचा जाता था। आसिम और इमरान चोरी करते थे और उसके बाद गाड़ियों को दूसरे राज्य तक पहुंचाते थे। गाड़ी चोरी करने पर विकास 10 हजार देता था। पिछले दो साल में रिटायर्ड कैप्टन की कोठी में करीब 100 से 150 लग्जरी गाड़ियां लाई जा चुकी हैं। पिछले एक माह में ही 15 गाड़ी लाई गईं.
कैंट बोर्ड को लिखा जाएगा पत्र
एएसपी ने बताया कि कैंट इलाके में चोरी की गाड़ियां लाकर रिटायर्ड अफसर की कोठी में लाकर उनके पार्ट्स बदलकर बेची जा रही थीं। इस मामले में कैंट बोर्ड को भी पत्र लिखा जाएगा। यह कोठी एक एकड़ में बनी हुई है और चारों तरफ ऊंची-ऊंचीं दीवारें हैं।