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जीवन में संयम और धैर्य अत्यंत आवश्यक : साध्वी प्रियधर्मा
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अक्षय तृतीया के अवसर पर श्वेतांबर मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु स्रोत मंदिर
- वर्षीतप पारणा महोत्सव में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। श्री श्वेतांबर तीर्थ क्षेत्र में चल रहे वर्षीतप पारणा महोत्सव के दौरान शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ भगवान की प्रभावना और पाद प्रक्षालन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
भगवान शांतिनाथ के प्रक्षाल पूजन के बाद आदिनाथ भगवान की प्रक्षाल व पूजा संपन्न हुई। अष्टापद में आदीश्वर भगवान का प्रक्षाल व पूजन, शांतिनाथ मंदिर में पंचकल्याणक पूजा, अष्टापद मंदिर में प्रभावना तथा पारणा मंदिर में आरती का आयोजन किया गया। शनिवार को साधर्मिक वात्सल्य पद का लाभ प्रीति विपिन गांधी, निर्मला बेन हाथीचंद गांधी, निधि तरुण बैद, ललिता देवी और नरेंद्र बैद सहित अन्य श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया।
धर्मसभा में साध्वी प्रियधर्मा ने प्रवचन देते हुए कहा कि व्यक्ति के जीवन में संयम और धैर्य अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि क्रोध मनुष्य के व्यक्तित्व को नष्ट कर देता है और वर्षों में बने संबंध भी क्षण भर में टूट सकते हैं। संयम उसी को प्राप्त होता है जिसके पुण्य फलित होते हैं। जीवन का लक्ष्य आवेग और आवेश को शांत करना होना चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में भी क्रोध पर नियंत्रण रखना ही सच्ची साधना है। क्रोध पर विजय प्राप्त करने वाला व्यक्ति समाज में प्रिय बनता है।
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श्रद्धालुओं ने पारणा मंदिर में आरती कर धर्मलाभ अर्जित किया। मंदिर समिति के महामंत्री शुभकांत जैन और महाप्रबंधक तेजपाल सिंह ने बताया कि रविवार को वर्षीतप करने वाले सभी तपस्वी पारणा के लिए यहां पहुंचेंगे। सोमवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर विधिवत पारणा संपन्न होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। श्री श्वेतांबर तीर्थ क्षेत्र में चल रहे वर्षीतप पारणा महोत्सव के दौरान शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ भगवान की प्रभावना और पाद प्रक्षालन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
भगवान शांतिनाथ के प्रक्षाल पूजन के बाद आदिनाथ भगवान की प्रक्षाल व पूजा संपन्न हुई। अष्टापद में आदीश्वर भगवान का प्रक्षाल व पूजन, शांतिनाथ मंदिर में पंचकल्याणक पूजा, अष्टापद मंदिर में प्रभावना तथा पारणा मंदिर में आरती का आयोजन किया गया। शनिवार को साधर्मिक वात्सल्य पद का लाभ प्रीति विपिन गांधी, निर्मला बेन हाथीचंद गांधी, निधि तरुण बैद, ललिता देवी और नरेंद्र बैद सहित अन्य श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया।
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धर्मसभा में साध्वी प्रियधर्मा ने प्रवचन देते हुए कहा कि व्यक्ति के जीवन में संयम और धैर्य अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि क्रोध मनुष्य के व्यक्तित्व को नष्ट कर देता है और वर्षों में बने संबंध भी क्षण भर में टूट सकते हैं। संयम उसी को प्राप्त होता है जिसके पुण्य फलित होते हैं। जीवन का लक्ष्य आवेग और आवेश को शांत करना होना चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में भी क्रोध पर नियंत्रण रखना ही सच्ची साधना है। क्रोध पर विजय प्राप्त करने वाला व्यक्ति समाज में प्रिय बनता है।
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श्रद्धालुओं ने पारणा मंदिर में आरती कर धर्मलाभ अर्जित किया। मंदिर समिति के महामंत्री शुभकांत जैन और महाप्रबंधक तेजपाल सिंह ने बताया कि रविवार को वर्षीतप करने वाले सभी तपस्वी पारणा के लिए यहां पहुंचेंगे। सोमवार को अक्षय तृतीया के अवसर पर विधिवत पारणा संपन्न होगा।